आज के मुख्य आकर्षण

विकास का संपोषक राष्ट्रवाद - नितिन गडकरीहिंदी विवेक

‘‘विवेक संवाद के द्वारा मुंबई में आयोजित संगोष्ठी में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी ने बैंकिंग, फायनांस और सरकार के सम्बंध में अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। उन विचारों के कुछ अंश पाठकों के लिए यहां प्रस्तुत किए गए हैं। ’&rsqu..

भारतीयत्व की विस्मृति ही "इंडिया" हैअमोल पेडणेकर

भारतीय चिंतन पूरे विश्व को हमारी देन है। इसे पहले और आज भी स्वीकार किया जा रहा है। फिर भी, हम अपने ही देश और अपने ही राजनीतिक उत्तराधिकारियों के बीच गत ७० सालों से बहिष्कृत क्यों हैं? यह एक यक्ष प्रश्न है कि, क्या आज का ‘इंडिया’ बौद्धिक गुलामी..

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी - कश्मीर के लिए बलिदानहिंदी विवेक

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्म एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में ६ जुलाई १९०१ को हुआ था। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल के एक जाने-माने वकील थे, जो कालांतर में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। उनकी माता का नाम था योजमाया देवी मुखर्जी। जिनकी..

विकास का ‘रोल मॉडल’ गुजरातअमोल पेडणेकर

मा. श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले तीन वर्षों में गुजरात की प्रगति कैसी रही और विभिन्न क्षेत्रों में उसने क्या मानक स्थापित किए इस पर मा. मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी जी से हुई विस्तृत बातचीत के महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत है। इस बात..

राजनीतिक शुचिता के पुरोधा पं. दीनदयाल उपाध्यायभारतचद्र नायक

पं. दीनदयाल के लिए राजनीतिक अस्तित्व से अधिक राजनीतिक शुचिता और अस्मिता की चिंता जीवन पर्यन्त रही और उन्होंने सीना ठोंककर उसे सफलीभूत किया, क्योंकि उनके लिए सिद्धांत अमूल्य थे, राजनीति उनके लिए सफलता-विफलता का दर्पण नहीं थी। पंडितजी के इस जन्मशती वर्ष पर ..

बल्लेबाजों ने दिया इंग्लैंड को धोखा, पाकिस्तान को मिला फाइनल खेलने का मौकादिवाकर सिंह

  चैंपियंस ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में कल पाकिस्तान ने इंग्लैंड को चौकाते हुए 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली,जहां उसका मुकाबला 18 जून को आज भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।अब तक टूर्नामेंट में अपने बल्..

३०० के क्लब में सिक्सर किंग युवीदिवाकर सिंह

  १५ जून को चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफइनल मैच में जब टीम इंडिया अपनी विपक्षी टीम बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतारेगी,तो यह मैच दो मायनों में बेहद ही महत्वपूर्ण होगा। पहला ये कि टीम इंडिया उस मैच को जीतकर फाइनल में प्रवेश करने के लिए दम लगाएग..

खराब क्षेत्ररक्षण ने डुबोई श्रीलंका की लुटिया पाकिस्तान सेमीफाइनल मेंदिवाकर सिंह

  चैंपियंस ट्रॉफी के आखिरी लीग मैच और यह अहम मुकाबले में कल पाकिस्तान ने श्रीलंका को 3 विकेट से मात देते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।श्रीलंका यह मैच पाकिस्तान के खिलाड़ियों की वजह से नही,बल्कि उसी के खिलाड़ियों द्वारा मैच में किये गए बेहद खर..

भारत शान से पहुचा सेमीफाइनल मेंदिवाकर सिंह

साउथ अफ्रीका पर 'चोकर्स' का जो धब्बा लगा था,वह अब भी जारी रहा।अफ्रीका पर यह धब्बा इसलिए लगा था कि जब कोई महत्वपूर्ण मैच होता है और उसमें करो या मरो का मुकाबला होता है तो वह उस दबाव को झेल नही पाती।कुछ ऐसा ही चैंपियंस ट्रॉफी के भारत के खिलाफ हुए मुकाबले ..

