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वनों में ईसाईयों के धर्मांतरण का षड्यंत्र विफल

मध्यप्रदेश के रायगढ़ और सरगुजा जिले में गोंड, कंवर, उरांव, कोरवा, नगेसिया, पंडो आदि वनवासी जातियां वर्षों से रहती हैं। ये स्वयं को घटोत्कच की संतान मानती हैं। मुगल आक्रमण के कारण उन्हें जंगलों में छिपना पड़ा। अतः वे मूल हिन्दू समाज से कट गये। गरीबी तथा अशिक्षा के चलते कई कुरीतियों और बुराइयों ने जड़ जमा ली।

इन्हें दूर करने में जिस महामानव ने अपना जीवन खपा दिया, वे थे रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकास खंड के ग्राम गहिरा में जन्मे रामेश्वर कंवर, जो ‘गहिरा गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। गहिरा गुरु का जन्म 1905 में श्रावणी अमावस्या को हुआ था। उस क्षेत्र में कोई बच्चा पढ़ता नहीं था। यही स्थिति रामेश्वर की भी थी। घर में लाल कपड़े में लिपटी एक रामचरितमानस रखी थी। जब कोई साधु-संन्यासी आते, वही उसे पढ़कर सुनाते थे। इससे रामेश्वर के मन में धर्म भावना जाग्रत हुई।

वहां मद्यपान तथा मांसाहार का आम प्रचलन था। 8-10 वर्ष तक बच्चे नंगे रहते थे। उसके बाद पुरुष लंगोटी तथा महिलाएं कमर से नीचे आधी धोती पहनती थीं। नहाना-धोना तो दूर, शौच के बाद पानी के प्रयोग की भी प्रथा नहीं थी। अतः शरीर से हर समय दुर्गन्ध आती रहती थी। ऐसे माहौल में रामेश्वर का मन नहीं लगता था।

वे जंगल में दूर एकांत में बैठकर चिंतन-मनन करते थे। उन्होंने लोगों को प्रतिदिन नहाने, घर में तुलसी लगाने, उसे पानी देने, श्वेत वस्त्र पहनने, गांजा, मासांहार एवं शराब छोड़ने, गोसेवा एवं खेती, रात में सामूहिक नृत्य के साथ रामचरितमानस की चौपाई गाने हेतु प्रेरित किया।

प्रारम्भ में अनेक कठिनाई आयीं; पर धीरे-धीरे लोग बात मानकर उन्हें ‘गहिरा गुरुजी’ कहने लगे। वे प्रायः यह सूत्र वाक्य बोलते थे –

चोरी दारी हत्या मिथ्या त्यागें, सत्य अहिंसा दया क्षमा धारें। 


अब उनके अनुयायियों की संख्या क्रमशः बढ़ने लगी। उनके द्वारा गांव में स्थापित ‘धान मेला’ से ग्रामीणों को आवश्यकता पढ़ने पर पैसा, अन्न तथा बीज मिलने लगा। इससे बाहरी सहायता के बिना सबकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। उन्होंने ‘सनातन संत समाज’ बनाकर लाखों लोगों को जोड़ा।

शिक्षा के प्रसार हेतु उन्होंने कई विद्यालय एवं छात्रावास खोले। इनमें संस्कृत शिक्षा की विशेष व्यवस्था रहती थी। समाज को संगठित करने के लिए दशहरा, रामनवमी और शिवरात्रि के पर्व सामूहिक रूप से मनाये जाने लगे। लोग परस्पर मिलते समय ‘शरण’ कहकर अभिवादन करते थे।

उन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से श्री बालासाहब देशपांडे ने ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ नामक संस्था बनाई थी। इसे जशपुर के राजा श्री विजयभूषण सिंह जूदेव का भी समर्थन था। इन सबके प्रति गहिरा गुरु के मन में बहुत प्रेम एवं आदर था। भीमसेन चोपड़ा तथा मोरूभाई केतकर से उनकी अति घनिष्ठता थी। वे प्रायः इनसे परामर्श करते रहते थे। इनके कारण उस क्षेत्र में चल रहे ईसाइयों के धर्मान्तरण के षड्यन्त्र विफल होने लगे।

