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पूर्वजन्म में हिन्दू व भारतीय थी विदेशी महिला

डा. एनी वुड बेसेंट का जन्म एक अक्तूबर, 1847 को लंदन में हुआ था। इनके पिता अंग्रेज तथा माता आयरिश थीं। जब ये पांच वर्ष की थीं, तब इनके पिता का देहांत हो गया। अतः इनकी मां ने इन्हें मिस मेरियट के संरक्षण में हैरो भेज दिया। उनके साथ वे जर्मनी और फ्रांस गयीं और वहां की भाषाएं सीखीं। 17 वर्ष की अवस्था में वे फिर से मां के पास आ गयीं।

1867 में इनका विवाह एक पादरी रेवरेण्ड फ्रेंक से हुआ। वह संकुचित विचारों का था। अतः दो संतानों के बाद ही तलाक हो गया। ब्रिटिश कानून के अनुसार दोनों बच्चे पिता पर ही रहे। इससे इनके दिल को ठेस लगी। उन्होंने मां से बच्चों को अलग करने वाले कानून की निन्दा करते हुए अपना शेष जीवन निर्धन और अनाथों की सेवा में लगाने का निश्चय किया। इस घटना से इनका विश्वास ईश्वर, बाइबिल और ईसाई मजहब से भी उठ गया।

श्रीमती एनी बेसेंट इसके बाद लेखन और प्रकाशन से जुड़ गयीं। उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले मजदूरों की समस्याओं को सुलझाने के लिए अथक प्रयत्न किये। आंदोलन करने वाले मजदूरों के उत्पीड़न को देखकर उन्होंने ब्रिटिश सरकार के इन काले कानूनों का विरोध किया। वे कई वर्ष तक इंग्लैंड के सबसे शक्तिशाली महिला मजदूर यूनियन की सचिव भी रहीं।

वे 1883 में समाजवादी और 1889 में ब्रह्मविद्यावादी (थियोसोफी) विचारों के सम्पर्क में आयीं। वे एक कुशल वक्ता थीं और सारे विश्व में इन विचारों को फैलाना चाहती थीं। वे पाश्चात्य विचारधारा की विरोधी और प्राचीन भारतीय व्यवस्था की समर्थक थीं। 1893 में उन्होंने वाराणसी को अपना केन्द्र बनाया। यहां उनकी सभी मानसिक और आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान हुआ। अतः वे वाराणसी को ही अपना वास्तविक घर मानने लगीं।

1907 में वे ‘थियोसोफिकल सोसायटी’ की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने धर्म, शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में पुनर्जागरण के लिए 1916 में ‘होम रूल लीग’ की स्थापना की। उन्होंने वाराणसी में ‘सेंट्रल हिन्दू कॉलेज’ खोला तथा 1917 में इसे महामना मदनमोहन मालवीय जी को समर्पित कर दिया। वाराणसी में उन्होंने 1904 में ‘हिन्दू गर्ल्स स्कूल’ भी खोला। इसी प्रकार ‘इन्द्रप्रस्थ बालिका विद्यालय, दिल्ली’ तथा निर्धन एवं असहाय लोगों के लिए 1908 में ‘थियोसोफिकल ऑर्डर ऑफ सर्विस’ की स्थापना की।

उन्होंने धार्मिक एवं राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार, महिला जागरण, स्काउट एवं मजदूर आंदोलन आदि में सक्रिय भूमिका निभाई। सामाजिक बुराइयां मिटाने के लिए उन्होंने ‘ब्रदर्स ऑफ सर्विस’ संस्था बनाई। इसके सदस्यों को एक प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़ते थे। कांग्रेस और स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय होने के कारण उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। 1917 के कोलकाता अधिवेशन में उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। यद्यपि फिर लोकमान्य तिलक और गांधी जी से उनके भारी मतभेद हो गये। इससे वे अकेली पड़ गयीं। वे गांधीवाद का उग्र विरोध करते हुए कहती थीं कि इससे भारत में अराजकता फैल जाएगी।

डा. एनी बेसेंट एक विदुषी महिला थीं। उन्होंने सैकड़ों पुस्तक और लेख लिखे। वे स्वयं को पूर्व जन्म का हिन्दू एवं भारतीय मानती थीं। 20 सितम्बर, 1933 को चेन्नई में उनका देहांत हुआ। उनकी इच्छानुसार उनकी अस्थियों को वाराणसी में सम्मान सहित गंगा में विसर्जित कर दिया गया।

