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मुस्लिम बहुल जम्मू-कश्मीर में 90 के दशक बाद से ही अमरनाथ यात्रा जिहादियों के निशाने पर रही है।सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय को खुफिया एजेंसियों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में सूचना दी गई है कि आतंकी 7 तरीकों से अमरनाथ यात्रा पर हमले की फिराक में है और वह फिदायीन हमला भी कर सकते है।अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो रही है।जिसके बाद गृह मंत्रालय चौकन्ना हो गया है।बता दें कि ऑपरेशन ऑल आउट के अंतर्गत इस साल 115 आतंकी मारे जा चुके है।जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों का सफाया होने से पाकिस्तान और पाकिस्तान परस्त समर्थकों एवं आतंकवादियों की जमीन खिसकती जा रही है।जिससे बौखलाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए वह कोई बड़ा आतंकी हमला कर सकते है।गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल कश्मीर से हिंदुओ को खदेड़ने के बाद आतंकवादियों ने धमकी भरे लहजे में एलान किया था कि वह अमरनाथ यात्रा नही होने देंगे।इसके जवाब में शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने भी एलान किया था कि यदि अमरनाथ यात्रा बंद होगी तो भारत से भी किसी मुसलमान को हज यात्रा पर नही जाने दिया जाएगा।बाला साहेब ठाकरे से डर कर आतंकवादियों ने नर्म रुख अपना लिया।इसके बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हुई।आखिरकार अमरनाथ यात्रा इस्लामिक जिहादियों के हिट लिस्ट में क्यों शामिल है ? अपनी बेबाक राय दें …

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