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स्वाधीनता की सनक

भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था। मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया।

मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था। गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम अलीनान के 62 वर्षीय विधुर त्रिलोचन हाजरा से कर दिया गया; पर दुर्भाग्य उनके पीछे पड़ा था। छह वर्ष बाद वह निःसन्तान विधवा हो गयीं। पति की पहली पत्नी से उत्पन्न पुत्र उससे बहुत घृणा करता था। अतः मातंगिनी एक अलग झोपड़ी में रहकर मजदूरी से जीवनयापन करने लगी। गाँव वालों के दुःख-सुख में सदा सहभागी रहने के कारण वे पूरे गाँव में माँ के समान पूज्य हो गयीं।

1932 में गान्धी जी के नेतृत्व में देश भर में स्वाधीनता आन्दोलन चला। वन्देमातरम् का घोष करते हुए जुलूस प्रतिदिन निकलते थे। जब ऐसा एक जुलूस मातंगिनी के घर के पास से निकला, तो उसने बंगाली परम्परा के अनुसार शंख ध्वनि से उसका स्वागत किया और जुलूस के साथ चल दी। तामलुक के कृष्णगंज बाजार में पहुँचकर एक सभा हुई। वहाँ मातंगिनी ने सबके साथ स्वाधीनता संग्राम में तन, मन, धन पूर्वक संघर्ष करने की शपथ ली।

मातंगिनी को अफीम की लत थी; पर अब इसके बदले उनके सिर पर स्वाधीनता का नशा सवार हो गया। 17जनवरी, 1933 को ‘कर बन्दी आन्दोलन’ को दबाने के लिए बंगाल के तत्कालीन गर्वनर एण्डरसन तामलुक आये, तो उनके विरोध में प्रदर्शन हुआ। वीरांगना मातंगिनी हाजरा सबसे आगे काला झण्डा लिये डटी थीं। वह ब्रिटिश शासन के विरोध में नारे लगाते हुई दरबार तक पहुँच गयीं। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और छह माह का सश्रम कारावास देकर मुर्शिदाबाद जेल में बन्द कर दिया।

1935 में तामलुक क्षेत्र भीषण बाढ़ के कारण हैजा और चेचक की चपेट में आ गया। मातंगिनी अपनी जान की चिन्ता किये बिना राहत कार्य में जुट गयीं। 1942 में जब ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ ने जोर पकड़ा, तो मातंगिनी उसमें कूद पड़ीं। आठ सितम्बर को तामलुक में हुए एक प्रदर्शन में पुलिस की गोली से तीन स्वाधीनता सेनानी मारे गये। लोगों ने इसके विरोध में 29 सितम्बर को और भी बड़ी रैली निकालने का निश्चय किया।

मातंगिनी ने गाँव-गाँव में घूमकर रैली के लिए 5,000 लोगों को तैयार किया। सब दोपहर में सरकारी डाक बंगले पर पहुँच गये। तभी पुलिस की बन्दूकें गरज उठीं। मातंगिनी एक चबूतरे पर खड़ी होकर नारे लगवा रही थीं। एक गोली उनके बायें हाथ में लगी। उन्होंने तिरंगे झण्डे को गिरने से पहले ही दूसरे हाथ में ले लिया। तभी दूसरी गोली उनके दाहिने हाथ में और तीसरी उनके माथे पर लगी। मातंगिनी की मृत देह वहीं लुढ़क गयी।

इस बलिदान से पूरे क्षेत्र में इतना जोश उमड़ा कि दस दिन मंे ही लोगों ने अंग्रेजों को खदेड़कर वहाँ स्वाधीन सरकार स्थापित कर दी, जिसने 21 महीने तक काम किया। दिसम्बर, 1974 में प्रधानमन्त्री श्रीमती इन्दिरा गान्धी ने अपने प्रवास के समय तामलुक में मांतगिनी हाजरा की मूर्ति का अनावरण कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।