न्यूजीलैंड आउट,बांग्लादेश इनदिवाकर सिंह

  कहते हैं क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और तब तक कोई अंदाजा लगाना बेमानी है,जब तक कि आखिरी गेंद न फेंक दी जाए ।यह कहावत चैंपियंस ट्रॉफी में कल न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच हुए मैच में फिर से साबित हो गई।जिस बांग्लादेश को टूर्नामेंट की सबसे कम..

भारत-श्रीलंका मैच : धीमी बल्लेबाजी और घटिया गेंदबाजी ने डुबोई लुटियादिवाकर सिंह

  जिस चीज का डर था वही कल घटित हुआ। चैंपियंस ट्रॉफी में कमजोर मानी जा रही श्रीलंका की टीम ने आखिर एक बड़ा उलटफेर कर दिया और खुद के सेमीफाइनल में पहुचने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।गुरुवार को ओवल में खेले गए एक महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रीलंकाई टीम न..

शानदार गेंदबाजी ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुचने की उम्मीद रखी बरकरारदिवाकर सिंह

  जैसा कि हमने कल के लेख में ही जिक्र किया था कि अगर पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुचने की उम्मीद बरकरार रख सकता है तो वह है उसकी मजबूत गेंदबाजी।हुआ भी वही,भारत के लय ने दिखने वाली पाकिस्तानी गेंदबाजी साउथ अफ्रीका के खिलाफ बिल्कुल लय में नज़र आई।पाक..

एक-दूसरे पर निर्भर हैं ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंडदिवाकर सिंह

  एक-दूसरे पर निर्भर हैं ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड1 जून से शुरू हुई चैंपियंस ट्रॉफी अपने बीच के पड़ाव पर पहुच चुकी है।टूर्नामेंट में शामिल हर टीम सबसे सेमीफाइनल में जगह बनाने को कोशिशों में लगी हुई है।लेकिन इस टूर्नामेंट में दो ऐसी टीमें भी हैं जिन..

भारत वर्सेज पाकिस्तान मैचदिवाकर सिंह

  युवी की तेज तर्रार पारी रही मैच का 'टर्निंग पॉइंट'चैंपियंस ट्रॉफी के सबसे रोमांचक और हाई वोल्टेज मैच में कल भारत ने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 124 रन से करारी शिकस्त दी।भारत की इस जीत में वैसे तो कई खिलाड़ियों की शानदार पारियां शामिल थी,लेकिन य..

अनुभवहीन बल्लेबाजी ने डुबोई श्रीलंका की लुटियादिवाकर सिंह

जैसा कि कहा जा रहा था कि बदलाव के दौर से गुज़र रही श्रीलंका की टीम इस बार की चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब की दावेदारों में शामिल नही है।इसके पीछे की वजह साउथ अफ्रीका के साथ हुए मैच में सामने भी आ गई।टीम में शामिल ज्यादातर नए खिलाड़ियों में बल्लेबाजी की अनुभव..

तीन तिगाड़ा,काम बिगाड़ा ड्रा मैच में चमके विलियमसन और हेज़लवुडदिवाकर सिंह

चैंपियंस ट्राफी के दूसरे मैच में एक ही महाद्वीप की दो टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी,लेकिन उस उम्मीद को बारिश ने तीन बार खलल डालकर तोड़ दिया और मैच को अंत मे रद्द करना पड़ा।इस मुकाबले को देखने पहुचे दर्शकों को मायूसी हाथ लगी और तीन बार बारिश क..

मोदी सरकार के तीन सालडॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

नरेन्द्र मोदी ने भारतीय राजनीति को बदलने और महात्मा गांधी के उपरांत पहली बार उसे फिर से सामाजिकता और रचनात्मकता से जोड़ने की पहल की है। आम आदमी की अहमियत फिर से कायम हो रही है। नैराश्य का माहौल खत्म हो चुका है और भविष्य सुनहरा दिखाई दे रहा है। मोदीजी के ..

