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१,५०० मुसलमानों ने की घर वापसी

भारत और उसके निकटवर्ती देशों के मुसलमान या ईसाई उन हिन्दुओं की संतानें हैं, जिन्होंने कभी भय, भूल, लालच या कुछ हिन्दुओं की कूपमंडूकता के कारण धर्म बदल लिया। इन्हें वापस लाने के प्रयासों में विद्यारण्य स्वामी, देवल ऋषि, गुरू नानक, गुरू गोविन्द सिंह, जगद्गुरू रामानंदाचार्य, समर्थ गुरू रामदास, छत्रपति शिवाजी, स्वामी श्रद्धानंद आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।

एक बार संघ के द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्री गुरुजी के उदयपुर प्रवास में पाली के जिला संघचालक श्री गोकुलदास जी ने उन्हें बताया कि पाली और अजमेर जिले के गांवों में चीता मेहरात जाति के लाखों लोग रहते हैं,जो पृथ्वीराज चौहान के वशंज हैं। नाम से मुस्लिम होने पर भी उनके रीति-रिवाज हिन्दुओं जैसे ही हैं। 1947 में उनमें से सैकड़ों लोगों ने जोधपुर के तत्कालीन महाराज श्री हनुमत सिंह जी की उपस्थिति में एक विशाल यज्ञ कर पुनः हिन्दू धर्म ग्रहण कर लिया था; पर उसके बाद यह काम आगे नहीं बढ़ पाया।

श्री गुरुजी ने कहा कि इन्हें वापस लाने का प्रयास ‘विश्व हिन्दू परिषद’ द्वारा होना चाहिए। वहां संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री मोहन जोशी भी उपस्थित थे। उनके मन में जिज्ञासा जगी और वे इस बारे में अध्ययन करने लगे।1977 में वे विश्व हिन्दू परिषद, राजस्थान के संगठन मंत्री बने। उनके मन में बीजरूप में यह विषय विद्यमान ही था। अतः वे इस दिशा में सक्रिय हो गये।

पृथ्वीराज चौहान के प्रति उनमें अत्यधिक श्रद्धा भाव देखकर यह विचार हुआ कि पृथ्वीराज जयन्ती के माध्यम से ही उनके बीच में कार्य प्रारम्भ किया जाये। अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमन्द आदि जिलों के लगभग 500 गांवों में संघ तथा विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सम्पर्क प्रारम्भ कर दिया। प्रारम्भ में कुछ कठिनाई आयी; पर उसके बाद आशातीत सफलता मिलने लगी।

वातावरण बनने पर जोधपुर की राजमाता एवं सांसद श्रीमती कृष्णा कुमारी, विहिप के अध्यक्ष महाराणा भगवंत सिंह,ग्वालियर की राजमाता श्रीमंत विजराराजे सिंधिया, पन्ना (म.प्र.) के महाराज श्री नरेन्द्र सिंह जूदेव, जोधपुर के महाराज गजसिंह, भानुपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद जी, गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ, रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा (राजस्थान) के जगद्गुरू श्री रामकिशोर जी महाराज, जगद्गुरू आश्रम कनखल (हरिद्वार) के महामंडलेश्वर प्रकाशानंद जी महाराज आदि इन कार्यक्रमों में आने लगे।

कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज तथा मध्वाचार्य जगद्गुरू विश्वेशतीर्थ जी महाराज ने भी अजमेर आकर इस कार्य को आशीर्वाद दिया। संघ के केन्द्रीय अधिकारी श्री मोरोपंत पिंगले, क्षेत्र प्रचारक श्री ब्रह्मदेव जी तथा राजस्थान प्रांत प्रचारक श्री सोहनसिंह जी ने भी इसमें बहुत रुचि ली।

बाबा रामदेव जयन्ती (11 सितम्बर, 1981) को अजमेर के पास खरेकड़ी गांव में पहला विशाल परावर्तन समारोह आयोजित हुआ। सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल उमराव सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में 1,500 मुसलमान स्त्री, पुरुष, बच्चों और बूढों ने अपने पूर्वजों के पवित्र हिन्दू धर्म में वापसी की। तत्कालीन पत्रों ने इसके विस्तृत समाचार एवं श्री मोहन जोशी के साक्षात्कार प्रकाशित किये। मोहन जी ने स्पष्ट किया कि ये लोग पहले हिन्दू ही थे, इसलिए इनका फिर से हिन्दू बनना धर्मान्तरण नहीं, परावर्तन और घर वापसी है।

इसके बाद तो प्रति सप्ताह ऐसे कार्यक्रम होने लगे। इनसे जहां हिन्दुओं में उत्साह का संचार हुआ, तो दूसरी ओर कट्टरपंथी मुसलमानों में हड़कम्प मच गया। राजस्थान के इस अनुभव से लाभ उठाकर आजकल पूरे देश में ऐसे परावर्तन समारोह हो रहे हैं।

