मारीशस में श्रीराम मंदिर का भव्य उद्घाटन

 विवेक हिन्दी  31-Jul-2017

यह बड़े ही हर्ष का विषय है कि श्री हनुमंत कृपा से मारीशस के रामायण सेंटर परिसर में नवनिर्मित श्री राम मंदिर का भव्य उद्घाटन आषाढ़ शुक्ल सप्तमी २०७४ तद्नुसार दि ३० जून २०१७ को बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ।
मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री तथा वर्तमान में वरिष्ठ परामर्श (मेंटोर) मंत्री श्री अनिरुद्ध जगन्नाथ, मारीशस गणराज्य के उपराष्ट्रपति श्री परम शिवम पिल्लई वायापुरी, मारीशस की शिक्षा मंत्री श्रीमती लीला देवी लक्ष्मण दुख्खन के करकमलों द्वारा इस मंदिर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मारीशस में भारत के राजदूत श्री अभय ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित थे।


मंदिर का उद्घाटन श्री एवं श्रीमती अनिरुद्ध जगन्नाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार तथा शंखध्वनि के बीच मंदिर के प्रवेश द्वार की अर्गला खोल कर तथा नृत्य मंडप में दीप प्राकट्य करके किया। बाद में तल माले पर स्थित सभागार में मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में मारीशस के गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों तथा विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ-साथ भारत से २०० सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल के अलावा, गियाना, दक्षिण अफ्रीका, सूरीनाम, फिजी तथा विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
भारत के प्रतिनिधियों का भगवा परिधान पूरे सभागार में एक अलौकिक दृश्य उपस्थित कर रहा था। भारत के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व मुंबई के सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं अग्रणी सामाजिक कार्यकर्ता वयोवृद्ध श्री स्वरुपचंदजी गोयल ने किया। इसमें मुंबई से श्री जुगलकिशोर जालान, श्री बनमाली चतुर्वेदी, डॉ.उमाकांत वाजपेयी, श्री सुनील सिंघल, श्री लक्ष्मीकांत सिंगड़ोदिया, जनता की पुकार के अध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल, महामंत्री श्री राजकुमार सराफ, भारत विकास परिषद के श्री नीरज गुप्ता तथा श्री विद्याधर मोरवाल, बंगलुरू से ‘आओ मेरे राम’ के बैनर तले श्री विजय बंसल, श्री नरेन्द्र रस्तोगी एवं गोविंद सेठ, श्री किशोरी लाल मोहता, श्री विनय टिबड़ेवाल, श्री सुरेन्द्र अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल दिल्ली से श्री अजय याज्ञिक, श्री यादवेन्द्र दत्त बनकरा तथा श्री प्रभातकुमार, आगरा के श्री किशन अग्रवाल, रायपुर से श्री बिशन लाल बानी तथा आर्किटेक्ट श्री सुभाष बोहिते विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर सर्वप्रथम भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के शुभकामना सन्देश पढ़े गए। बाद में मलेशिया से पधारी श्रीमती सुधा दामोदरन ने भरतनाट्यम् नृत्य द्वारा श्री राम की नृत्य स्तुति की तथा भारत के सुप्रसिद्ध सुंदरकांड गायक श्री अजय याज्ञिक ने श्री हनुमान चालीसा के सामूहिक गायन से पूरे वातावरण को भक्ति से ओतप्रोत किया।

अपने उद्घाटन भाषण को मारीशस के परामर्श (मेंटोर) मंत्री श्री अनिरुद्ध जगन्नाथ ने जयश्रीराम के घोष से प्रारंभ करते हुए कहा कि मारीशस में श्रीराम यहां के जन-जीवन के आधार हैं। राम का चरित्र प्रत्येक मारीशसवासी के दिल में बसा है इसलिए यह भव्य राममंदिर सभी के लिए प्रेरणा का केन्द्र होगा। साथ ही यह भारत मारीशस के बीच सांस्कृतिक सामाजिक सेतुबंध के रूप में कार्य करेगा।

