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* पिछले अंक से आगे…

एक सफ़ल जीवन की संरचना थोड़ी मुश्किल तो हर बार होती है लेकिन असंभव नहीं होती। यदि इंसान ठान ले तो बड़े से बड़े पर्वत भी उसकी दृढ़ता के समक्ष मिट्टी हो जाते हैं और मनुष्य ने इस बात को सिद्ध भी किया है। माउन्ट एवेरेस्ट पर अपना झंडा लहराकर भी और एड्रिएटिक समुंद्र को तैर के पार करके भी। हर बार मनुष्य ने ये सिद्ध किया है कि सफ़ल होना मुश्किल है लेकिन संभव है। और इसे संभव करने के लिए अपनी मुश्किलों के हल ढूँढना आपका सबसे पहला क़दम होना चाहिए। अगर सुख और सफलता चाहिए तो इन मुश्किलों से लड़कर इन पर विजय प्राप्त करनी ही होगी। क्योंकि इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं जो इस सफर की मंज़िल तक पहुँचा सके।

हर व्यक्ति को अपने हिस्से का पूरा सफ़र, फिर चाहे वो कितना ही लम्बा क्यों न हो, तय करना ही पड़ता है। और वो भी अकेले, क्योंकि सफलता के संघर्ष के इस सफर का ना कोई साथी होता है और ना ही कोई शॉर्टकट। आज के इस दौर में जहाँ हर कार्य निर्धारण से पहले उसे पूरा करने के शॉर्टकट्स बाज़ार में उपलब्ध हो जाते हैं, बिना शॉर्टकट के आगे बढ़ना सभी को चिंता ग्रस्त कर देता है।  लेकिन ये घबराने वाली बात नहीं है – सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता – यही इसकी सबसे अच्छी बात है, कैसे?

वो इस तरह, कि आपको कुछ भी विशेष करने की ज़रूरत नहीं होती। आपको बस वो करना है जो आपको पसंद है। अपने इस पसंदीदा काम को आपने दिल से करना है, पूरे जोश और लगन के साथ करना है। हर काम दिल से, पूरे जोश से, पूरी लगन से, सही जगह, सही समय पर। क्रमबद्धता को अपने जीवन में सर्वाधिक महत्व दें और अपने जीवन उद्देश्यों को क्रमिक रूप में एक – एक कर पूरा करें।  हाँ, लेकिन कुछ अदक्षता से नहीं करना है, व्यवस्थित तरीके से करना है। बस कुछ बातों पर निरन्तर ध्यान देना होगा। कुछ तरीके अपनाने होंगे और परिणाम होगा अपार सफलता।

अगले अंक में पढ़िए वो कौन सी बातें हैं जिन पर निरन्तर ध्यान देना है और वो कौन से व्यवस्थित तरीके हैं जिनसे एक सफ़ल और सुखी जीवन निर्मित किया जा सकता है। साथ ही यह भी कि, कैसे हो एक सफल सुखी जीवन की शुरुआत। और यदि अगले अंक तक की प्रतीक्षा आपको भारी लगे तो तब तक आप पिछले कुछ समय से सफलता और सुखी जीवन पर प्रकाशित हो रहे मेरे लेख भी पढ़ सकते हैं। इनके शीर्षक आपके साथ यहाँ साझा कर रही हूँ –

– आप स्वयं चुनते हैं – सफ़लता या असफ़लता

– सकारात्मकता – सुखी जीवन का सशक्त अस्त्र

– थोड़ा थमकर कामयाबी जिएं जमकर

– मुस्कुराहट बढ़ाती है खूबसूरती

– बाँटने से हो दुगुना !

– आपकी आदतें – आपका ‘सक्सेस मंत्र’

 

                                                                                                                                                          *श्रृंखला अगले अंक में जारी रहेगी

 

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