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शंकराचार्य का पद छोड़ बने स्वयंसेवक

हरिद्वार जाने वाले हर तीर्थयात्री की प्राथमिकता हर की पैड़ी जाकर गंगा माँ के अमृत रूपी जल में स्नान करना होती है। इसके बाद वह वहाँ के प्राचीन और नूतन मन्दिरों के दर्शन करता है। नये मन्दिरों में भारत माता मन्दिर का प्रमुख स्थान है। इसके संस्थापक हैं महामण्डलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी।

स्वामी जी का जन्म 19 सितम्बर, 1932 को आगरा (उ.प्र.) में हुआ था। उनके पिता श्री शिवशंकर पाण्डेय एक सरकारी विद्यालय में पढ़ाते थे। अपने पुत्र का नाम उन्होंने अम्बिका रखा। अम्बिका का झुकाव शुरू से ही अध्यात्म की ओर था। दस वर्ष की अवस्था में ही वह नैमिषारण्य आ गये और प्राचीन धर्मग्रन्थों का अध्ययन करने लगे।

नैमिषारण्य में स्वामी वेदव्यासानन्द सरस्वती ने उनकी शिक्षा की व्यवस्था की। एक बार वहाँ संघ का शीत शिविर लगा, जिसमें सरसंघचालक श्री गुरुजी भी आये थे। अम्बिका के मन में गुरुजी के लिए बहुत श्रद्धा थी। वह पैदल चलकर शिविर में पहुँचे और उनसे आग्रह किया कि वे कुछ देर के लिए उनके आश्रम में चलें। गुरुजी ने उन्हें अपनी रजाई में बैठाया और गर्म दूध पिलवाया।

इससे उनका उत्साह दूना हो गया; पर गुरुजी का प्रवास दूसरे स्थान के लिए निश्चित था। अतः अम्बिका ने दुराग्रह नहीं किया। श्री गुरुजी से हुई इस भेंट ने उनके मन में संघ की जो अमिट छाप छोड़ी, वह आज भी उनके मन में बसी है। 1949 में उन्होंने संघ के वरिष्ठ प्रचारक व समाजसेवी नानाजी देशमुख का भाषण सुना। तब से वे संघ के अति निकट आ गये।

शिक्षा पूर्ण होने पर अक्षय तृतीया विक्रमी सम्वत 2017 (1960 ई.) में उन्हें भानुपुरा पीठ, मध्य प्रदेश के शंकराचार्य स्वामी सदानन्द गिरि ने संन्यास की दीक्षा दी। अब उनका नाम सत्यमित्रानन्द गिरि हो गया और वे पीठ के शंकराचार्य के रूप में अभिषिक्त हो गये; पर उनका मन आश्रम के वैभव और पूजा पाठ में कम ही लगता था। वे तो गरीबों के बीच जाकर उनकी सेवा करना चाहते थे; पर शंकराचार्य पद की मर्यादा इसमें बाधक थी। अतः उन्होंने इसके लिए योग्य उत्तराधिकारी ढूँढकर उन्हें सब काम सौंप दिया।

उस समय श्री गुरुजी इन्दौर में थे। स्वामी जी सीधे वहाँ गये और उन्हें यह सूचना दी। श्री गुरुजी ने कहा कि अब आप समाज सेवा अधिक अच्छी तरह कर पायेंगे। इसके बाद हरिद्वार आकर उन्होंने ‘भारत माता मन्दिर’ की स्थापना की। श्री गुरुजी के प्रति इस अपार श्रद्धा के कारण 2006 ई. में ‘श्री गुरुजी जन्मशती समारोह समिति’ का अध्यक्ष पद उन्होंने ही सँभाला।

भारतमाता मन्दिर में विभिन्न तलों पर भारत के महान् पुरुषों, नारियों, क्रान्तिकारियों, समाजसेवियों आदि की प्रतिमाएँ लगी हैं। इनको देखते हुए दर्शक जब सबसे नीचे आता है, तो वहाँ अखण्ड भारत के मानचित्र के आगे सुजलाम्, सुफलाम् भारत माता की विराट मूर्ति के दर्शन कर वह अभिभूत हो उठता है। अन्य मन्दिरों की तरह यहाँ पूजा, भोग, स्नान आदि कर्मकाण्ड नहीं होते।

भारत माता मन्दिर और समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा अनेक सेवा कार्य चलाये जाते हैं। इनमें वेद विद्यालय, विकलांग एवं कुष्ठजन सेवा, चिकित्सा वाहन, वृद्धाश्रम, दृष्टिहीन सेवा, शहीद परिवार सेवा, सफाईकर्मी सेवा आदि प्रमुख हैं। हिन्दू हितचिन्तन के लिए समर्पित स्वामी जी इसी प्रकार देश और धर्म की सेवा करते रहें, विश्व भर में फैले उनके भक्तों की यही कामना है।

 

