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सैकड़ो वर्षो तक मुस्लिम आक्रमणों पर लगाई रोक

अठारहवीं शती के पंजाब में सिखों की शुकरचकिया मिसल (छोटी रियासत) के उत्तराधिकारी के रूप में दो नवम्बर 1780 को गुजराँवाला मे जन्मे रणजीत सिंह ने अपने शौर्य, पराक्रम, सूझबूझ और कूटनीति से सिख राज्य की सीमाएँ अटक, पेशावर, काबुल और जमरूद तक पहुँचा दी थीं।

रणजीत सिंह के पिता का नाम सरदार महासिंह था। जब रणजीत सिंह केवल 12 वर्ष के थे, तब महासिंह के देहान्त से मिसल की देखभाल की जिम्मेदारी उनकी माता और रियासत की रेजीडेण्ट महोतर कौर पर आ पड़ी; पर असली सत्ता एक अन्य महत्वाकांक्षी महिला रानी सुधा कौर के हाथ में थी।  उसमें प्रशासनिक क्षमता न होने से सर्वत्र अव्यवस्था व्याप्त थी।

रणजीत सिंह ने होश सँभालते ही 1799 में लाहौर और 1805 में अमृतसर पर कठोर नियन्त्रण स्थापित किया। फिर कसूर, जम्मू, मुल्तान, काँगड़ा, शिमला और कश्मीर को क्रमशः अपने राज्य में मिलाया। जम्मू के डोगरा राजा गुलाब सिंह के पराक्रमी सेनानायक जोरावर सिंह के शौर्य से उन्होंने लद्दाख पर भी अधिकार कर लिया। अपने राज्य की सीमाओं का विस्तार कर रणजीत सिंह ने सब जगह प्रशासनिक सुव्यवस्था और शान्ति स्थापित की।

रणजीत सिंह ने जो विशाल शक्ति खड़ी की, वह 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश सैन्य शक्ति के बराबर थी। इसमें 92,000 पैदल, 31,000 घुड़सवार, 384 भारी और 400 हल्की तोपें थीं। उनकी दूरदर्शी नीति के कारण भारत की पश्चिमी सीमा पर सैकड़ों वर्ष से हो रहे मुस्लिम आक्रमणों पर रोक लग गयी।

यद्यपि अंग्रेज उस समय भारत पर धीरे-धीरे अधिकार कर रहे थे। रणजीत सिंह ने समयानुकूल कूटनीति अपनाते हुए अंग्रेजों से 1809 में एक सन्धि की, जिससे यह तय हुआ कि ब्रिटिश सेना सतलुज नदी के पश्चिम से आगे भारत में नहीं घुसेगी।

रणजीत सिंह अंग्रेजों के समर्थक नहीं थे; पर वे जानते थे कि उन पर आधुनिक शस्त्रों से सज्जित सेना है। वे अपनी सेना को ऐसा ही बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्हांेने नेपोलियन की सेना के एक अधिकारी बापिस्ते वेंचूरा को पैदल तथा जीन फ्रान्सिस अलार्ड को घुड़सवार सेना के प्रशिक्षण के लिए नियुक्त किया। बन्दूकों के निर्माण के लिए क्लाड आगरस्ट तथा बारूद और अन्य युद्धोपकरणों के लिए हंगरी के होनाइजर की सेवाएँ ली। इस प्रकार अपनी सेना को आधुनिक बनाने वाले वे प्रथम भारतीय शासक थे।

रणजीत सिंह का शासन लोकतान्त्रिक शासन था। वे सब निर्णय अपने प्रमुख सहयोगियों से मिलकर ही लेते थे। महाराजा होते हुए भी उन्होंने सदा स्वयं को खालसा पन्थ का एक विनम्र सैनिक ही माना। यद्यपि उन्होंने औपचारिक शिक्षा नहीं पायी थी; पर उनकी कल्पना शक्ति और योजकता विलक्षण थी। इसके बल पर उन्होंने भारत की यश पताका चहुँ ओर फहराई।

रणजीत सिंह धर्मप्रेमी शासक थे। अफगानिस्तान विजय से जो सोना उन्हें मिला, उसका आधा स्वर्ण मन्दिर अमृतसर और आधा काशी विश्वनाथ मन्दिर को दिया। उन्होंने कोहिनूर हीरा प्राप्त कर उसे पुरी के जगन्नाथ मन्दिर को भेंट किया; पर दुर्भाग्यवश वहाँ पहुँचने से पहले ही उसे अंग्रेजों ने हड़प लिया।

ऐसे वीर पुरुष का देहान्त 27 जून, 1839 को हुआ। यह दुर्भाग्य ही है कि उन्होंने अपने शौर्य से जो विशाल साम्राज्य बनाया, वह उनके देहावसान के कुछ समय बाद ही बिखर गया।
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2 नवंबर

अंग्रेज अधिकारी कमांडर इन चीफ ऑफ ब्रिटिश इंड़िया राबर्ट क्लाइव ने 1774 में इंग्लैंड में आत्महत्या की।

