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मोदी सरकार और देश को बदनाम करने के लिए असहिष्णुता गैंग फिर से सक्रिय हो गई है। मॉब लिंचिंग के बहाने कुल 49 फिल्मी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की हैं। इन हस्तियों में फ़िल्म निर्माता मणिरत्नम का नाम भी शामिल है। इस बारे में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया है कि पत्र में उनके हस्ताक्षर नही हैं बल्कि मेरे नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए है। इससे स्पष्ट होता है कि जो असहिष्णुता गैंग प्रधानमंत्री को फर्जी हस्ताक्षर का समावेश कर पत्र भेजती हो, वो स्वयं ही भरोसे के काबिल नहीं है। वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड से ही इसके विरोध में भी सुर उठने लगे है। फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने इसे असहिष्णुता गैंग रिटर्न्स बताया है और कहा है कि काफी समय से ये सब शांत बैठे थे। इन्हें 2014 से असहिष्णुता दिखने लगी। 1984 का दंगा और जब कश्मीरी पंडित मारे गए तब किसी को असहिष्णुता नहीं दिखाई दी। पीएम मोदी जी ने आम आदमी को सशक्त किया है तो इनकी दुकानें बंद हो गई है। सोशल मीडिया पर सबसे अधिक इन हस्तियों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अधिकतर लोगों ने इन्हें दोगला एवं अर्बन नक्सली करार दिया है और कहा है कि कश्मीर में जब सेना के इक्के-दुक्के जवानों को घेर कर मार दिया जाता है तब इन्हें मॉब लिंचिंग नहीं दिखाई देती,तब तो इन्हें भटका हुआ नौजवान दिखाई देता है। केरल, बंगाल और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिंदुओं की निर्मम हत्या की जाती है तो इन्हें मॉब लिंचिंग का डर नही सताता। क्या किसी षड्यंत्र के तहत असहिष्णुता गैंग फिर से सक्रिय हुई है ? असहिष्णुता गैंग के पीछे छुपा हुआ मास्टर माइंड कौन है ? जो देश को बदनाम करना चाहता है। अपनी बेबाक राय दें.

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  1. इन सबके पिछवाड़े में गरम सरिया डालो और मुंह से निकालो

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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