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भारत और चीनी सैनिकों के बिच भिड़ंत ?

मोदी सरकार द्वारा जम्मू – कश्मीर से धारा ३७० हटाने तथा जम्मू – कश्मीर एवं लद्दाख को अलग राज्य बनाकर उसे केंद्र शासित राज्य बनाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और चीन सकपकाया हुआ है. पाकिस्तान का समर्थन करते हुए चीनी सेना ने भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए लद्दाख बॉर्डर पर अपनी हलचल तेज कर दी है. पाकिस्तान से तनाव के दौरान कल बुधवार को चीनी सेना और भारतीय सेना के बिच भिड़ंत हो गई. लद्दाख स्थित पैन्गोंग झील के किनारे सरहद पर दोनों सेनाओं की झड़प हो गई. उक्त क्षेत्र में भारतीय सीमा के अंदर ही भारतीय जवान पेट्रोलिंग पर थे. तभी चीनी सैनिकों ने विरोध दर्शाते हुए सैनिकों से धक्का मुक्की की. इसके बाद तनाव को बढ़ता देख दोनों सेनाओं ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी. देर शाम तक संघर्ष चलता रहा लेकिन दोनों देशों के बिच प्रतिनिधि मंडल स्तर की वार्ता होने के बाद संघर्ष टल गया. गौरतलब है कि विस्तारवादी चीन का अपने सभी पड़ोशी देशों के साथ रिश्ते ख़राब है. अपनी आक्रामक नीति का परिचय देते हुए चीन ने एक बार फिर से भारतीय सेना के साथ सीमा पर तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से झड़प की है. आये दिन चीन भारतीय सीमा का उल्लंघन करता आ रहा है. हालांकि पहले की तुलना में इसमें कमी आई है. चीन के षड्यंत्र और नापाक इरादे को भांप कर भारत ने भी दो मोर्चों पर युद्ध तैयारियां तेज कर दी है, जो किसी भी हमले से बचने के लिए कारगर सिद्ध होगा. चीन की ही आक्रामक भाषा में जवाब देने के लिए अगले माह चीन सीमा पर भारतीय सेना पहली बार एक बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है. अरुणाचल प्रदेश में चीनी सीमा के पास भारतीय सेना की माउन्टेन कोर के ५००० जवान वायुसेना के सहायता से इसमें हिस्सा लेंगी. क्या मोदी सरकार अब चीन की चालबाजी के जवाब में आक्रामक भूमिका अपनाएगा ? अपनी बेबाक राय दें.

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