मां के किरदारों से लोकप्रिय हुई अभिनेत्री रीमा लागू नहीं रहींहिंदी विवेक

हंसती-मुस्कुराती खुशमिज़ाज मां के किरदारों से लोकप्रिय हुई अभिनेत्री रीमा लागू नहीं रहीं। बॉलिवुड और टीवी जगत की मशहूर ऐक्ट्रेस और पर्दे पर सबसे प्यारी मां का किरदार निभा चुकीं रीमा लागू का निधन हो गया। खबर है कि बीती रात को हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौ..

भगवान परशुरामनिशांत मल्होत्रा

'परशु' प्रतीक है पराक्रम का। 'राम' पर्याय है सत्य सनातन का। इस प्रकार परशुराम का अर्थ हुआ पराक्रम के कारक और सत्य के धारक। शास्त्रोक्त मान्यता तो यह है कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, अतः उनमें आपादमस्तक विष्णु ही प्रतिबिंबित होते हैं । परंतु '..

मशहूर अभिनेता और पूर्व सांसद विनोद खन्ना का निधनहिंदी विवेक

पिछले कुछ समय से मुंबई के अस्‍पताल में भर्ती बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और पूर्व भाजपा सांसद विनोद खन्ना का निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। विनोद खन्‍ना का 70 साल की उम्र में निधन हुआ है। फिल्‍मों से लेकर राजनीति, विनो..

दोगली मीडियापल्लवी अनवेकर

केरल में कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं के द्वारा किए गए हिंसाचार के विरोध में ‘फोरम अगेंस्ट कम्युनिस्ट टेरर’ की ओर से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया गया। जगह-जगह इस हिंसाचार और केरल के कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं के विरोध में नारे लगाए गए, हजारों लो..

चिपलूण से दिल्ली तक पहुंची ‘ताई’पल्लवी अनवेकर

राजनीति में महिलाओं की सहभागिता बढ़ रही है, मगर जिस मात्रा में बढ़नी चाहिए थी, वैसी नहीं बढ़ी है। आज महिला किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है... महिला को भी भगवान ने वही बुद्धि दी है, वही काम करने की शक्ति दी हुई है, वही समझ दी है, जो एक पुरुष को दी है। महिल..

जम्मू-कश्मीर में तीर्थ यात्रा का पुनर्जागरण इन्द्रेश कुमार

सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर के भौगोलिक एवं सभ्यता की दृष्टि से वर्तमान में चार भाग हैं- जम्मू, कश्मीर, लद्दाख व पाक- अधिक्रांत कश्मीर। वैसे तो चीन-अधिक्रांत लद्दाख भी जम्मू-कश्मीर का एक भू-भाग है। इन सब क्षेत्रों की परिस्थितियां, रचना व समाज-जीवन भिन्न है। सम..

रास्ते और गढ्ढों से परे जाकर मुंबई का विकास आवश्यक : पूनम महाजनहिंदी विवेक

मुंबई का विकास देश की अर्थव्यवस्था के विकास हेतु बहुत आवश्यक है. इस दृष्टीसे मुंबई में ‘इंटरनॅशनल फायनॅन्स सेंटर’ की स्थापना की जा रही है. बुलेट ट्रेन और कोस्टल रोड के माध्यम से मुंबई के विकास का व्हिजन भारतीय जनता पार्टी ने रखा है. गढ्ढों औ..

विशेष लेख: विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक आचार्य गिरिराज किशोरनिशांत मल्होत्रा

विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक आचार्य गिरिराज किशोर जी का जीवन बहुआयामी था। उनका जन्म चार फरवरी, 1920 को एटा (उत्तर प्रदेश) के मिसौली गांव में श्यामलाल जी एवं अयोध्यादेवी जी के घर में मंझले पुत्र के रूप में हुआ। हाथरस और अलीगढ़ के बाद उन्होंने आगरा से ..

बजट से खुलेंगे विकास के नए रास्ते कृष्णमोहन झा

लोकसभा में वित्त वर्ष 2017-18 के लिए पेश किए गए आम बजट के साथ ही एक इतिहास भी जुड़ गया। 9& साल में पहली बार ऐसा हुआ कि रेल बजट, आम बजट के साथ पेश किया गया। मोदी सरकार के कार्यकाल में हुई नोटबंदी के बाद जो कयास लगाए जा रहे थे कि बजट भी कुछ नया होगा व..