29 सितंबर

  • इंग्लैंड में पहले मैरिज ब्यूरो की शुरुआत 1650 में हुई।
  • अमेरिकाके युद्ध विभाग ने 1789 में स्थायी सेना स्थापित की।
  • मद्रास चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की स्थापना 1836 में हुई।
  • इटली ने 1911 में ऑटोमन साम्राज्य के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।
  • टेलीफोन से पहला अंतरमहाद्वीपीय संदेश 1915 में भेजा गया।
  • अमेरिकाऔर मैक्सिको के बीच टेलीफोन सेवा की शुरुआत 1927 में हुई।
  • आरती साहाने 1959 में इंग्लिश चैनल को तैरकर पार किया।
  • कोलकाता में बिड़ला तारामंडल 1962 को खुला।
  • बंगाल की खाड़ी में 1971 को चक्रवातीय तूफान से करीब 10 हज़ार लोगों की मौत हुई।
  • सोवियत संघ ने 1977 में स्पेस स्टेशन साल्युत 6 को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया।
  • दिन पोप जॉन पॉल प्रथम की रहस्यमय हालात में 1978 को मौत हो गई थी। वे केवल 33 दिनों पहले पोप चुने गए थे और बिस्तर पर पढ़ाई करते-करते अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
  • कैथोलिक ईसाइयों के धार्मिक गुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1979 में आज ही के दिन आयरलैंड के लोगों से हिंसा को त्याग कर शांति के रास्ते पर चलने की अपील की थी।
  • चीन की मुन्चोनाक कोयला खान में 2000 को 100 लोगों की मृत्यु।
  • संयुक्त राष्ट्र ने 2001 में आतंकवाद विरोधी अमेरिकी प्रस्ताव पारित किया।
  • बुसान में 14वें एशियाई खेलों का उद्घाटन 2002 में हुआ।
  • ईरान ने 2003 में यूरेनियम परिशोधन कार्यक्रम जारी रखने का निर्णय लिया।
  • विश्व की पहली महिला अंतरिक्ष पर्यटक ईरानी मूल की अमेरिका नागरिक अनुशेह अंसारी 2006 में पृथ्वी पर सकुशल लौटीं।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी फेडरेशन की ताजा रैकिंग में बिजेन्दर को 2009 में 75 किग्रा0 में 2700 अंकों के साथ में पहला स्थान दिया गया।
  • चीन ने 2011 में जिक्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से पहली अंतरिक्ष प्रयोगशाला तियांगोंग-1 को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया।

29 सितंबर को जन्मे व्यक्ति

दुनिया के जाने-माने फिजिसिस्‍ट एनरिको फर्नी का जन्‍म 1901 को हुआ था।

  • भारत के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बृजेश मिश्र का जन्म 1928में हुआ।
  • अभिनेता, निर्माता-निर्देशक महमूद अली का जन्‍म 1932 में हुआ था।
  • ईरान के पाँचवें राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी का जन्म 1943 में हुआ।
  • भारत के 38वें मुख्य न्यायाधीश एस. एच. कपाड़िया का जन्म 1947 में हुआ।

29 सितंबर को हुए निधन

  • डीजल इंजन का आविष्‍कार करने वाले रुडॉल्‍फ डीजल का निधन 1913 में हुआ था।
  • प्रसिद्ध महिला क्रांतिकारी मातंगिनी हज़ारा का निधन 1942 में हुआ।
  • पश्चिम बंगालके प्रसिद्ध क्रांतिकारी गोपाल सेन का निधन 1944 में हुआ।
  • मिस्रके राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासिर का निधन 1970 में हुआ।
  • मलयालम भाषा की प्रसिद्ध कवियित्री बालमणि अम्मा का निधन 2004 में हुआ।
  • भारतीय सिनेमा के अभिनेता टॉम ऑल्टर का निधन 2017 में हुआ।

29 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

विश्व हृदय दिवस 

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