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आजकल जहाँ तमाम चीजे इलेक्ट्रोनिक हो रहीं हैं वहां सिगरेट भला कैसे पीछे छूट सकती है ?जी हां अब सिगरेट ने भी ई- सिगरेट का रूप ले लिया है. हालाँकि यह भी फेफड़ों को उतना ही जलाती है जितनी की आम सिगरेट. लेकिन पीनेवालों के लिए तो शौक बड़ी  चीज है.

आजकल भारत के अधिकतर शहरों में ई – सिगरेट यानि इलेक्ट्रोनिक सिगरेट का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है. बता दें कि ई – सिगरेट तम्बाकू से नहीं जलती बल्कि लिक्विड निकोटिन सोल्यूशन से धुआं उड़ाने के लिए हिटिंग डिवाइस का इस्तेमाल करती है. इस धुंए को सिगरेट पीनेवाला सांस के साथ अन्दर लेता है जो बहुत ही हानिकारक है. ई – सिगरेट के भारत में ४६० से अधिक ब्रांड मौजूद है, जिसमें ७,७०० से भी अधिक फ्लेवर मिलते है. अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार ई – सिगरेट पिने से मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है और अधिक सेवन से कोशिकाएं खत्म हो सकती है. भारत सरकार ई – सिगरेट को ड्रग्स की कैटेगरी में डालकर उसे प्रतिबंधित करने वाली है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेहत पर इसके खतरनाक असर को देखते हुए इसे प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है. युवाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या सरकार जल्द से जल्द ई – सिगरेट को प्रतिबंधित करेगी ?अपनी बेबाक राय दे  

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