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लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज शुरू हो गया है। देश के 18 राज्यों एवं 2 केंद्रशासित प्रदेशों की 91 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। 2019 का लोकसभा चुनाव मोदी सरकार और देश के नागरिकों की जागरुकता, संवेदनशीलता, समझदारी एवं दुरदर्शिता की भी परीक्षा ले रहा है। अभी हाल ही में इजराईल में संपन्न हुए चुनाव परिणाम से भारतीय नागरिकों को बहुत कुछ सिखना चाहिए। प्रधानमंत्री नेतन्याहु को हराने के लिए सारे विपक्षी दलों ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और जोरदार मुहिम शुरू कर चुनाव में कड़ी टक्कर देने का प्रयास किया। लेकिन इजराईली जनता ने देशहित एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक प्रधानमंत्री नेतन्याहु को 5 वीं बार बहुमत प्रदान कर विजयी बनाया और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की। देश को शक्तिशाली और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय जनता भी मजबूत सरकार चुनेगी या स्वार्थ,लालच, पुर्वाग्रह और दलगत क्षेत्रीय राजनीति से प्रेरित होकर देशहित को तिलाजंली देगी? क्या इतिहास से सबक लेकर अपना और अपनी आनेवाली पीढ़ी का वर्तमान व भविष्य सुरक्षित करने हेतु देश की जनता एकजुट होकर मतदान करेगी? क्या भारत की जनता राष्ट्रवाद और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक नए सशक्त भारत का निर्माण करेगी? अपनी बेबाक राय दे …

This Post Has 2 Comments

  1. मैं सहमत हूँ कि यह घोषणा राष्ट्र्घाती है । इतना ही नहीं AFSPA तथा धारा ३७० एवम् ३५A से साम्प्रदायिक हिंसा बिल इत्यादि पर कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र सर्वथा राष्ट्रद्रोही है और इस आधार पर कांग्रेस और उसकी सहयोगी समान विचार वाली पार्टियों की मान्यता रद्द की जानी चाहिए क्योंकि समग्र भारतीय प्रायद्वीप कांग्रेस और नेहरू गांधी की अकर्मण्यता और कुत्सित मानसिकता के दुष्परिणामों का दंश झेल रहे हैं । कश्मीर समस्या समस्त विश्व को विराट हिंसा की त्रासदी थोपने वाला परमाणु बम हाई सिद्ध होगा । मूर्ख और कपटी कांग्रेसी नेता क्षुद्र आत्मघाती राजनीति कर रहे इसे संविधान की सहायता से तत्काल रोका जना चाहिए ।

  2. जिस देश की राजनीतिक पार्टी घर बैठे देश वासियों को साल के 72 हजार देने का वादा करती हो उस देश मे ये सम्भव हो सकता है क्या ??????

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