हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

शरिया कानून को नही मानते मुस्लिम देश

सन 1930 में 28 मार्च के दिन तुर्की के बहुत से शहरों का नाम बदला गया. इसी दिन से राजधानी ‘अंगोरा’ को ‘अंकारा’ और ‘कॉन्सटांटिनोपल’ का नाम बदल कर ‘इस्तांबुल’ कर दिया गया.

    तुर्की के इन दो सबसे बड़े शहरों का नाम बदलना देश के आधुनिकीकरण के लिए उठाए जा रहे तमाम कदमों में से एक था. इसका श्रेय आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क को दिया जाता है. तुर्की की सेना के जनरल कमाल अतातुर्क ने देश को एक आधुनिक और समृद्ध देश के तौर पर खड़ा कर तेजी से बदलते विश्व में तुर्की के लिए जगह बनाई. दुनिया के बहुत से देशों ने खुद को धार्मिक आधार पर पहचान से जोड़ा जबकि अतातुर्क ने तुर्की को यूरोपीय मॉडल पर आधारित देश बनाया. वह तुर्की भाषा बोलने वालों को यूरोपीय मॉडल पर बने आधुनिक राज्य में बदलने में कामयाब रहे.

तुर्की में पुरुषों और महिलाओं के लिए 1933 में ही मताधिकार लागू किया गया. उन्होंने एक ऐसे संविधान की नींव रखी जो साफ तौर पर इस्लामी कानून जैसा नहीं था. नए संविधान में इस्लामी पोशाक, बहुविवाह पर पाबंदी और शराब बेचने की इजाजत थी. इस तरह तुर्की दुनिया का अकेला ऐसा मुस्लिम बहुमत वाला देश बना जो कि धर्मनिरपेक्ष है. ये एक लोकतांत्रिक गणराज्य है जिसके एशियाई हिस्से को अनातोलिया और यूरोपीय हिस्से को थ्रेस कहते हैं.

 

28 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 

  • अकबरने मालवा की राजधानी सांरगपुर पर 1561 में हमला कर बाजबहादुर को हरा दिया।
  • हॉलैंड में 1572 में स्पेन के सेना कमांडर के अत्याचारों के विरुद्ध जनान्दोलन आरंभ हुआ।
  • पोलैंड का सन 1795 में विभाजन हुआ।
  • सन 1809 में हुए मेडलिन युद्ध मेंफ्रांस के हाथों स्पेन की हार हुई।
  • फ्रांसऔर ब्रिटेन ने 1854 में रूस के खिलाफ क्रीमिया युद्ध की घोषणा की।
  • विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप 1891 में आयोजित।
  • सन 1917 में प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान महिलाओं की सेना सहायक कोर की स्थापना हुई।
  • अमेरिकी आविष्कारक ब्रेडली ए. फिस्के ने 1922 में माइक्रोफिल्म पठन यंत्र का पेटेंट कराया।
  • सन 1930 में तुर्की के कई शहरों का नाम बदल दिया गया जिसमे अंगोरा और कांस्टेंटिनाेपल ने अपना नाम बदलकर क्रमश: अंकारा और इस्तांबुल कर लिया।
  • सन 1939 में स्पेन में गृहयुद्ध समाप्त हुआ।
  • जर्मनीके तानाशाह हिटलर ने पोलैंड के साथ एक दूसरे पर आक्रमण नहीं करने संबंधी पांच साल पुराने समझौते को 1939 में तोड़ा।
  • नेताजीसुभाष चंद्र बोस 1941 में नजरबंदी से बचकर बर्लिन पहुँचे।
  • चीन ने 1959 में तिब्बत की सरकार भंग की और पांचेन लामा को पदासीन किया।
  • रूस और अमेरिका के बीच 1963 में शीत युद्ध हुआ।
  • इंग्लैंड के पास 1964 में पहला समुद्री डाकू रेडियो स्टेशन बना।
  • डॉक्टरमार्टिन लूथर किंग ने 1965 में काले अमेरिकियों के अधिकारों के लिए एलाबामा की राजधानी मॉटगुमरी में 25 हजार लोगों के साथ मार्च निकाला।
  • तत्कालीन सोवियत रूस ने 1972 में परमाणु परीक्षण किया।
  • मोरारजी देसाईने 1977 में भारत में सरकार बनायी।
  • वेस्टइंडीज के कोर्टनी वाल्स ने 2000 में 435 विकेट लेकर कपिल देव का रिकार्ड तोड़ा।
  • इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 2005 में आये शक्तिशाली भूकम्प से भारी तबाही।
  • अमेरिकाने 2006 में पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद किया।
  • सन 2013 में इंटरनेट पर इतिहास का सबसे बड़ा हमला हुआ।
  • सायना नेहवाल2015 में दुनिया की नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।

28 मार्च को जन्मे व्यक्ति 

  • प्रसिद्ध रूसी साहित्यकार मैक्सिम गोर्की का 1868 में जन्म हुआ।
  • गणितज्ञ, हिंदी विश्वकोश के संपादक तथा हिंदी में वैज्ञानिक साहित्य के बहुप्रतिभ लेखक गोरख प्रसाद का 1896 में जन्म हुआ।
  • भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता एबिय जे जोस का 1972 में जन्म हुआ।
  • भारतीय अभिनेत्री सोनिया अग्रवाल का 1982 में जन्म हुआ।
  • पॉप गायिका लेडी गागा का 1986 में जन्म हुआ।

28 मार्च को हुए निधन 

  • सन 1552 में सिक्खों के दूसरे गुरु का गुरु अंगद देव का निधन।
  • सन 1941 में भारतीय पुलिस आयुक्त का कावासजी जमशेदजी पेटिगारा निधन।
  • सन 1943 में स्वतंत्रता कार्यकर्ता एस सत्यमूर्ति का निधन।
  • सन 1959 में दक्षिण भारत के एक प्रमुख राजनैतीक कार्यकर्त्ता काला वेंकटराव का निधन।
  • सन 1969 में सं.रा. अमेरिकाके पूर्व राष्ट्रपति आइजनहावर का निधन।
  • सन 2006 में भारतीय दार्शनिक वेथाथिरी महर्षि का निधन।
  • सन 2006 मेंहरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतन्त्रता सेनानी बंसीलाल का निधन।
  • सन 2008 में आस्कर विजेता व पटकथा लेखक ऐबीमैन का निधन।

28 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

  • राष्ट्रीय नौवहन दिवस।

 

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu

विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

स्वंय के लिए और अपने परिजनों के लिए ग्रंथ का पंजियन करें!
ग्रंथ का मूल्य 500/-
प्रकाशन पूर्व मूल्य 400/- (30 नवम्बर 2019 तक)

पंजियन के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें

%d bloggers like this: