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ओजस्वी कवि डा. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

इन दिनों कविता के नाम पर प्रायः चुटकुले और फूहड़ता को ही मंचों पर अधिक स्थान मिल रहा है। यद्यपि श्रेष्ठ काव्य के श्रोताओं की कमी नहीं है; पर फिल्मों और दूरदर्शन के स्तरहीन कार्यक्रमों ने काव्य जैसी दैवी विधा को भी बाजार की वस्तु बना दिया है। वरिष्ठ कवि डा. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ अपने ओजस्वी स्वर से आजीवन इस प्रवृत्ति के विरुद्ध गरजते रहे।

पांच अगस्त, 1916 को ग्राम झगरपुर (जिला उन्नाव, उ.प्र.) में जन्मे मेधावी छात्र शिवमंगल सिंह ने प्रारम्भिक शिक्षा अपने जन्मक्षेत्र में ही पाकर 1937 में ग्वालियर के विक्टोरिया काॅलिज से बी.ए. किया। इसके बाद 1940 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से एम.ए. तथा 1950 में डी.लिट. की उपाधियां प्राप्त कर उन्होंने अध्यापन को अपनी आजीविका बनाया। वे अच्छे सुघढ़ शरीर के साथ ही तेजस्वी स्वर के भी स्वामी थे। फिर भी उन्होंने अपना उपनाम ‘सुमन’ रखा, जो सुंदरता और कोमलता का प्रतीक है।

जिन दिनों वे ग्वालियर में अध्यापक थे, उन दिनों श्री अटल बिहारी वाजपेयी भी वहां पढ़ते थे, जो आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बने। अटल जी स्वयं भी बहुत अच्छे कवि हैं। उन्होंने अपनी कविताओं पर सुमन जी के प्रभाव को कई बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है। ग्वालियर के बाद इंदौर और उज्जैन में अध्यापन करते हुए वे विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति बने।

स्वाधीनता के संघर्ष में सहभागी बनने के कारण उनके विरुद्ध वारंट भी जारी हुआ। एक बार आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। जब पट्टी खोली गयी, तो सामने क्रांतिवीर चंद्रशेखर आजाद खड़े थे। आजाद ने उन्हें एक रिवाल्वर देकर पूछा कि क्या इसे दिल्ली ले जा सकते हो ? सुमन जी ने इसे सहर्ष स्वीकार कर रिवाल्वर दिल्ली पहुंचा दी।

सुमन जी का अध्ययन गहन और बहुआयामी था। इसलिए उनके भाषण में तथ्य और तर्क के साथ ही इतिहास और परम्परा का समुचित समन्वय होता था। उन्होंने गद्य और नाटक के क्षेत्र में भी काम किया; पर मूलतः वे कवि थे। जब वे अपने ओजस्वी स्वर से काव्यपाठ करते थे, तो मंच का वातावरण बदल जाता था। वे नये रचनाकारों तथा अपने सहयोगियों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते थे। इस प्रकार उन्होंने कई नये लेखक व कवि तैयार किये।

जिन दिनों सुमन जी युवा थे, उन दिनों वामपंथ की तूती बोल रही थी। अतः वे भी प्रगतिशीलता की इस तथाकथित दौड़ में शामिल हो गये; पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीयता के आडम्बर और वाद की गठरी को अपने सिर पर बोझ नहीं बनने दिया। इसलिए उनकी रचनाओं में भारत और भारतीयता के प्रति गौरव की भावना के साथ ही निर्धन और निर्बल वर्ग की पीड़ा सदा मुखर होती थी।

1956 से 1961 तक नेपाल के भारतीय दूतावास में संस्कृति सचिव रहते हुए उन्होंने नेपाल तथा विश्व के अन्य देशों में भारतीय साहित्य के प्रचार व प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें साहित्य अकादमी, पदम्श्री, पदम्भूषण, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार आदि अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिले। 1981 से 1983 तक वे ‘उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान’ के उपाध्यक्ष भी रहे।