ऐलॅक्सैण्डर हैमिलटन अमेरिका के प्रथम वित्त सचिव 1789 में नियुक्त।

  • आज ही के दिन वर्ष 1803 को द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के अंतर्गत दिल्ली लड़ाई की शुरुआत की गयी थी।
  • प्रथम विश्व धर्म सम्मेलन 1896 को शिकागो, अमेरिका में आयोजित हुआ।
  • सितम्बर वर्ष 1906 कोमहात्मा गाँधी ने दक्षिण अफ़्रीका में सत्याग्रह आन्दोलन आरंभ किया।
  • अमेरिकी नौसेना ने 1919 को होंडुरास पर आक्रमण किया।
  • आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 1922 को सचित्र दैनिक समाचार पत्र द सन न्यूज पेक्टोरियल का आरंभ हुआ।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1939 में इराक और सऊदी अरब ने एक साथ मिलकरजर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का 1941 में निर्माण शुरू हुआ।
  • इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली फ्लोरेंस चैडविक 1951 में पहली महिला बनी। उन्हें इंग्लैंड से फ्रांस पहुंचने में 16 घंटे और 19 मिनट लगे थे।
  • विश्व वन्यजीव कोष का स्थापना 1961 में हुई।
  • मशहूर इंग्लिश रॉक बैंड ‘दि बीटल्स’ ने 1962 में अपने पहले एकल हिट एलबम ‘लव मी डू’ के गाने रिकार्ड किए थे.
  • भारत-पाकिस्तानयुद्ध के दौरान 1965 में भारतीय सेना ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दक्षिण पूर्वी लाहौर के निकट बुर्की शहर पर कब्ज़ा कर लिया था।
  • एयरफ्रांस का विमान संख्या 1611 नाइस के निकट 1968 को दुर्घटनाग्रस्त। हादसे में 89 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों की मौत
  • मिस्रमें 1971 में संविधान को अंगीकार किया गया।
  • चिली के राष्ट्रपति साल्वाडोर अलांदे का 1973 में सैन्य तख्तापलट हुआ।
  • शिकागो में 1893 को विश्व धर्म सम्मेलन मेंस्वामी विवेकानंद ने कट्टरता, सहिष्णुता और सभी धर्मों में निहित सच्चाई पर ऐतिहासिक भाषण दिया।
  • राष्ट्रमंडल संसदीय संघ में 1996 को पहली बार एक महिला अध्यक्ष निर्वाचित।
  • अमेरिकाके वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 2001 को हुए आतंकी हमले में 6 हजार से अधिक लोग मारे गए।
  • आज ही के दिन स्वीडन की विदेश मंत्री एना लिंध की 2003 में एक अस्पताल में मौत हुई थी।
  • चीन के विरोध के बावजूद 2003 में तिब्बत के धार्मिक नेतादलाई लामा से अमेरिकी राषट्रपति जॉर्ज बुश मिले।
  • गाजा पट्टी में 38 सालों से जारी सैन्य शासन समाप्त करने की घोषणा 2005 में की।
  • पेस और डेम की जोड़ी ने 2006 में अमेरिकी ओपन का युगल ख़िताब जीता।
  • भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश पी.एन. भगवती 2006 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति में चौथी बार पुनर्निर्वाचित।
  • प्रख्यात बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने 2006 में भारतीय नागरिकता की मांग की।
  • स्विट्जरलैंड के रोजर फ़ेडरर को 2006 में लगातार तीसरी बार अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का ख़िताब जीता।
  • अमेरिकी अंतरिक्ष यान 2006 में अटलांटिस अंतरिक्ष के साथ जुड़ा।
  • येरूशलम से सटे डेविड शहर में 2007 को लगभग 2000 साल पुरानी सुरंग का पता लगा।
  • रक्षा वैज्ञानिकों ने 2011 में बनायी ‘ल्यूकोडर्मा’ की अचूक हर्बल औषधि। इस हर्बल द्रव और लगाने के लिए मलहम रूप में होगी। इस दवा के व्यावसायिक उत्पादन और मार्केटिंग के लिए डीआरडीओ ने देश की एक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी से करार किया है, जो तकनीकि हस्तांतरण से इसका उत्पादन शुरू करने जा रही है।
  • सोमालिया की सेना के साथ 2012 को संघर्ष में अल शबाब के 50 आतंकवादी मारे गए।

11 सितंबर को जन्मे व्यक्ति – 

  • अमेरीकी लेखक ओ. हेनरी का जन्म 1862 में हुआ।
  • सुब्रह्मण्य भारती का जन्म 1882 में हुआ।
  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रसिद्ध गांधीवादी नेताविनोबा भावे का जन्म 1895 में हुआ।
  • प्रसिद्ध मराठी साहित्यकार आत्माराम रावजी देशपांडे का जन्म 1901 में हुआ।
  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से पहला शतक जमाने वाले क्रिकेटर लाला अमरनाथ का जन्म 1911 में हुआ।
  • आधुनिक काल के प्रसिद्ध हिन्दी व राजस्थानी लेखक कन्हैयालाल सेठिया का जन्म 1919 में हुआ।
  • दक्षिण भारतीय अभिनेत्री श्रेया सारन का जन्म 1982 में हुआ।

11 सितंबर को हुए निधन

  • तमिल कवि सुब्रह्मण्य भारती का निधन 1921 में हुआ।
  • ब्रिटिशकालीन भारत के प्रमुख नेता और ‘मुस्लिम लीग’ के अध्यक्षमुहम्मद अली जिन्ना का निधन 1948 में हुआ।
  • प्रगतिशील भारतीय कवि मुक्तिबोध गजानन माधव का निधन 1964 में हुआ।
  • शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ के सर्वोच्च नेता निकिता ख़्रुश्चेव का निधन 1971 में हुआ।
  • भारतीय गुरु नीम करोली बाबा का निधन 1973 में हुआ।
  • हिन्दी कवयित्री और हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एकमहादेवी वर्मा का निधन 1987 में हुआ।
  • भारतीय सेना का एक सैनिकबाबा हरभजन सिंह का निधन 1968 में हुआ।

11 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव – 

 

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