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आईएनएक्स मीडिया घोटाले के आरोपी कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व गृह मंत्री और पूर्व वित्त मंत्री रहे चिदम्बरम को बड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया. बताया जाता है कि कांग्रेस के राज में चिदम्बरम ने लगभग १२० लाख करोड़ की काली कमाई की थी. ईडी ने अपने जांच में पाया कि एफआईपीबी ने एयरसेल मैक्सिस में केवल १८० करोड़ रु. के निवेश की अनुमति दी थी किन्तु असल में मैक्सिस ने ३५०० करोड़ रु. का विदेशी निवेश किया था. पी चिदम्बरम ने केवल १८० करोड़ रु. का निवेश बताकर खुद ही मंजूरी दे दी थी और चोर दरवाजे से ३५०० करोड़ का निवेश आने दिया. दरअसल एफआईपीबी के नियम अनुसार वित्त मंत्री को ६०० करोड़ तक विदेशी निवेश की मंजूरी देने का अधिकार था. इससे अधिक विदेशी निवेश के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेनी होती है. सूत्रों के अनुसार सीबीआई और ईडी को ८ मामलों में पुख्ता सबुत हाथ लगे है. आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर रही इन्द्राणी मुखर्जी ने सीबीआई को पहले ही काफी कुछ राज बता दिए है. सूत्रों की माने तो चेन्नई में १२ घर, ४० मोल, १६ सिनेमा थिएटर, ३ कार्यालय, तमिलनाडू में ३००० एकड़ जमीन, देश भर में ५०० वासन आई होस्पिटल, राजस्थान में २००० एम्बुलेंस, ब्रिटेन में ८८०० एकड़ जमीन, अफ्रीका में ३० वाइन यार्ड + घोड़े का फार्म, श्रीलंका में ३७ रिसोर्ट्स, इस तरह सिंगापूर, मलेशिया, थाईलैंड, स्पेन, दुबई, फ़्रांस, फिलिपिन्स, अमेरिका, ब्रिटेन सहित दुनिया के अनेकानेक देशों में लगभग १२० लाख करोड़ रु. की चल – अचल सम्पत्तियों बनाई है. बावजूद इसके सुप्रीम कोर्ट द्वारा पी, चिदम्बरम को बार – बार अंतरिम जमानत देना संदेह के घेरे में आता है. कहा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोगोई के चिदम्बरम के साथ मधुर संबंध रहे है. क्या पी चिदम्बरम जैसे बड़ी मछली को जांच एजेंसिया और न्यायिक प्रक्रिया जेल की सजा दिला पाएंगी ? अपनी बेबाक राय दें .

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