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 १८५७ का सशस्त्र ग़दर

1857 के स्वाधीनता संग्राम की ज्योति को अपने बलिदान से जलाने वाले मंगल पाण्डे को तो सब जानते हैं; पर उनके नाम से काफी मिलते-जुलते बिहार निवासी जयमंगल पाण्डे का नाम कम ही प्रचलित है।

बैरकपुर छावनी में हुए विद्रोह के बाद देश की अन्य छावनियों में भी क्रान्ति-ज्वाल सुलगने लगी। बिहार में सैनिक क्रोध से जल रहे थे। 13 जुलाई को दानापुर छावनी में सैनिकों ने क्रान्ति का बिगुल बजाया, तो 30 जुलाई को रामगढ़ बटालियन की आठवीं नेटिव इन्फैण्ट्री के जवानों ने हथियार उठा लिये। भारत माता को दासता की जंजीरों से मुक्त करने की चाहत हर जवान के दिल में घर कर चुकी थी। बस, सब अवसर की तलाश में थे।

सूबेदार जयमंगल पाण्डे उन दिनों रामगढ़ छावनी में तैनात थे। उन्होंने अपने साथी नादिर अली को तैयार किया और फिर वे दोनों 150 सैनिकों को साथ लेकर राँची की ओर कूच कर गये। वयोवृद्ध बाबू कुँवरसिंह जगदीशपुर में अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। इस अवस्था में भी उनका जीवट देखकर सब क्रान्तिकारियों ने उन्हें अपना नेता मान लिया था। जयमंगल पाण्डे और नादिर अली भी उनके दर्शन को व्याकुल थे। 11 सितम्बर, 1857 को ये दोनों अपने जवानों के साथ जगदीशपुर की ओर चल दिये।

वे कुडू, चन्दवा, बालूमारथ होते हुए चतरा पहुँचे। उस समय चतरा का डिप्टी कमिश्नर सिम्पसन था। उसे यह समाचार मिल गया था कि ये दोनों अपने क्रान्तिकारी सैनिकों के साथ फरार हो चुके हैं। उन दिनों अंग्रेज अधिकारी बाबू कुँवरसिंह से बहुत परेशान थे। उन्हें लगा कि इन दोनों को यदि अभी न रोका गया, तो आगे चलकर ये भी सिरदर्द बन जाएंगे। अतः उसने मेजर इंगलिश के नेतृत्व में सैनिकों का एक दल भेजा। उसमें 53 वें पैदल दस्ते के 150 सैनिकों के साथ सिख दस्ते ओर 170 वें बंगाल दस्ते के सैनिक भी थे। इतना ही नहीं, तो उनके पास आधुनिक शस्त्रों का बड़ा जखीरा भी था।

इधर वीर जयमंगल पाण्डे और नादिर अली को भी सूचना मिल गयी कि मेजर इंगलिश अपने भारी दल के साथ उनका पीछा कर रहा है। अतः उन्होंने चतरा में जेल के पश्चिमी छोर पर मोर्चा लगा लिया। वह दो अक्तूबर, 1857 का दिन था। थोड़ी देर में ही अंग्रेज सेना आ पहुँची।

जयमंगल पाण्डे के निर्देश पर सब सैनिक मर मिटने का संकल्प लेकर टूट पड़े; पर इधर संख्या और अस्त्र शस्त्र दोनों ही कम थे, जबकि दूसरी ओर ये पर्याप्त मात्रा में थे। फिर भी दिन भर चले संघर्ष में 58 अंग्रेज सैनिक मारे गये। उन्हें कैथोलिक आश्रम के कुँए में हथियारों सहित फेंक दिया गया। बाद में शासन ने इस कुएँ को ही कब्रगाह बना दिया।

इधर क्रान्तिवीरों की भी काफी क्षति हुई। अधिकांश सैनिकों ने वीरगति पायी। तीन अक्तूबर को जयमंगल पाण्डे और नादिर अली पकड़े गये। अंग्रेज अधिकारी जनता में आतंक फैलाना चाहते थे। इसलिए अगले दिन चार अक्तूबर को पन्सीहारी तालाब के पास एक आम के पेड़ पर दोनों को खुलेआम फाँसी दे दी गयी। बाद में इस तालाब को फाँसी तालाब, मंगल तालाब, हरजीवन तालाब आदि अनेक नामों से पुकारा जाने लगा। स्वतन्त्रता के बाद वहाँ एक स्मारक बनाया गया। उस पर लिखा है –

