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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर युगों – युगों से भारतीय संस्कृति व सभ्यता संरक्षित है। भगवान श्रीराम नाम की महिमा केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में गाई जाती है। भक्त शिरोमणि हनुमान जी सदा ही ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करते रहते है। भारतीय संस्कृति के प्रतीक और 100 करोड़ भारतीयों के रोम-रोम में बसने वाले राम के नाम पर आखिरकार बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी क्यों बौखलाई हुई है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘जयश्रीराम’ कहनेवालों को ममता बनर्जी जेल में डाल रहीं हैं। उनकी धार्मिक आजादी का हनन कर रही है, जिसके चलते लोगों को अपनी धार्मिक मान्यता अनुसार पूजापाठ करने और व्रत, पर्व, त्योहार मनाने में दिक्कत हो रहीं है। मीडिया यदि न्यूट्रल होने का दावा करता है तो उसे यह खबर प्रथमिकता से आगे पहुंचानी चाहिए। उन्होंने ममता को चेताया कि श्रीराम के आगे अच्छे-अच्छों का अहंकार चूर हो गया तो आपका कहां टिक पाएगा। क्या मुस्लिम तुष्टीकरण व भाजपा के बढ़ते जनाधार और हार के डर से ममता बनर्जी अपना दिमागी संतुलन खो बैठी हैं? अपनी बेबाक राय दे  

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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