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पीली पोखर
पीले अंडे
जल्द बता नहीं मारूँ डंडे

– बेसन की कढ़ी

सुबह सुबह ही आता हूँ
दुनिया की ख़बरें लाता हूँ
सबको रहता मेरा इंतजार
हर कोई करता मुझसे प्यार

– अख़बार

पैर नहीं फिर भी चलती है
बताओ क्या ?

– घडी

ना कभी किसी से किया झगड़ा
ना कभी करी लड़ाई
फिर भी होती रोज पिटाई

– ढोलक

दिन में सोये
रात में रोये जितना रोये उतना खोये

– मोमबत्ती

कद के छोटे
कर्म के हीन
बीन बजाने के शोकीन
बताओ कौन?

– मच्छर

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