  • एटलस नाम का जहाज 1834 में भारतीय मजदूरों को लेकर मॉरिशस पहुंचा था जिसे वहां अप्रवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • अमेरिकाके मूल निवासियों के विभिन्न गुटों के बीच 1835 में फ्लोरिडा के ओसिओला में दूसरा सेमीनोले युद्ध शुरू हुआ। यह लड़ाई फ्लोरिडा युद्ध के नाम से भी मशहूर है।
  • अकबर खान ने 1841 मेंअफ़ग़ानिस्तान में शाह शुजा के खिलाफ विद्रोह किया,जिसमें उसे सफलता मिली।
  • फ्रेंकलिन पियर्स 1852 मेंअमेरिका के राष्ट्रपति बने।
  • रूस द्वारा 1914 में तुर्की के विरुद्ध युद्ध घोषित।
  • बीबीसी ने 1936 में टेलीविजन सेवा शुरु की थी। यह विश्व की पहली नियमित हाई डिफनिशन सेवा थी। उस वक्त इसकी 200 लाइनें थी। 1964 में इसका नाम बीबीसी वन किया गया। जो आज भी जारी है।
  • हरक्युलिस नामक संसार का सबसे बड़ा और भारी हवाई जहाज, जिसके पंखों की लंबाई 390 फीट 11 इंच थी, उसने 1947 में अपनी एकमात्र उड़ान भरी। इसके चालक निर्माता और मालिक हाबर्ड ह्यूज थे।
  • मिस्रमें 1951 में ब्रिटेन के खिलाफ हुए प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए करीब छह हजार ब्रिटिश सैनिक पहुंचे।
  • अमेरिका में 1962 के बाद 1984 में पहली बार एक महिला वेल्मा बारफिल्ड को फाँसी की सजा दी गयी।
  • बेरूत में कट्टरपंथियों के जरिए बंधक बनाए गए एक अमेरिकी नागरिक डेविड जैकोब्सन को 1986  में रिहा कराया गया।
  • पाकिस्तानकी राजधानी इस्लामाबाद में 1999 में संयुक्त राष्ट्र संघ और अमेरिकी केन्द्रों पर अज्ञात लोगों के द्वारा राकेट से हमला।
  • पश्चिम एशिया में 2000 में हिंसा रोकने के फ़ार्मूले पर सहमति।
  • अफ़ग़ानिस्तानमें विशेष बलों की संख्या बढ़ाने का 2001 में अमेरिका का फैसला।
  • मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने 2002 में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री पद को ग्रहण किया था।
  • चीन के हेनान में 2004 में हुए जातीय संघर्ष में 20 मरे।
  • ग़ुलाम नबी आज़ाद ने 2005 में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री पद को ग्रहण किया था।
  • अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ख़राब सोलर पंखों को ठीक करने के बाद डिस्कवरी 2007 को यात्री धरती पर सुरक्षित लौटे।
  • केन्द्र सरकार ने 2008 में सेवानिवृत्त के बाद पेंशन फंड से धन निकालने की सुविधा समाप्त की।

2 नवंबर को जन्मे व्यक्ति –

  • सिखों के चौथे गुरु रामदास का जन्म 1534 में हुआ।
  • समाज सुधारक और होम्‍योपैथ को बढ़ावा देने वाले महेंद्रलाल सरकार का जन्‍म 1833 में हुआ था.
  • शियाओं के निजारी इस्माईली मत के आध्यात्मिक नेता आगा ख़ाँ तृतीय का जन्म 1877 में हुआ।
  • असम केस्वतंत्रता सेनानी तथा राजनेता बसंत कुमार दास का जन्म 1883  में हुआ।
  • प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता तथा फ़िल्म निर्माता-निर्देशक सोहराब मोदी का जन्म 1897 में हुआ।
  • प्रसिद्ध भारतीय चरित्र अभिनेता राम मोहन का जन्म 1929 में हुआ।
  • साहित्यकार ममता कालिया का जन्म 1940 में हुआ।
  • भारत के अदम्य निर्भीकता वाले पत्रकार, बुद्धिजीवी, प्रसिद्ध लेखक और राजनेता अरुण शौरी का जन्म 1941 में हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्म संगीतकार अनु मलिक का जन्म 1960 में हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्म अभिनेताशाहरुख़ ख़ान का जन्म 1965 में हुआ।
  • भारत के प्रसिद्ध पहलवान तथा कुश्ती के खिलाड़ी योगेश्वर दत्त का जन्म 1982 में हुआ।

2 नवंबर को हुए निधन –

  • मराठी रंगमंच में क्रांति लाने वाले प्रसिद्ध नाटककार अण्णा साहेब किर्लोस्कर का 1885 में निधन।
  • जार्ज बर्नार्ड शाका 1950 में 97 वर्ष की आयु में देहावसान।
  • अमेरिकी गणितज्ञ श्रीराम शंकर अभयंकर का 2012 में निधन।

 

 

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