1 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – 

  • भारतमें डाक टिकट का प्रचलन 1854 में आरंभ हुआ।
  • हन्टर समिति की स्थापना ब्रिटिश सरकार द्वारा 1 अक्टूबर, 1919 ई. को की गई थी।
  • गुरजिएफ ने फ्रांस के फॉनटेनब्लियू में मनुष्य का सामंजस्यपूर्ण विकास के लिए 1922 में अपना संस्थान खोला।
  • चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की शुरुआत 1949 में हुई।
  • जनरल माओ-त्से-तुंग द्वारा 1949 में चीन जनवादी गणराज्य (पीपुल्स रिपब्लिक आफ़ चाइना) की घोषणा।
  • आंध्र प्रदेश1953 में अलग राज्य बना।
  • नाइजीरिया यूनाइटेड किंगडम से 1960 को स्वतंत्र हुआ।
  • भारतीय पर्यटन विकास निगम की स्थापना 1967 में हुई।
  • लड़कियों की शादी की उम्र को 1978 में 14 से बढा कर 18 और लड़कों का 18 से बढा कर 21 वर्ष किया गया।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्वारा पश्चिम एशिया शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 1996 में हुआ ।
  • श्रीलंकामें किलिनोच्ची एवं मानकुलम शहरों पर कब्ज़े के लिए सेना एवं लिट्टे उगवादियों के बीच 1998 को हुए संघर्ष में 1300 लोगों की मृत्यु।
  • सिडनी में 2000 को 27वें ओलम्पिक खेल सम्पन्न।
  • एशियाड खेलों में 2002 को स्नूकर प्रतिस्पर्द्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।
  • नदियों को जोड़ने के सम्बन्ध मेंबांग्लादेश की आशंकाओं को 2003 में भारत ने दूर किया।
  • इज़रायली प्रधानमंत्री एरियल शैरोन के मंत्रिमंडल ने 2004 को गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर सैनिक कार्रवाई की योजना को मंजूरी दी।
  • इंडोनेशिया के बाली में 2005 को हुए बम विस्फोट में 40 लोगों की मृत्यु।
  • इज़रायल ने 2006 में लेबनान से अपनी सेना की आख़िरी टुकड़ी को भी वापस बुलाया।
  • जापानने 2007 में उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबन्धों को अगले छ: महीनों तक बढ़ाने की घोषणा की।
  • आतंकवादियों ने 2008 कोत्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बम ब्लास्ट किया।
  • ग्वाटेमाला के संता काटरीना पिनुला में 2015 को भारी बारिश और भूस्खलन से 280 लोगों की मौत।

1 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति

  • स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्‌ और सामाजिक कार्यकर्ता एस. सुब्रह्मण्य अय्यर का जन्म 1842 में हुआ।
  • प्रख्यात समाजसेवी, लेखिका और स्वतंत्रता सेनानीएनी बेसेंट का जन्म 1847 में हुआ।
  • पाकिस्तानके पहले प्रधानमंत्री लियाक़त अली ख़ाँ का जन्म 1895 में हुआ।
  • स्वतंत्रता सेनानी एवंपंजाब के भूतपूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों का जन्म 1901 में हुआ।
  • केरलके प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता और भारत के स्वतंत्रता सेनानी ए. के. गोपालन का जन्म 1904 में हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी का जन्म 1919 में हुआ।
  • अमेरिकी वकील और राजनितिज्ञ बर्क मार्शल का जन्म 1922में हुआ।
  • अमेरिकाके 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर का जन्म 1924 में हुआ।
  • प्रसिद्ध तमिल अभिनेता शिवाजी गणेशन का जन्म 1927 में हुआ।
  • भारतीय राजनीतिज्ञ एवं दलित नेता सूरज भान का जन्म 1928 में हुआ।
  • भारत के महान् बिलियर्ड्स खिलाड़ी माइकल फ़रेरा का जन्म 1938 में हुआ।
  • भारत के राष्ट्रपतिराम नाथ कोविन्द का जन्म 1945 में हुआ।
  • प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालायोगी का जन्म 1951 में हुआ।
  • राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत त्रिलोक सिंह ठकुरेला का जन्म 1966 में हुआ।
  • बंगला और हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार तथा गायक सचिन देव बर्मन का जन्म में 1975 हुआ।

1 अक्टूबर को हुए निधन –

  • सिखों के तीसरे गुरू अमर दास का निधन 1574 में हुआ।
  • भारत के क्रांतिकारी चन्दन सिंह गढ़वाली का निधान 1979 में हुआ।

1 अक्टूबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव –

  • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस
  • राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस

 

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