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कैसे हो सकता है जीवन सफल और सुखी ? और कैसे होनी चाहिए सफल सुखी जीवन की शुरआत ? ये ऐसे प्रश्न हैं जिनके उत्तर हर व्यक्ति ढूँढ रहा है बिना इस बात पर गौर किए कि आपके जीवन को सफलता और सुखों से केवल और केवल आप ही भर सकते हैं। जैसा कि, पहले भी मैंने आपसे साझा किया था कि सफल होने के लिए, आप बस वो कीजिये जो आपको पसंद है। अपने इस पसंदीदा काम को दिल से करना है, पूरे जोश और लगन के साथ करना है। हर काम दिल से, पूरे जोश से, पूरी लगन से, सही जगह, सही समय पर। क्रमबद्धता को अपने जीवन में सवार्धिक महत्व दें और अपने जीवन उद्देश्यों को क्रमिक रूप में एक – एक कर पूरा करें। हाँ, लेकिन कुछ अदक्षता से नहीं करना, व्यवस्थित तरीके से करना है। तो कुछ और करने से पहले, आपको अपनी पूरी ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन का ‘लक्ष्य निर्धारण’ करना है। बहुत शांत और धीर मन से ये निर्णय आपको लेना है कि आपके जीवन का लक्ष्य क्या हो ?

हर व्यक्ति की अपनी पसंद होती है, अपनी विशेषताएं और अपने-अपने गुण भी। यही पसंद, नापसंद, गुण और कमियां मिलकर ही किसी एक व्यक्ति विशेष को निर्मित करती हैं। इसीलिए, ये बेहद ज़रूरी है कि, कोई व्यक्ति अपना जीवन कैसे बिताना चाहता है, ये निर्णय केवल उसका होना चाहिए। उसे जीवन से क्या चाहिए और वो स्वयं दुनिया को, समाज को, क्या देना चाहता है, यह निर्णय भी उसी का होना चाहिये। किसी से सुझाव लेने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन तब भी अंतिम निर्णय तो आपको स्वयं ही लेना होता है। क्योंकि जिस निर्णय को लेकर आप सहमत नहीं होते उसे आप लंबे समय तक निभा नहीं सकते, और यही आपके दुखों और असफल जीवन का कारण बन जाता है। अपने जीवन का उद्देश्य समझने के बाद, उसकी प्राप्ति की ओर बढ़ने के लिए एक एक्शन प्लान अर्थात कार्य योजना बनाइये।

जो लक्ष्य आपने चुना है उसकी प्राप्ति के लिए क्या – क्या करना ज़रूरी है, उसकी एक रूपरेखा बनाइये और उसे विभिन्न चरणों में विभाजित कीजिये। फिर उन विभिन्न चरणों को भी वर्ष, दिन और समय के अनुसार विभाजित कीजिये। ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि हर अलग लक्ष्य की पूर्ति के लिए कार्य योजना भी अलग होती है। उदाहरण के लिए एक क्रिकेटर बनना, एक डॉक्टर बनने से बिल्कुल अलग है और इसलिए एक खिलाड़ी बनने की तैयारी कर रहे व्यक्ति का समय अधिकतर खेल के मैदान में गुज़रता है जबकि मेडिकल की तैयारी कर रहे व्यक्ति का अधितकर समय अपने कमरे में पढ़ते हुए या फिर किसी लैब में गुज़रता है। अगर आपको अपने जीवन में एक डॉक्टर बनना है तो आपकी कार्य योजना निश्चित ही एक क्रिकेटर का लक्ष्य लिए व्यक्ति से भिन्न होगी। इसके लिए ज़रूरी है कि आपने जो लक्ष्य निर्धारित किया है, सर्वप्रथम उसकी जानकारी ठीक तरह से एकत्रित करें और फिर अपनी कार्य योजना बनाऐं।

                                                                                                                                                              *श्रृंखला अगले अंक में जारी रहेगी

 

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