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श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाकों (आतकंवादी हमले) के बाद एक बार फिर से दुनिया का ध्यान नरभक्षी दानव आतंकवादियों की ओर गया है।सिलसिलेवार 8 बम धमाकों में 290 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोग घायल है।माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन नेशनल तोहिद जमात (एनजीटी) का हाथ है।पुलिस चीफ पुजूथ जयसुंदरा ने 11 अप्रैल को ही एनजीटी की ओर से ऐसे आत्मघाती हमलों की चेतावनी दी थी।पुलिस ने अब तक 24 संदिग्ध लोगों को अपनी हिरासत में लिया है।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र संघ से आतंकवाद को परिभाषित करने की मांग की है और चेताया है कि जब तक आतंकवाद की पहचान करने के लिए उसकी परिभाषा स्पष्ट नही की जाती तब तक आतंकवाद से लड़ने के लिए पूरी दुनिया को एकजुट नही किया जा सकता।इसके अलावा कुछ जानकारों ने सम्भावना जताई है कि जिस तरह न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च स्थित मस्जिद में घुसकर हमला किया गया था उसी तर्ज पर चर्च को निशाना बनाया गया है।क्या क्राइस्टचर्च का बदला लेने के लिए श्रीलंका में चर्च को निशाना बनाया गया है ? अपनी बेबाक राय दे…

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