हिल्लोल, जीवन के गान, प्रलय-सृजन, विश्वास बढ़ता ही गया, पर आंखें नहीं भरीं, विंध्य-हिमालय, मिट्टी की बारात, वाणी की व्यथा, कटे अंगूठों की वंदनवारें उनके प्रमुख काव्य संग्रह हैं। गद्य में महादेवी की काव्य साधना, गीति काव्य: उद्यम और विकास उल्लेखनीय हैं। प्रकृति पुरुष कालिदास उनका प्रसिद्ध नाटक है। उनकी हर रचना में अनूठी मौलिकता के दर्शन होते हैं।

27 नवम्बर, 2002 को 86 वर्ष की आयु में हिन्दी मंचों के वरिष्ठ कवि तथा समालोचक शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ का उज्जैन में ही निधन हुआ।

5 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

  • फ्रांसीसी और तुर्की की सेना ने 1543 में नाइस पर कब्जा जमाया।
  • फ्रांसीसी सेना ने 1654 को स्टेन पर कब्जा किया।
  • पहला स्पेनिश जहाज सेन कार्लोस ने 1775 में सेन फ्रेंसिस्को खाड़ी में प्रवेश कियाा।
  • पश्चिम बंगालके राजा महाराजा नंदकुमार को 1775 में कलकत्ता अब कोलकाता में फांसी दी गई ब्रिटिश शासन के द्वारा भारत में धोखधड़ी के लिए दी गई यह अंतिम फांसी थी।
  • डच और अंग्रेज सेनाओं के बीच डोगर बैंक में 1781 को युद्ध हुआ।
  • जापानने 1874 में इंग्लैंड की तर्ज पर डाक बचत प्रणाली शुरू की।
  • जापान में 1882 को मार्शल ला लगाया गया।
  • कार का अविष्कार करने वाले कार्ल बेंज ने 1888 में अपनी पहली कार का पेटेंट 1886 में करवाया था।
  • रूस और जापान के शांति वार्ताकारों के बीच 1905 को पहली बैठक अमेरिका के राष्ट्रपति रुजवेल्ट के न्यूयॉर्क स्थित घर पर हुई।
  • जापानमें टोक्यो के गिंजा में 1912 को पहली टैक्सी सेवा शुरू हुई।
  • अमेरिकामें पहली ट्रैफिक लाइट 1914 में लगाई गई।
  • क्यूबा, उरुग्वे, मैक्सिको औरअर्जेंटीना ने 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तटस्थ रहने की घोषणा की।
  • मांटेनेग्रो ने 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑस्टि्रया हंगरी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • जर्मनी की सेना 1915 में पॉलेंड की राजधानी वारसा में घुसी।
  • प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वार्सा पर 1915 में जर्मनी का अधिकार हो गया इससे पहले यह क्षेत्र रुस के अधिकार में था।
  • अमेरिकाऔर जर्मनी ने 1921 में बर्लिन शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • हेनरी सुलिवान 1923 में इंग्लिश चैनल को पार करने वालेे पहलेेे अमेरिकी बने।
  • फ्रांस औरजर्मनी के बीच व्यापार समझौते पर 1926 को हस्ताक्षर किए गए।
  • अमरीकी हवाई जहाज ने 1945 में जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था।
  • इंडोनेशिया में 1947 को हॉलैंड ने राजनीतिक कार्यवाइ बंद की।
  • इक्वाडोर की राजधानी क्विटो में 1949 को आये 7 की तीव्रता वाले भूकंप से छह हजार लोगों की मौत।
  • अफ़्रीक़ी देश बोरकिनाफ़ासो ने 1960 में अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • यूरी गैगेरीन के ऐतिहासिक उपक्रम के चार महीने के बाद सोवियत संघ ने 1961 में अपने दूसरे अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में उतारा था।
  • न्यायमूर्ति लीला सेठ 1991 में दिल्‍ली हाईकोट में जज बनने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
  • अटलांटा शताब्दी ओलम्पिक का सिडनी में 1996 को मिलने का वादा के साथ सम्पन्न।
  • चीन और ताइवान के बीच 1999 में तनाव चरम पर।
  • गोंजालो लोजाडा 2002 में बालोविया के नये राष्ट्रपति चुने गये।
  • भारत केअंडमान निकोबार द्वीप से 2008 को 176 मील उत्तर-पूर्व में हिंद महासागर में 5 तीव्रता के भूकंप का झटका महसूस किया गया।
  • केन्या के 70% नागरिकों ने 2010 को जनमत संग्रह में लोकतांत्रिक सुधारों के अंतर्गत नया संविधान बनाने का समर्थन किया।
  • कश्मीर (भारत) के लेह में 2010 को बादल फटने से तथा उसके बाद आई बाढ़ में 115 लोगों की मृत्यु हो गई।
  • कराची (पाकिस्तान) में 2010 को एमक्यूएम के विधायक रजा हैदर की हत्या के बाद चार दिनों से जारी जातीय हिंसा में 70 लोगों की हत्या कर दी गई।
  • नासा के वैज्ञआनिकों ने 2011 में साइंस पत्रिका में मंगल ग्रह पर बहता पानी होने का दावा किया।
  • नासा द्वारा बृहस्पति का अध्ययन करने के लिए 2011 में अंतरिक्ष शोध यान जूनो छोड़ा गया।
  • भारत की जूनियर महिला हॉकी टीम ने 2013 को जर्मनी में संपन्न हुए विश्वकप में इंग्लैंड को 3-2 (1-1) से हराकर कांस्य पदक जीता।