मंत्री महोदय ने कहा कि सैकड़ों वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज इस धरती पर गिरमिटिया मजदूर के रूप में आए थे। उनके जीवन का संबल केवल तुलसी का रामचरित मानस था, जो वे अपने साथ लाए थे। राम के चरित्र से प्रेरणा लेकर ही उन्होंने मारीशस की पथरीली जमीन को अपने पुरुषार्थ से हरा-भरा कर दिया। आज मारीशस समृद्ध है, संपन्न है, यह रामजी की कृपा का प्रसाद है। श्री राजेन्द्र अरुण की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा अरुणजी ने राम मंदिर के सपने को साकार करने का जो विलक्षण कार्य किया है, उसके लिए उनका अभिवादन/अभिनंदन हमारा कर्तव्य है। भारत से आए प्रतिनिधियों का भावपूर्ण स्वागत करते हुए श्री जगन्नाथ ने कहा कि भारत के लोगों द्वारा मंदिर निर्माण में किए गए सहयोग के लिए वे सदैव आभारी रहेंगे और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीयों के सहयोग की यह उदार परंपरा आगे भी कायम रहेगी।

इससे पहले अपने स्वागत एवं प्रास्ताविक भाषण में रामायण सेंटर के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र अरुण ने मारीशस में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन की घटना को अविस्मरणीय एवं ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मारीशस में सैकड़ो वर्षों से रामचरित मानस का गायन हो रहा है, रामकथाओं का आयोजन हो रहा है, रामलीलाओं की प्रस्तुतियां की जा रही हैं, रामायण का अखंड पाठ घर-घर किया जाता है। मारीशस का हिन्दू जीवन राम से संपादित है लेकिन इतने वर्षों से भगवान राम के मंदिर से वंचित रहा है, जिसकी पूर्ति आज हो रही है, इसलिए यह दुर्लभ संयोग है। एक सपना जो वर्षों से यहां की जनता ने देखा था, वह साकार हुआ है और आज यह ऐतिहासिक अवसर अविस्मरणीय बन गया है। भारत से आए २०० सदस्यों के प्रतिनिधियों ने, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में मारीशस पधार कर मारीशस की रामभक्त जनता के आनंद को द्विगुणित किया है। अंत में श्री राजेन्द्र जी ने मारीशस की सरकार के प्रति भी आभार जताया जिन्होंने श्री राम मंदिर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत की ओर से अपने शुभकामना एवं बधाई संदेश में श्री वीरेन्द्र याज्ञिक ने श्रीराममंदिर की संकल्पना को साकार करने के लिए रामायण सेंटर के अध्यक्ष एवं मारीशस में रामायण गुरु के रूप में प्रख्यात श्री राजेन्द्र अरुण एवं उनकी विदुषी पत्नी श्रीमती वीनू बाला अरूण के अनथक परिश्रम को रेखांकित किया और कहा कि श्री राजेन्द्र अरुण अब तक तो विश्व में रामकथा के प्रवक्ता के रूप में प्रसिद्ध थे अब वे मारीशस में श्री राम मंदिर के अधिष्ठाता के रूप में भी सिद्ध हो गए हैं। भारत के राम भक्तों के योगदान का उल्लेख करते हुए श्री याज्ञिक ने उन सभी महानुभवों तथा व्यक्तियों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की जिन्होंने रामायण सेंटर के राम मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया है। मारीशस की जनता का भी आभार माना जिन्होंने भारत को सेवा देने का अवसर प्रदान किया।

इस अवसर पर मारीशस के उपराष्ट्रपति महोदय द्वारा श्री स्वरूपचंद गोयल, श्री वीरेंद्र याज्ञिक, श्री अजय याज्ञिक, श्री एस.पी.गोयल, श्री कैलाश जालान, श्री सुभाष चौधरी, श्री जुगल सिंघल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, श्री नीरज गुप्ता, दिल्ली के श्री योगेश अग्रवाल, श्री यादवेन्द्र दत्त बनफटा, श्री प्रभात कुमार, बंगलुरू के श्री विजय बंसल, श्री नरेन्द्र रस्तोगी तथा श्री गोविंद सेठ का अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। बाद में रामायण सेंटर की एक स्मारिका का विमोचन उपराष्ट्रपति महोदय द्वारा किया गया। साथ ही भारत के श्री उमाकांत वाजपेयी के कहानी संग्रह ‘बैंड बाजा और बुलेट’ का भी लोकार्पण हुआ।

उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात श्री अजय याज्ञिक द्वारा ग्यारह हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से ग्यारह सौ दीपक से दीप यज्ञ संपन्न हुआ और उन दीपों से पूरे मंदिर को सजाया गया। मंदिर की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा वाराणसी के आचार्य श्री चन्द्रमौलि उपाध्याय एवं उज्जैन के आचार्य श्री जगदीश भट्ट द्वारा संपन्न कराई गई।