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क्रांतिकारियों के प्राणघातक हमलों से भयभीत हुए अंग्रेज

अंग्रेजों के जाने के बाद भारत की स्वतन्त्रता का श्रेय भले ही कांग्रेसी नेता स्वयं लेते हों; पर वस्तुतः इसका श्रेय उन क्रान्तिकारी युवकों को है, जो अपनी जान हथेली पर लेकर घूमते रहते थे। बंगाल ऐसे युवकों का गढ़ था। ऐसे ही दो मित्र थे अनाथ बन्धु प॰जा एवं मृगेन्द्र कुमार दत्त, जिनके बलिदान से शासकों को अपना निर्णय बदलने को विवश होना पड़ा।

उन दिनों बंगाल के मिदनापुर जिले में क्रान्तिकारी गतिविधियाँ जोरों पर थीं। इससे परेशान होकर अंग्रेजों ने वहाँ जेम्स पेड्डी को जिलाधिकारी बनाकर भेजा। यह बहुत क्रूर अधिकारी था। छोटी सी बात पर 10-12 साल की सजा दे देता था। क्रान्तिकारियों ने शासन को चेतावनी दी कि वे इसके बदले किसी भारतीय को यहाँ भेजें; पर शासन तो बहरा था। अतः एक दिन जेम्स पेड्डी को गोली से उड़ा दिया गया।

अंग्रेज इससे बौखला गये। अब उन्होंने पेड्डी से भी अधिक कठोर राबर्ट डगलस को भेजा। एक दिन जब वह अपने कार्यालय में बैठा फाइलें देख रहा था, तो न जाने कहाँ से दो युवक आये और उसे गोली मार दी। वह वहीं ढेर हो गया। दोनों में से एक युवक तो भाग गया; पर दूसरा प्रद्योत कुमार पकड़ा गया। शासन ने उसे फाँसी दे दी।

दो जिलाधिकारियों की हत्या के बाद भी अंग्रेजों की आँख नहीं खुली। अबकी बार उन्होंने बी.ई.जे.बर्ग को भेजा। बर्ग सदा दो अंगरक्षकों के साथ चलता था। इधर क्रान्तिवीरों ने भी ठान लिया था कि इस जिले में किसी अंग्रेज जिलाधिकारी को नहीं रहने देंगे।

बर्ग फुटबाल का शौकीन था और टाउन क्लब की ओर से खेलता था। 2 सितम्बर, 1933 को टाउन क्लब और मौहम्मदन स्पोर्टिंग के बीच मुकाबला था। खेल शुरू होने से कुछ देर पहले बर्ग आया और अभ्यास में शामिल हो गया। अभी बर्ग ने शरीर गरम करने के कलए फुटब१ल में दो-चार किक ही मारी थी कि उसके सामने दो खिलाड़ी,अनाथ बन्धु प॰जा और मृगेन्द्र कुमार दत्त आकर खड़े हो गये। दोनों ने जेब में से पिस्तौल निकालकर बर्ग पर खाली कर दीं। वह हाय कहकर धरती पर गिर पड़ा और वहीं मर गया।

यह देखकर बर्ग के अंगरक्षक इन पर गोलियाँ बरसाने लगे। इनकी पिस्तौल तो खाली हो चुकी थी, अतः जान बचाने के लिए दोनों दौड़ने लगे; पर अंगरक्षकों के पास अच्छे शस्त्र थे। दोनों मित्र गोली खाकर गिर पड़े। अनाथ बन्धु ने तो वहीं प्राण त्याग दिये। मृगेन्द्र को पकड़ कर अस्पताल ले जाया गया। अत्यधिक खून निकल जाने के कारण अगले दिन वह भी चल बसा।

इस घटना के बाद पुलिस ने मैदान को घेर लिया। हर खिलाड़ी की तलाशी ली गयी। निर्मल जीवन घोष, ब्रजकिशोर चक्रवर्ती और रामकृष्ण राय के पास भी भरी हुई पिस्तौलें मिलीं। ये तीनों भी क्रान्तिकारी दल के सदस्य थे। यदि किसी कारण से अनाथ बन्धु और मृगेन्द्र को सफलता न मिलती, तो इन्हें बर्ग का वध करना था। पुलिस ने इन तीनों को पकड़ लिया और मुकदमा चलाकर मिदनापुर के केन्द्रीय कारागार में फाँसी पर चढ़ा दिया।

तीन जिलाधिकारियों की हत्या के बाद अंग्रेजों ने निर्णय किया कि अब कोई भारतीय अधिकारी ही मिदनापुर भेजा जाये। अंग्रेज अधिकारियों के मन में भी भय समा गया था। कोई वहाँ जाने को तैयार नहीं हो रहा था। इस प्रकार क्रान्तिकारी युवकों ने अपने बलिदान से अंग्रेज शासन को झुका दिया।

