हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

 

पीली पोखर
पीले अंडे
जल्द बता नहीं मारूँ डंडे

– बेसन की कढ़ी

सुबह सुबह ही आता हूँ
दुनिया की ख़बरें लाता हूँ
सबको रहता मेरा इंतजार
हर कोई करता मुझसे प्यार

– अख़बार

पैर नहीं फिर भी चलती है
बताओ क्या ?

– घडी

ना कभी किसी से किया झगड़ा
ना कभी करी लड़ाई
फिर भी होती रोज पिटाई

– ढोलक

दिन में सोये
रात में रोये जितना रोये उतना खोये

– मोमबत्ती

कद के छोटे
कर्म के हीन
बीन बजाने के शोकीन
बताओ कौन?

– मच्छर

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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