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सुरक्षा के लिए घातक है तस्करी का जाल ?

मुंबई से सटा पालघर जिला अपराधियों और स्लीपर सेल का गढ़ माना जाता है. भविष्य में आतंकी हमलों की साजिश की योजना यहीं पर बनाने की संभावना स्थानीय लोगों ने जताई है. मालवणी, मुम्ब्रा, कुर्ला के बाद नालासोपारा सबसे संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किये गए है. बहरहाल पालघर पुलिस ने गुप्त सुचना के आधार पर घातक हथियारों और ड्रग्स का जखीरा बरामद किया और तस्करी में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बरामद किये गए १३.४० करोड़ रूपये के ड्रग्स, ३ एके ४७ रायफल, ६३ जिन्दा कारतूस, ४ पिस्टल व रिवाल्वर और मैगजीन को जब्त कर लिया है. बताया जाता है कि शराब, ड्रग्स, गुटखा, हथियार, गो तस्करी आदि की महाराष्ट्र में तस्करी के लिए पालघर के रास्ते का उपयोग किया जाता है. बता दें कि स्थानीय सत्ताधारी पार्टी के समर्थन और भ्रष्ट पालघर पुलिस के मिलीभगत से ही अपराधियों का हौसला बुलंद है. परिणामत: पालघर जिला में भ्रष्टाचार, अपराध, आतंक, चोरी, हत्या, माफियाराज, जंगलराज, तस्करी का बोलबाला है. १९९३ के दंगों के दौरान भी हथियारों का जखीरा यहां पर उतारा गया था. आशंका जताई जा रहीं है कि तस्करी के रास्ते ही पालघर में हथियार, गोला बारूद, ड्रग्स, पैसे आदि पहुचाये जायेंगे और फिर यहां से महाराष्ट्र के अन्य शहरों में इसकी सप्लाय की जाएगी. क्या सुरक्षा की दृष्टी से पालघर पुलिस को सदैव सतर्क और भ्रष्टाचार मुक्त रहने की आवश्यकता है ? अपनी बेबाक राय दें 

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