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देशभक्त पत्रकार के कलम से निकलते अंगारे

भारत के स्वाधीनता आंदोलन के अनेक पक्ष थे। हिंसा और अहिंसा के  साथ कुछ लोग देश तथा विदेश में पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से जन जागरण भी कर रहे थे। अंग्रेज इन सबको अपने लिए खतरनाक मानते थे।

26 सितम्बर, 1886 को खतौली (जिला मुजफ्फरनगर, उ.प्र.) में सुंदरलाल नामक एक तेजस्वी बालक ने जन्म लिया। खतौली में गंगा नहर के किनारे बिजली और सिंचाई विभाग के कर्मचारी रहते हैं। इनके पिता श्री तोताराम श्रीवास्तव उन दिनों वहां उच्च सरकारी पद पर थे। उनके परिवार में प्रायः सभी लोग अच्छी सरकारी नौकरियों में थे।

मुजफ्फरनगर से हाईस्कूल करने के बाद सुंदरलाल जी प्रयाग के प्रसिद्ध म्योर क१लिज में पढ़ने गये। वहां क्रांतिकारियों के सम्पर्क रखने के कारण पुलिस उन पर निगाह रखने लगी। गुप्तचर विभाग ने उन्हें भारत की एक शिक्षित जाति में जन्मा आसाधारण क्षमता का युवक कहा, जो समय पड़ने पर तात्या टोपे और नाना फड़नवीस की तरह खतरनाक हो सकता है।

1907 में वाराणसी के शिवाजी महोत्सव में 22 वर्षीय सुन्दर लाल ने ओजस्वी भाषण दिया। यह समाचार पाकर कॉलेज वालों ने उसे छात्रावास से निकाल दिया। इसके बाद भी उन्होंने प्रथम श्रेणी में बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। अब तक उनका संबंध लाला लाजपतराय, श्री अरविन्द घोष तथा रासबिहारी बोस जैसे क्रांतिकारियों से हो चुका था। दिल्ली के चांदनी चौक में लार्ड हार्डिंग की शोभायात्रा पर बम फेंकने की योजना में सुंदरलाल जी भी सहभागी थे।

उत्तर प्रदेश में क्रांति के प्रचार हेतु लाला लाजपतराय के साथ सुंदरलाल जी ने भी प्रवास किया। कुछ समय तक उन्होंने सिंगापुर आदि देशों में क्रांतिकारी आंदोलन का प्रचार किया। इसके बाद उनका रुझान पत्रकारिता की ओर हुआ। उन्होंने पंडित सुंदरलाल के नाम से ‘कर्मयोगी’ पत्र निकाला। इसके बाद उन्होंने अभ्युदय, स्वराज्य, भविष्य और हिन्दी प्रदीप का भी सम्पादन किया।

ब्रिटिश अधिकारी कहते थे कि पंडित सुन्दर लाल की कलम से शब्द नहीं बम-गोले निकलते हैं। शासन ने जब प्रेस एक्ट की घोषणा की, तो कुछ समय के लिए ये पत्र बंद करने पड़े। इसके बाद वे भगवा वस्त्र पहनकर स्वामी सोमेश्वरानंद के नाम से देश भर में घूमने लगे। इस समय भी क्रांतिकारियों से उनका सम्पर्क निरन्तर बना रहा और वे उनकी योजनाओं में सहायता करते रहे। 1921 से लेकर 1947 तक उन्होंने उन्होंने आठ बार जेल यात्रा की।

इतनी व्यस्तता और लुकाछिपी के बीच उन्होंने अपनी पुस्तक ‘भारत में अंग्रेजी राज’ प्रकाशित कराई। यद्यपि प्रकाशन के दो दिन बाद ही शासन ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया; पर तब तक इसकी प्रतियां पूरे भारत में फैल चुकी थी। इसका जर्मन, चीनी तथा भारत की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ।

1947 में स्वतंत्रता प्रप्ति के बाद गांधी जी के आग्रह पर विस्थापितों की समस्या के समाधान के लिए वे पाकिस्तान गये। 1962-63 में ‘इंडियन पीस काउंसिल’ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई देशों की यात्रा की। 95 वर्ष की आयु में8 मई, 1981 को दिल्ली में हृदयगति रुकने से उनका देहांत हुआ। जब कोई उनके दीर्घ जीवन की कामना करता था,तो वे हंसकर कहते थे –