2 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

  • लंदन में 1666 को भीषण आग लगने से छह लोगों की मौत हुई और दस हज़ार इमारतें नष्ट हो गयी।
  • फ्रांसके राजा लुई चौदहवें की 1715 में मौत हुई, उन्होंने कुल 72 साल तक शासन किया।
  • पहले अमेरिकी युद्ध पोत ‘हाना’ का जनरल जॉर्ज वाशिंगटन ने 1775 में जलावतरण किया गया।
  • अमेरिका में 1789 को राजस्व विभाग बनाया गया।
  • अंग्रेजो ने 1798 में हैदराबाद के निजाम के साथ समझौता किया।
  • ब्रिटेन और उसमानी शासन की सेनाओं के निरंतर आक्रमण के बाद 1801 में फ़्रांस की सेना पराजित हुई और उसेमिस्र से निकलना पड़ा।
  • भूस्खलन के कारण 1806 में स्विटजरलैंड का एक पूरा शहर बर्बाद हो गया।
  • इंग्लैंड का माओरी युद्व 1865 में समाप्त हुआ।
  • नीदरलैंड के हारलेम नेथ में 1867 को पहला गर्ल्स स्कूल खोला गया।
  • जापानमें 1877 को सत्सुामा विद्रोह दबाया गया।
  • स्पेन अमेरिका युद्ध में 1898 को पहली बार ऑटोमेटिक मशीन गन का इस्तेमाल किया गया।
  • अमेरिकामें 1903 को पहली हर्ली डेविसन बाइक का व्यावसायिक तौर पर निर्माण किया गया।
  • इटली और यमन में 1926 को हुए समझौते के तहत लाल सागर तट पर इटली का वर्चस्व कायम हुआ।
  • ‘क्वेश्चन मार्क’ नामक विमान ने 1930 में यूरोप से अमेरिका के लिए बिना कहीं रुके पहली बार उड़ान भरी।
  • जापान द्वारा हार स्वीकार कर लिए जाने के बाद 1945 में छह साल तक चला दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ।
  • हो ची मिन्ही ने 1945 में स्वतंत्र वियतनाम गणराज्य की स्थापना की।
  • जवाहर लाल नेहरूके उप सभापतित्व में अंतरिम भारत सरकार का गठन 1946 में हुआ।
  • संयुक्त राष्ट्र आयोग ने 1949 को कोरिया में गृहयुद्ध भडकने की चेतावती दी।
  • हैदराबाद से सौ किलोमीटर दूर जडचेराला और महबूब नगर के बीच 1956 में पुल ढ़हने से 125 लोगों की मौत।
  • सोवियत संघ क्यूबा को 1962 में हथियार देने पर राजी हुआ।
  • अमेरिका के न्यूयॉर्क में 1969 को पैसे निकालने वाली मशीन ऑटोमैटिक टैलर मशीन (ए।टी।एम।) को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया गया।
  • नासा ने 1970 में चांद पर जाने के लिए अपने दो अपोलो मिशन को कैंसिल कर दिया।
  • कन्याकुमारी में 1970 कोविवेकानन्द स्मारक का उद्घाटन हुआ।
  • काला सागर में 1990 को सोवियत यात्री जहाज के डूबने से 79 यात्री मारे गए।
  • अमेरिका ने 1991 में औपचारिक रूप से लिथुआनिया, लातीविया और एस्टोनिया की स्वतंत्रता को मान्यता दी।
  • अमेरिकाऔर रूस अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए संयुक्त उपक्रम बनाने के लिए 1992 में सहमत हुए।
  • निकारगुआ में 1992 को भूकंप से करीब 116 लोगों की मौत हो गई।
  • मुस्लिम विद्रोहियों और फिलीपींस सरकार ने 1996 में 26 वर्षों से जारी विद्रोह को समाप्त करने के एक समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस दौरान एक लाख 20 हजार से अधिक लोग मारे गये थे।
  • डरबन में 1998 को 12वें गुट निरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन का अफ़्रीकी राष्ट्रपतिनेल्सन मंडेला द्वारा उद्घाटन।
  • भारतीय तैराक बुला चौधरी इंग्लिश चैनल 1999 में दो बार पार करने वाली प्रथम एशियाई महिला बनीं।
  • अमेरिकामें 2005 को आए कैटरीना तूफान ने भारी तबाही मचाई।
  • पश्चिमी ईराक में 2006 को 3 भारतीयों और 11 पाकिस्तानियों की अपहरण के बाद हत्या।
  • अल्बानिया2007 में विश्व का पहला रासायनिक हथियार युक्त राष्ट्र बना।
  • कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.बी.एन.अस्थाना को 2008 मेंउत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सरस्वती सम्मान देने की घोषणा की गई।

2 सितंबर को जन्मे व्यक्ति 

  • जापानके युवराज हिराबुमि इतो का जन्म 1841 में हुआ।
  • केरलके प्रसिद्ध समाज सुधारक टी. के. माधवन का जन्म 1885 को हुआ था।
  • प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री साधना का जन्म 1941 को हुआ था।
  • भारतीय फ़िल्म निर्माता पार्थो सेन गुप्ता का जन्म 1965 को हुआ था।
  • भारतीय अभिनेता पवन कल्याण का जन्म 1971 को हुआ था।
  • भारतीय मॉडल और अभिनेत्री उदिता गोस्वामी का जन्म 1984 को हुआ था।
  • भारतीय क्रिकेटरइशांत शर्मा का जन्म 1988 को हुआ था।
  • भारतीय पार्श्वगायक इश्मीत सिंह सोढ़ी का जन्म 1989 को हुआ था।

2 सितंबर को हुए निधन –

  • भारत के प्रसिद्ध विद्वान, साहित्यकार और शिक्षा शास्त्री अमरनाथ झा का निधन 1955 को हुआ था।
  • मराठी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु सखाराम खांडेकर का निधन 1976 को हुआ था।
  • मैनहट्टन परियोजना में अग्रणी भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक जॉन सिम्पसन का निधन 2000 में हुआ।
  • विश्व में पहला हृदयरोपण करने वाले दक्षिण अफ़्रीका के अग्रणी हृदय विशेषज्ञ क्रिश्चियन बर्नार्ड का साइप्रस में निधन 2001 में हुआ।

2 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव –

  • राष्ट्रीय पोषाहार दिवस (सप्ताह)

 

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