गहिरा गुरु ने अपने कार्य के कुछ प्रमुख केन्द्र बनाये। इनमें से गहिरा ग्राम, सामरबार, कैलाश गुफा तथा श्रीकोट एक तीर्थ के रूप में विकसित हो गये। विद्वान एवं संन्यासी वहां आने लगे। एक बार स्वास्थ्य बहुत बिगड़ने पर उन्हें शासन के विशेष विमान से दिल्ली लाकर हृदय की शल्य क्रिया की गयी। ठीक होकर वे फिर घूमने लगे; पर अब पहले जैसी बात नहीं रही।

कुछ समय बाद गहिरा गुरु प्रवास बंद कर अपने जन्म स्थान गहिरा ग्राम  में ही रहने लगे। 92 वर्ष की आयु में 21 नवम्बर, 1996 (देवोत्थान एकादशी) के पावन दिन उन्होंने इस संसार से विदा ले ली। उनके बड़े पुत्र श्री बभ्रुवाहन सिंह अब अपने पिता के कार्यों की देखरेख कर रहे हैं।

21 नवंबर

प्रसिद्ध वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने 1877 में विश्व के सामने पहला फोनोग्राफ पेश किया।

  • चीन ने 1906 में अफीम के व्यापार पर रोक लगाई।
  • प्रिंस ऑफ वेल्स (सम्राट एडवर्ड अष्टम) बाँबे (अब मुंबई) 1921 में पहुंचे और कांग्रेस ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया।
  • आजादी के बाद 1947 में देश में पहली बार डाक टिकट जारी किया गया।
  • एक प्रस्ताव लाकर शिक्षक दिवस को 1956 में स्वीकृति दी गई थी।
  • भारत-चीन सीमा विवाद के दौरान चीन ने 1962 में संघर्षविराम का ऐलान किया।
  • केरलके थुंबा क्षेत्र से 1963 में रॉकेट छोड़े जाने के साथ ही भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरु हुआ।
  • सन 1963 में भारत का ‘नाइक-अपाचे’ नाम का पहला रॉकेट छोड़ा गया।
  • मक्का में काबा मस्जिद पर 1979 में मुस्लिम उग्रवादियों का अधिकार।
  • मध्य अफ्रीकी गणराज्य नेे 1986 में संविधान अंगीकार किया।
  • चीन द्वारा 1999 में अपने प्रथम मानव रहित अंतरिक्ष यान ‘शेनझू’ का प्रक्षेपण किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र ने 2001 में अफ़ग़ानिस्तान में अंतरिम प्रशासन के गठन का प्रस्ताव रखा।
  • बुल्गारिया, इस्तोनिया,लातविया,लिथुआनिया ,रोमानिया,स्लोवाकिया और स्लेवानिया को 2002 में नाटो ने संगठन का सदस्य बनने का निमंंत्रण दिया।
  • मुस्लिम लीग (कायदे आजम) के नेता जफ़रउल्ला ख़ान जमाली 2002 मेंपाकिस्तान के प्रधानमंत्री निर्वाचित।
  • श्रीलंकाके नवनिर्वाचित राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री रत्नसिरी विक्रमनायके को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
  • भारत और चीन ने 2006 में नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में साझा सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
  • पैप्सिको चैयरमैनइंदिरा नूई को 2007 में अमेरिकी इंडियन बिजनेस काउंसिल के निदेशक मंडल में शामिल किया गया।
  • प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने 2008 में वैश्विक मंदी के बावजूद भारत की आर्थिक विकास दर 8% रहने की सम्भावना व्यक्त की।

21 नवंबर को जन्मे व्यक्ति 

  • प्रसिद्ध राजस्थानी कवि तथास्वतंत्रता सेनानी केसरी सिंह बारहट का जन्म 1872 में हुआ।
  • ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ के प्रमुख नेता तथा आधुनिक उड़ीसा के निर्माताओं में से एक हरे कृष्ण मेहताब का जन्म 1899 में हुआ।
  • परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक नायक यदुनाथ सिंह का जन्म 1916 में हुआ।
  • हिन्दी के प्रमुख यशस्वी कथाकार ज्ञानरंजन का जन्म 1931 में हुआ।
  • गुजरात की पहली मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल का जन्म 1941 में हुआ।

21 नवंबर को हुए निधन 

  • बहलोल लोदी का पुत्र और दिल्ली का सुल्तानसिकन्दर शाह लोदी का निधन 1517 को हुआ।
  • भारतीय अधिवक्ता, गाँधीवादी नेता, राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानियों में से एक अविनाशलिंगम चेट्टियार का निधन 1921 को हुआ।
  • भारतीय वैज्ञानिकचंद्रशेखर वेंकट रामन का निधन 1970 को हुआ।

 

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