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‘अच्छा ! मैंने आश्चर्य प्रकट किया तो सक्षम प्रसन्नता से झूम उठा और बोला “आपको यह सब नहीं पता था न बाबा हाँ बेट मैं तो पहली बार सुन रहा हूँ यह सब तुम्हारे मुँह से. पर यह सब कुछ तुमने किससे सीखा और जाना

“बाबा जरा अपना मोबाइल देना.-स्कूल से आते ही सक्षम ने कहा तो मैंने उसके चेहरे की ओर देखा. वह स्कूल का बैग अपने कमरे में रखकर सीधा मेरे पास चला आया था.

बेटा पहले अपने स्कूल की ड्रैस उतार कर हाथ-मुँह धोलो. दूसरे कपड़े पहन कर कुछ खा-पी लो फिर मोबाइल मांगना. मैंने कहा तो सक्षम ने “हाँ में गर्दन हिलाई और कपड़े बदलने अपने कमरे में चला गया. थोड़ी देर बाद जब सक्षम मेरे पास फिर आया तो उसका चेहरा एकदम तरोताजा लग रहा था.

बाबा अब तो दे दो मोबाइल. सक्षम ने कहा तो मैंने मोबाइल उसके हाथ में देते हुए उसे अपने पास ही बैठा लिया यह देखने के लिए कि यह मोबाइल का क्या करेगा

मोबाइल को अपने बाँये हाथ में पकड़कर सक्षम ने अपने सीधे हाथ की तर्जनी उंगली से मोबाइल की स्क्रीन को छूआ और कुछ खोजने लगा. थोड़ी देर बाद मेरे चेहरे की ओर देखते हुए बोला-‘बाबा आपके मोबाइल में गेम्स कौन-कौन से है

बेटा मुझे तो पता नहीं इसमें गेम्स भी होते हैं. अरे बाबा आपको नहीं पता! इसमें सब तरह के गेम्स होते हैं. एयरोप्लेन रेस, ट्रेन रेस, आर्मी ट्रक रेस, लूडो, साँप-सीढ़ी और कार रेस भी. और भी बहुत सारे गेम्स. -उसने बहुत सारे गेम्स के नाम गिना दिए. अच्छा ! मुझे तो पता ही नहीं था. -मैंने आश्चर्य प्रकट किया-‘तुमको कौन सा गेम सबसे अच्छा लगता मुझको मुझको कार रेस में बहुत आनन्द आता है बाबा. दिखाऊँ आपको हाँ- हाँ दिखाओ मैं भी तो देखूँ तुम्हारी कार रेस. -मैंने उसे उत्साहित किया.

सक्षम ने अपने बाँए हाथ में मोबाइल को पकड़े-पकड़े ही सीधे हाथ के अंगूठे और तर्जनी उंगली की सहायता से मोबाइल का प्ले स्टोर खोला और उसमें से एक सुन्दर सी कार चुनकर कार रेस का गेम इनस्टाल करने लगा. गेम इनस्टाल होते ही उसने सीधे हाथ और बाँए हाथ के अंगूठे की सहायता से कार को दौड़ाना शुरू कर दिया. दांए बांए और सामने के अवरोधों से कार को बचाने के लिए वह अपने दोनों हाथों के अंगूठों को मोबाइल की स्क्रीन पर बने आइकनों (बटनों पर बहुत तेजी से चला रहा था.

बाबा आज तो गाने सुनने का मन कर रहा है. -अगले दिन स्कूल से आकर सक्षम ने मेरे पास बैठते हुए इच्छा प्रकट की

सुन लो बेटा नीचे के कमरे में स्टीरियो रखा है. चलो चला देता हूँ. -मैंने उठते हुए कहा नहीं बाबा स्टीरियो से नहीं आपके मोबाइल में से सुनने हैं गाने. उसने मेरा मोबाइल लेने के लिए अपना हाथ आगे किया तो मैंने आश्चर्य से उसकी ओर देखा-“अच्छा तो गेम्स की तरह ही मोबाइल में अब गाने भी आने लगे क्या और नहीं तो क्या. आप जो भी गाना सुनना चाहो वही गाना सुन सकते हो. अरे वाह ये तो बहुत अच्छी जानकारी दी तुमने. -मेरा भी आश्चर्य बढ़ता जा रहा था ‘और क्या-क्या चीज मोबाइल में देख-सुन सकते हैं

बताऊँ बाबा आप कोई सी भी जानकारी प्राप्त करना चाहो जैसे किसी की कोई पुस्तक पढ़ना चाहो किसी के बारे में जानना चाहो तो भी पढ़ सकते हो और देख सकते हो. इतना ही नहीं बाबा आप कोई सा कार्टून देखना चाहो तो वह भी मोबाइल से देख सकते हो और तो और अगर आप अपनी गाड़ी से कहीं जा रहे हो और आपको वहाँ पहुँचने का रास्ता नहीं मालूम तो आपका मोबाइल आपको रास्ता बताता चलेगा कि अब आपको किधर को मुड़ना है किधर को चलना है.

‘अच्छा ! मैंने आश्चर्य प्रकट किया तो सक्षम प्रसन्नता से झूम उठा और बोला “आपको यह सब नहीं पता था न बाबा हाँ बेट मैं तो पहली बार सुन रहा हूँ यह सब तुम्हारे मुँह से. पर यह सब कुछ तुमने किससे सीखा और जाना

“मैंने सीख लिया बाबा, मम्मी-पापा के मोबाइल से सीख लिया. आपको भी बताऊँ-खुशी से नाचते हुए सक्षम ने मोबाइल मेरे हाथ से ले लिया और अपने सीधे हाथ की तर्जनी उंगली से मोबाइल की स्क्रीन को ऊपर से नीचे की ओर स्लाइड करने लगा. उसके बाद इण्टरनैट व वाई-फाई चालू करने लगा. मैं अनजान बना उस छह वर्ष के बच्चे को यह सब करते हुए आश्चर्य चकित हो देख रहा था और वह अपनी धुन में मस्त गूगल प्ले पर अपना अंगूठा रखकर कह रहा था-“आई वाण्ट टू सी मोटू-पतलू कार्टून.”

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