5 अगस्त को जन्मे व्यक्ति –

  • फ्रांसकथाकार गाय दी मोपासां का जन्म 5 अगस्त 1850 को हुआ था।
  • उड़ीसाके प्रमुख राष्ट्रवादी आचार्य प्यारे मोहन का जन्म 5 अगस्त 1852 को हुआ था।
  • मराठी साहित्यकार एवं प्रसिद्ध समाजसेवी दत्तो वामन पोतदार का जन्म 1890 को हुआ था।
  • चाँद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्रीनील आर्मस्ट्रांग का जन्म 1890 को हुआ था।
  • भारत के प्रसिद्ध राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, साहित्यकार तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्रा का जन्म 5 अगस्त 1901 को हुआ था।
  • मद्रास विधान सभा के सदस्य बी। जी। रेड्डी का जन्म 1907 को हुआ था।
  • प्रसिद्ध कवि शिवमंगल सिंह सुमन का जन्म 1915 को हुआ था।
  • हिन्दी के प्रसिद्ध कवि वीरेन डंगवाल का जन्म 1947 को हुआ था।
  • फ्रांसराजनीतिज्ञ मरिन ले पेन का जन्म 1968 को हुआ था।
  • भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद का जन्म 1969 को हुआ था।
  • बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्रीकाजोल का जन्म 1975 को हुआ था।
  • भारतीय फिल्म अभिनेता वत्सल सेठ का जन्म 1980 को हुआ था।
  • बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा का जन्म 1987 को हुआ था।

5 अगस्त को हुए निधन 

  • जर्मन समाजशास्त्री एवं दार्शनिक फ्रेडरिक एंजेल्स का निधन 5 अगस्त 1895 को हुआ था।
  • भारत के प्रसिद्धस्वतंत्रता सेनानी और असम के प्रथम मुख्यमंत्री रहे गोपीनाथ बोरदोलोई का निधन 5 अगस्त 1950 को हुआ था।
  • अमरीका अभिनेत्री मर्लिन मुनरो का निधन 1962 को हुआ था।
  • बुल्गारिया के 36वें प्रधानमंत्री रहे टोडर ज़िकोव का निधन 1998 को हुआ था।
  • भारत के महान् और ख्यातिप्राप्त क्रिकेटर लाला अमरनाथ का निधन 2000 को हुआ था।
  • प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट, जिन्होंने ‘चाचा चौधरी’ कार्टून चरित्र बनाया प्राण कुमार शर्मा का निधन 2014 को हुआ था।

5 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव 

  • विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह)

 

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