होशो हवास ताबे तबांसब तो जा चुके 

अब हम भी जाने वाले हैंसामान तो गया।।

26 सितंबर

  • विलियम 1087 में द्वितीय इंग्लैड के सम्राट बने।
  • अमेरिकी क्रांति: ब्रिटिश सैनिकों का 1777 में फिलाडेल्फिया पर कब्जा।
  • न्यूयॉर्क सिटी में 1872 को पहला मंदिर बना।
  • बेयर्न में गुस्ताव रीटर वॉन कारा ने 1923 में बर्लिन से स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • संयुक्त राष्ट्र सैनिकों ने 1950 में उत्तर कोरिया के सैनिकों से सोल को अपने कब्जे में लिया।
  • इंडोनेशिया ने 1950 में संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता ग्रहण की।
  • जापानके इतिहास मेंं 1959 को सबसे शक्तिशाली तूफान ‘वेरा’ से 4580 लोगों की मौत और 16 लाख लोग बेघर हुए।
  • अमेरिकामें 1960 को राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों जॉन एफ केनेडी और रिचर्ड निक्सन के बीच बहस का पहली बार टेलीविज़न पर प्रसारण।
  • सुपरसैनिक कॉन्कॉर्ड यात्री हवाई जहाज ने 1973 में अटलांटिक की यात्रा को रिकॉर्ड समय में यानी महज 3 घंटा 32 मिनट में पूरा किया।
  • यूनाइटेड किंगडम हांगकांग को 1984 में चीन के हवाले करने के लिए सहमत हुआ।
  • ब्रिटेन और चीन के बीच 1986 में हांगकांग को लेकर समझौता हुआ।
  • सचिन तेंदुलकरने 1998 में जिम्बाब्वे के ख़िलाफ़ एक दिवसीय क्रिकेट मैच में 18वां शतक लगाकर डेसमंड हेन्स का विश्व रिकार्ड तोड़ा।
  • अमेरिकाने 2001 में लादेन के बाद कश्मीरी आतंकवादियों से निपटने का भारत को आश्वासन दिया।
  • फ्रांसने 2002 में ईराक पर एकतरफ़ा कार्रवाई का विरोध किया।
  • अमेरिका ने 2004 में असैनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए भारत को तकनीक देने का निर्णय किया।
  • वियतनाम के दक्षिणी शहर कैनथो में 2007 को एक निर्माणाधीन पुल के ध्‍वस्त हो जाने से 62 श्रमिकों की मृत्‍यु हो गई।
  • पूजाश्री वेंंकटेश ने 2009 में रश्मि चक्रवर्ती को हराकर आई.टी.एफ. महिला टेनिस टूर्नामेंट का ख़िताब जीता।
  • फिलिपींस, चीन, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और थाईलैंड मे 2009 को कैटसाना तूफान से 700 लोगों की मौत।
  • सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने 2015 के चुनाव में महिलाओं के मतदान करने तथा शूरा परिषद में शामिल होने की अनुमति देने की घोषणा 2011 में की।
  • कीनिया में ग्रीन बेल्ट आंदोलन की संस्थापक वंगारी मथाई का निधन 2011 में हो गया जो 2004 मेंनोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली अफ्रीकी महिला बनी।
  • संयुक्त राष्ट्र ने 2011 में “स्वच्छ विकास तंत्र” योजना के तहत हरित गृह गैसों में कमी लाने के लिएदिल्ली मेट्रो को दुनिया का पहला “कार्बन क्रेडिट” दिया जिसके अंतर्गत उसे सात सालों के लिए 95 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
  • मेक्सिको के इगुआला में 2014 को सामूहिक अपहरण की घटना।

26 सितंबर को जन्मे व्यक्ति  –

  • प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षाशास्त्री और स्वाधीनता सेनानीईश्वर चन्द्र विद्यासागरका जन्म 1820 में हुआ।
  • भारतीय कवि, वकील, और राजनीतिज्ञ गुलाम गुलाम भीख नैरंग का जन्म 1876 में हुआ।
  • नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकन, अंग्रेज़ी लेखक टी.एस. इलियट का जन्म 1888 में हुआ।
  • परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक सूबेदार जोगिन्दर सिंह का जन्म 1921 में हुआ।
  • फ़िल्म अभिनेता और निर्माता देव आनंद का जन्म 1923 में हुआ।
  • भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह का जन्म 1932 में हुआ।

26 सितंबर को हुए निधन –

  • भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति लक्ष्मण काशीनाथ किर्लोस्कर का निधन 1956 में हुआ।
  • गोवाके स्वतंत्रता सेनानी टी. बी. कुन्हा का निधन 1958 में हुआ।
  • भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य के नर्तक, नृत्य निर्देशक और और बैले निर्माता उदय शंकर का निधन 1977 में हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्मों के पार्श्वगायक और संगीतकार हेमन्त कुमार का निधन 1989 में हुआ।

26 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव –

  • विश्व मूक बधिर दिवस

 

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