जयमंगल पाण्डेय नादिर अली दोनों सूबेदार रे

दोनों मिलकर फाँसी चढ़े हरजीवन तालाब रे।।

4 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – 

  • खलीफा अल-आदिल की हत्या 1227 में हुई।
  • बैजेंटाइन साम्राज्य तथा वेनिस गणराज्य के बीच एक शांति समझौता 1302 में हुआ।
  • मेक्सिको 1824 में एक गणराज्य बना।
  • नीदरलैंड से अलग होकर 1830 में बेल्जियम साम्राज्य बना।
  • यूएस ने 1943 में जापानियों से सॉलोमन पर कब्जा कर लिया।
  • सोवियत संघ ने 1957 में पहला उपग्रह स्पुतनिक सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में भेजा।
  • क्यूबा और हैती में 1963 को चक्रवाती तूफान ‘फ्लोरा’ से छह हजार लोग मरे।
  • भारत ने 1974 में दक्षिण अफ्रिका की सरकार की रंभेदी नीति का प्रतिरोध करने के लिए वहाँ जाकर डेविस कप में भाग लेने से इनकार कर दिया।
  • भारत के विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को हिंदी में संबोधित किया। हिंदी में दिया गया यह पहला संबोधन था।
  • पाकिस्तानके 16 वर्षीय बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी ने 1996 में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में 37 गेंदों में शतक बनाकर विश्व कीर्तिमान रचा।
  • चांग चून शियुंग 2000 में ताइवान के नये प्रधानमंत्री बने।
  • पाकिस्तानमें शाहीन प्रक्षेपास्त्र का परीक्षण 2002 में किया गया।
  • बाली बम कांड में 2005 को दो संदिग्ध व्यक्ति गिरफ़्तार।
  • जूलियन असांजे ने विकीलीक्स की स्थापना 2006 को की।
  • अमेरिकाकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस 2008 में एक दिन के लिए भारत यात्रा पर रहीं।
  • अमेरिकाने 2011 में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के मुखिया अबू बकर अल बगदादी को वैश्विक आतंकवादी के रूप में चिन्हित किया और साथ ही उस पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी रखा।
  • नोबेल पुरस्कार समिति ने 2011 को भौतिकी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए अमेरिका के सॉल पर्लमटर और एडम रीस तथा अमेरिकी मूल के आस्ट्रेलियाई नागरिक ब्रायन श्मिट को वर्ष 2011 का नोबेल पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की।
  • अफगानिस्तानके राष्ट्रपति हामिद करजई की भारत यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई बैठक में सामरिक मामले, खनिज संपदा की साझेदारी और तेल और गैस की खोज पर साझेदारी संबंधी तीन समझौतों पर 2011 को हस्ताक्षर किए गए।
  • सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय के समीप 2011 को हुए एक आत्मघाती कार बम विस्फोट में कम से कम 65 लोग मारे गए।
  • अलग तेलंगाना राज्य के लिए 2011 को आंध्रप्रदेश में 22वें दिन भी हड़ताल जारी रही।
  • दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के अख्तराबाद इलाके में 2011 को शिया मुस्लिम समुदाय के 12 व्यक्तियों को हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी से उतारकर हत्या कर दी।
  • भारतीय राष्ट्रपतिप्रतिभा पाटिल की यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड ने 2011 को वित्तीय क्षेत्र में सहयोग के लिए द्विपक्षीय समझौता किया गया जिससे आयकर विभाग के बीच सहयोग बढने और स्विस बैंकों में भारतीयों के खातों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
  • मैक्सिको के राष्ट्रीय मानव विज्ञान एवं इतिहास संस्थान ने 2011 को उत्तर में स्थित दुरांगो प्रांत से प्राप्त मानवीय अस्थियों के आधार पर दावा किया है कि प्राचीन समय में यहां के आदिवासी नरभक्षी थे।
  • दुनिया के नंबर एक डबल ट्रैप निशानेबाज भारत के रोंजन सोढ़ी ने 2011 को संयुक्त अरब अमीरात के अल आईन में विश्वकप मुकाबले में ओलिम्पिक पदक विजेता चीन के बिनयुआन को पराजित कर अपने खिताब की रक्षा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने।
  • रोजगार की तलाश में 2011 को ब्रिटेन आने वाले विदेशी चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में काम करने के लिए एक अंग्रेजी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया।
  • कुवैत के सबसे बड़े तेलशोधक कारखाने मीना अल-अहमदी में 2011 को हुए विस्फोट में तमिलनाडु के चार मजदूरों की मौत हो गई।
  • चीन में 2012 को आये भूस्खलन के बाद 19 लोग दबकर मरे।
  • फॉर्मूला वन के बादशाह माइकल शूमाकर ने 2012 को संन्यास लिया।

4 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति 

  • ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ में भारत की दूसरी महिला अधिकारी तथामध्य प्रदेश की भूतपूर्व राज्यपाल सरला ग्रेवाल का जन्म 1927 में हुआ।
  • बीसवीं शताब्दी के हिन्दी के प्रमुख साहित्यकार रामचन्द्र शुक्ल का जन्म 1884 में हुआ।
  • प्रसिद्धस्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 1857 में हुआ।
  • हिंदी और बांग्ला पार्श्व गायिका संध्या मुखोपाध्याय का जन्म 1931 में हुआ।
  • हैती के 41वें राष्ट्रपति और नेता जीन क्लाउड दुवेलियर का जन्म 2014 में हुआ।

4 अक्टूबर को हुए निधन –

  • भारतीय फिल्म निर्देशक एवं निर्माता इदिदा नागेश्वर राव का निधन 2015 में हुआ।

4 अक्टूबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव 

  • विश्व पशु कल्याण दिवस
  • राष्ट्रीय अखंडता दिवस

 

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