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डिप्रेशन ने आधुनिक समय में एक गंभीर मानसिक समस्या का रूप ले लिया है. हाल के वर्षों में कम उम्र में बच्चे भी डिप्रेशन के शिकार होने लगे हैं. डिप्रेशन या अवसाद की परेशानी होने पर बच्चे आत्महत्या जैसे कदम भी उठाने लगे हैं. यही कारण है कि डिप्रेशन के कारणों, लक्षणों और निदान को लेकर आये दिन नये-नये शोध सामने आ रहें हैं.
अवसाद यानी डिप्रेशन के कई कारण हैं और यह किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकता है. कुछ मामलों में तो यह पढ़ाई के बोझ और तनाव की वजह से होता है, तो कई मामलों में खानपान इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अगर आपका बच्चा सही पोषण नहीं पाता है और उसके तनाव का लेवल बढ़ता जाता है तो वह डिप्रेशन का शिकार होने लगता है. कई शोधों में यह साबित हुआ है कि शरीर में विटामिन और पोषक तत्व की कमी की वजह से डिप्रेशन का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है. अगर कोई व्यक्ति पहले से ही डिप्रेशन का शिकार है, तो खानपान संबंधी गड़बड़ियां इस समस्या को और बढ़ा देती हैं.
अत: यदि आप अपने बच्चों को डिप्रेशन से दूर रखना चाहते हैं, तो उनके डाइट में शामिल कुछ प्रमुख फूड आइटम्स को शामिल करना जरूरी है.

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा संपन्न पदार्थ :

 हमारे मस्तिष्क में चौबीसों घंटे सेरेटोनिन, डोपामाइन, नॉर-एपिनफ्राइन का निर्माण होता रहता है. इसके लिए भी वसा का सेवन जरूरी है. प्रोटीन हमारी त्वचा, अंगों, मांसपेशियों, हार्मोन, एंजाइम और इम्यून तंत्र के लिए आवश्यक है. हालिया शोधों से पता चला है कि प्रोटीन मस्तिष्क में मौजूद डोपामाइन और नॉर-एपिनफ्राइन के लिए भी जरूरी है, जो मस्तिष्क को जागरूक और एकाग्र बनाये रखते हैं. कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है. यह दिमाग को शांत रखता है.

विटामिन डी कैल्शियम :

कई शोधों में यह पाया गया है कि शरीर में विटामिन-डी की कमी होने से तनाव और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. विटामिन डी की कमी की वजह से शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है. विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका धूप है. इसके अलावा विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को भी भोजन में दूध, घी, पनीर, मक्खन, संतरा, गाजर, कॉड लिवर ऑयल आदि को शामिल किया जा सकता हैं.

फल तथा सब्जियां :

 डिप्रेशन की समस्या को दूर करने में सब्जियों की भी बेहद अहम भूमिका होती है. बच्चों के डेली डायट में अरबी, मूली, मेथी, करेला, टमाटर, ककड़ी, भिंडी, चुकंदर और पालक जैसी सब्जियों को शामिल करें, तो वे डिप्रेशन की समस्या से बचे रहते हैं. 

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