19 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – 

  • ब्रिटेन और रूस के बीच 1755 में सैन्य संधि हुई।
  • विलियम शेक्सपीयरके प्रसिद्ध नाटक “मर्चेंट आॅफ वेनिस” का मैनचेस्टर में 1891 को पहली बार मंचन 1891 में किया गया।
  • स्वामी विवेकानंदने 1893 में शिकागो (अमेरिका) के विश्व धर्मसंसद में ऐतिहासिक भाषण दिया।
  • न्यूजीलैंड में निर्वाचन अधिनियम 1893 के तहत सभी महिलाअों को मतदान का अधिकार दिया गया।
  • पहली बार इतिहास में 1907 को कृत्रिम तेल का निर्माण हुआ। इस नये पदार्थ का आविष्कार स्काटलैंड के रसायनशास्त्री जेम्ज़ यांग ने किया था। यांग, पत्थर के कोयले की खदान के मालिक थे और उनके पास एक प्रयोगशाला थी पत्थर के कोयले के आसवन से उन्होंने कृत्रिम तेल बनाने में सफलता प्राप्त की थी।
  • हॉलीवुड फिल्मों के स्टारचार्ली चैपलिन को 1952 में अमेरिका वापस आने से रोक दिया गया।
  • अर्जेंटीनाकी सेना और नौसेना ने 1955 में विद्रोह कर राष्ट्रपति जुआन पेरोन को पद से हटाया।
  • अमेरिका ने 1957 को नेवादा के रेगिस्तान में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
  • भारत की उत्तरी सीमा पर 1962 में चीन द्वारा आक्रमण।
  • स्कॉट फाहमैन ऑनलाइन संदेश का इस्तेमाल करने वाले पहले व्यक्ति 1982 में बने।
  • ब्रिटिश उपनिवेश कैरीबियन द्वीप, सेंट किट्स एवं नेविस 1983 को स्वतंत्र।
  • मेक्सिको सिटी में 1985 को भूकंप से भारी तबाही हुई. वहां करीब 10,000 लोग मारे गए थे।
  • इस्राइल ने 1988 में परीक्षण उपग्रह होरिजोन-आई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
  • इटली के आलप्स पर्वतों के बीच 1991 को बर्फ में पड़ा हुआ प्राकृतिक ममी मिला. यह करीब 5000 साल पुराना था।
  • एलिजा इजेत्बोगोविक युद्धोत्तरकालीन 1996 में बोस्निया के प्रथम राष्ट्रपति बने।
  • ग्वाटेमाला और वामपंथी विद्रोहियों की सरकार ने 1996 में लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए।
  • कर्नम मल्लेश्वरी ने 2000 को आेलंपिक में भारोत्ताेलन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
  • इस्रायल के सैनिकों ने 2002 को पश्चिमी किनारे पर फ़िलिस्तीन नेता यासिर अराफ़ात की घेराबंदी की।
  • थाईलैड़ में 2006 को सैन्य तख्तापलट, जनरल सुरायुद प्रधानमंत्री बने।
  • साइबर वॉर की सम्‍भावना को देखते हुए अमेरिकी एयरफ़ोर्स ने 2007 में अस्‍थायी कमांड का गठन किया।
  • सर्वोच्च न्यायालय ने 2008 कोछत्तीसगढ़ में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए शुरू किए गये शलवाजुड्यूम के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को बंद करने का निर्देश दिया।
  • गुजरात के गोधरा काण्ड के बाद भड़के दंगे की मामले की जाँच कर रहे नानावती आयोग ने 2009 को राज्य में मुख्यमंत्रीनरेन्द्र मोदी तथा छह अन्य लोगों को तलब करने की मांग वाली याचिका का निबटारा किया।
  • नासा ने 2011 में चांद और मंगल ग्रह के अलावा अंतरिक्ष यात्रियों को ब्रह्मांड के दूसरे ठिकानों पर भेजने के लिए स्पेस लाँच सिस्टम (एसएलएस) नामक 100 टन तक वज़न को अंतरिक्ष में ले जा सकने वाले एक भव्य रॉकेट की रुपरेखा तैयार की।
  • अख़लाक़ मोहम्मद ख़ान ‘शहरयार’ को 2011 में उर्दू साहित्य में उनके योगदान के लिए 2008 का 44वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • एप्पल आईफोन 6 की बिक्री 2014 में शुरु हुई।

19 सितंबर को जन्मे व्यक्ति –

  • भारतीय गायक, संगीतकार और अभिनेता लकी अली का जन्म 1958 में हुआ।
  • अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ के माध्यम से अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला सुनीता विलियम्स का जन्म 1965में हुआ।
  • भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का जन्म 1977 में हुआ।
  • हिन्दी भाषा के प्रसिद्ध और सम्मानित कवि कुंवर नारायण का जन्म 1927 में हुआ।
  • बीसवीं शताब्दी के भारतीय सांस्कृतिक उन्नयन में विशेष योगदान देने वाले विद्वान श्रीपाद दामोदर सातवलेकर का जन्म 1867 में हुआ।

19 सितंबर को हुए निधन –

  • सिक्खों के चौथे गुरु सिख गुरु राम दास का निधन 1581 में हुआ।
  • ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत’ के विद्वान विष्णुनारायण भातखंडे का निधन 1936 में हुआ।
  • चर्चित लेखिका, सुमित्रानंदन पंत की मानस पुत्री सरस्वती प्रसाद का निधन 2013 में हुआ।
  • भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध मुग़ल वंश का 11वाँ बादशाह रफ़ीउद्दौला का निधन 1719 में हुआ।

 

 

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