विकास और पर्यावरण में टकराव न होअमोल पेडणेकर

मुझे लगता है पर्यावरण प्राण जैसा है। जैसे शरीर में प्राण अनिवार्य है; प्राणों के बगैर शरीर संभव नहीं है और प्राण की उपस्थिति सामान्यतः लोगों को अनुभव इसलिए नहीं आती क्योंकि वह सहज प्राप्त होता है। लेकिन प्राण की शुद्धता, प्राण की उपलब्धता, अनुभव, ये सब महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है पर्यावरण उसी प्रकार है।..

हमें किरण-किरण जोड़कर नया सूरज बनाना होगा।निशांत मल्होत्रा

हमारी मातृभूमि भारत लंबे समय तक ब्रिटीश शासन की गुलाम रही जिसके दौरान भारतीय लोग ब्रिटीश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों को मानने के लिये मजबूर थे, भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद अंतत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली। ..

नहीं रहे महान अभिनेता ओम पुरी: 66 की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधनहिंदी विवेक

ओम पुरी एक असाधारण नायक जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से कई दशकों तक बॉलीवुड में राज किया, आज ओम हमारे बीच नहीं रहे। अभाव और संघर्ष में बचपन और जवानी गुजारने वाले ओमपुरी की जिंदगी सभी के लिए प्रेरणा है। महान अभिनेता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित ..

टीजेएसबी बैंक डिजिटल बैंकिंग की ओर अग्रसरहिंदी विवेक

टीजेएसबी सहकारी बैंक भारत की प्रमुख सहकारी बैंको में से एक है। बैंक विगत ४६ वर्षों से अपने ग्राहकों का विश्वास जीत कर उनकी सेवा के लिए हमेशा तत्पर रही है। बैंक के पास अपने ग्राहकों को देने लिए लगभग सभी प्रकार के डिजिटल प्रोडक्ट जैसे ई-बैंकिंग, आएमपीएस, ..

ग्राम विकास की अनूठी पहलप्रमोद कुमार सैनी

यह बात स्वीकार करनी ही पड़ेगी कि सरकारों के भरोसे गांवों का विकास नहीं हो सकता है। विकास के कुछ बड़े काम तो सरकार ही कर सकती है, लेकिन कुछ गतिविधियों के लिए समाज को ही उठ कर खड़ा होना होगा। यदि गांव में जन्मे और शहरों में नौकरी अथवा व्यवसाय करने वाले लोग इ..

सांसद आदर्श ग्राम योजनाविश्वदीप सिन्हा

गांधी जी कहा करते थे कि ‘‘भारत गांवों में बसता है। ’’ यह बिल्कुल सच है कि आज़ादी की सत्तरहवीं वर्षगांठ के बावजूद आज भी, हमारी दो-तिहाई आबादी गांवों में बसती है। गांधी जी का सपना ऐसे गांवों का था, जहां स्वराज (अपना राज), सुराज (अच्..

जांबाज जवान तुम्हें सलामप्रवीण दुबे

यूं तो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दशहरा अभी 10 दिन दूर है, लेकिन जिस प्रकार हमारी सेना के जांबाज कमांडो ने पाकिस्तान के घर में घुसकर 38 आतंकवादियों को ढेर किया है, भारत में दशहरे की शुरुआत हो गई है। जिस प्रकार भगवान राम ने दूर देश में छुपी बैठी र..

गांधी और सुशासनदीपंकर श्रीज्ञान

उससे उन करोड़ों लोगों को स्वराज्य मिल सकेगाजिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है?’ भारत को आज़ाद हुए एक लम्बा अरसा बीत चुका है| आज़ादी के साथ-साथ लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी देश के नवनिर्मित नेतृत्व के हाथों में आ पड़ी| उस समय देश..

मित्रता दिवस विकास का दिशा-सूचक यंत्र हैललित गर्ग

हमारे देश में अन्तर्राष्ट्रीय दिवसों का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। प्रायः हर माह का प्रथम रविवार किसी-न-किसी दिवस से जुड़ा होता है। अगस्त का प्रथम रविवार अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। वार्तमानिक परिवेश में मानवीय संवदेनाओं एवं आपसी र..