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 बॉलिवुड की टे्रजडी क्वीन

लगता ही नहीं कि उनकी जुदाई उनकी जिंदगी से लंबी हो चुकी है. भारतीय फिल्मों की महान अदाकारा मीना कुमारी आज ही के दिन 1972 में गुजर गईं और उस वक्त उनकी उम्र थी, सिर्फ 39 साल.

पाकीजा रिलीज हुए कुछ हफ्ते ही हुए थे कि मीना कुमारी बुरी तरह बीमार पड़ गईं. उनके लीवर में तकलीफ थी और किस्से हैं कि इसकी वजह जरूरत से ज्यादा शराब थी. फिल्म तो खूब चल निकली. साहिबजां यानि मीना कुमारी और सलीम अहमद खान (राजकुमार) के इश्क के चर्चे हर जुबान पर थे और ट्रेन में गुजरते वक्त तो जेहन में जरूर कौंधता था, “आपके पांव देखे, बहुत हसीन हैं.. उन्हें जमीन पर मत उतारिएगा, मैले हो जाएंगे.”

बैजू बावरा, दिल अपना और प्रीत पराई और भाभी की चूड़ियां जैसी दर्जनों फिल्मों की कामयाबी ने मीना कुमारी को बॉलीवुड की ट्रेजडी क्वीन बना दिया. हुस्न पर उनकी अदाकारी भारी पड़ती थी या अदाकारी पर हुस्न, इस पर तो अब भी बहस हो सकती है. लेकिन हुस्न और अदाकारी के बीच उनकी तन्हाई और खामोशी किसी को नहीं दिखी. 15 साल बड़े शादीशुदा कमाल अमरोही पर जब मीना का दिल आया, तो वह सिर्फ 19 की थीं. फिर भी दोनों ने शादी की. कहते हैं कि दोनों की शख्सियत इतनी बुलंद थी कि एडजस्ट करना दूभर हो गया और आठ साल बाद दोनों अलग हो गए. मीना के दिल से कमाल नहीं निकल पाए. फिर प्यार की कमी प्याले से भरने की कोशिश की.

कमाल भी कम परेशान न थे. तलाक हो चुका था पर चाहत नहीं घटी थी. 1964 में दोनों ने फिर शादी कर ली. लेकिन तब तक प्यार में प्याले की गांठ लग चुकी थी. मीना कुमारी नशे के आगोश में ऐसी बह चुकी थीं कि कमाल अमरोही बताते हैं कि “घर के बाथरूम में डिटॉल की शीशी में भी ब्रांडी भरी होती थी”. अमरोही ने कई शीशियां हटाईं, मीना को लेकर ख्वाबों की फिल्म पाकीजा पूरी की, भले ही इसमें 16 साल क्यों न लग गए हों. ब्लैक एंड व्हाइट गानों को दोबारा रंगीन में शूट क्यों न किया गया. लेकिन मीना की जिंदगी की रंगत शराब के आस पास ही सिमट कर रह गई.

पाकीजा रिलीज होते ही भारतीय दर्शकों के मन में छा गई. पर 126 मिनट की इस फिल्म की कामयाबी देखने मीना कुमारी 126 दिन भी जिंदा नहीं रह पाईं. उधर “ठारे रहियो ओ बांके यार” पर दुनिया झूम रही थी, इधर मीना कुमारी का सफर 31 मार्च, 1972 को ठहर गया. अगला पड़ाव मुंबई के पास मझगांव का कब्रिस्तान था, जहां अगले दिन माहजबीं बानो यानि मीना कुमारी को लिटा दिया गया.

आज के इतिहास की अन्य प्रमुख घटनाएं

  • भारत में 1774 में डाक सेवा का पहला कार्यालय खुला।
  • मुंबई में 1867 में प्रार्थना समाज की स्थापना हुई।
  • अमेरिका में 1870 में पहली बार किसी अश्वेत नागरिक ने वोट दिया।
  • फ्रांस में एफिल टावर को 1889 में आधिकारिक रुप से खोला गया।
  • अमेरिका ने 1917 में डेनिश वेस्ट इंडीज खरीदा और उसका नाम वर्जिन आइलैंड रखा।
  • रॉयल ऑस्‍ट्रेलिया एयरफोर्स की 1921 में स्‍थापना हुई।
  • बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को 1959 में तिब्बत से निर्वासन के बाद भारत में शरण दी गई।
  • बंबई में 1964 में इलेक्ट्रिक ट्राम आखिरी बार चली।
  • सोवियत रूस ने 1966 में पहला चंद्रयान लूना10 लांच किया।
  • माल्टा ने 1979 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • कोलंबिया के शहर पोपायन में 1983 में आए विनाशकारी भूंकप में 500 लोगों की मौत हुई।
  • वासलेव क्लार्क को 1997 में नया नाटो सैनिक कमांडर नियुक्त किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2005 में उत्तर कोरिया को अनाज की आपूर्ति रोकी।
  • विश्व तैराकी चैम्पियनशिप में माइकल फ़ेल्प्स ने 2007 में छह स्वर्ण हासिल किये।
  • पाकिस्तानी वायुसेना की बस के पास 2008 में बम विस्फोट में 12 लोग मारे गए।
  • जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक 2011 में भारत की आबादी बढ़ कर 121 करोड़ (1 अरब 21 करोड़) हो गई है। दस साल पहले हुई गणना के मुकाबले यह 17.64 फ़ीसदी ज़्यादा है।

31 मार्च को जन्मे व्यक्ति

  • 1504 में सिक्खों के दूसरे गुरु गुरु अंगद देव का जन्म हुआ।
  • 1865 में भारत की प्रथम महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी का जन्म हुआ।
  • 1860 में हिन्दी के उत्कृष्ट लेखकों में से एक रमा शंकर व्यास का जन्म हुआ।
  • 1922 में अमेरिकी अभिनेता और गायक रिचर्ड काइली का जन्म हुआ।
  • 1934 में अंग्रेज़ी और मलयालम की प्रसिद्ध लेखिका कमला दास का जन्म हुआ।
  • 1938 में भारत की प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ तथा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का जन्म हुआ।
  • 1945 में प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का जन्म हुआ।
  • 1987 में भारतीय ग्रैंडमास्टर शतरंज कोनेरू हंपी का जन्म हुआ।

31 मार्च को हुए निधन

  • महान भौतिकशास्त्री आइजैक न्यूटन का 1727 में निधन।
  • 1930 में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक श्यामजी कृष्ण वर्मा का निधन हुआ।
  • 1931 में भारत के विशिष्ठ निबंधकारों में से एक पूर्णसिंह का निधन हुआ।
  • 1972 में भारतीय अभिनेत्री मीना कुमारी का निधन हुआ।
  • 2002 में भारतीय महिला कार्यकर्ता मोतुरु उदयन, का निधन हुआ।
  • 2009 में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति रॉल अलफोन्सिन का निधन हुआ।

 

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