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वासना नहीं अपितु भावनाप्रधान फिल्मों के जनक

हिन्दी फिल्में केवल हिन्दी क्षेत्रों में ही नहीं, तो पूरे भारत में लोकप्रिय हैं। इतना ही नहीं, इन्होंने देश से बाहर भी हिन्दी को लोकप्रिय किया है। फिल्मों को इस स्तर तक लाने में जिन फिल्मकारों का महत्वपूर्ण योगदान है, उनमें शक्ति सामंत का नाम बड़े आदर से लिया जाता है।

13 जनवरी, 1926 को बंगाल के वर्धमान जिले में जन्मे शक्ति दा की शिक्षा देहरादून और कोलकाता में हुई। उनकी इच्छा हीरो बनने की थी, अतः 1948 में वे मुंबई आ गये। कुछ समय तक एक इस्लामी विद्यालय में उन्होंने अध्यापन किया। शुक्रवार के अवकाश में वे स्टूडियो के चक्कर लगाते थे। उन्हीं दिनों उनकी भेंट अशोक कुमार से हुई। उन्होंने शक्ति दा को हीरो की बजाय निर्देशन के क्षेत्र में उतरने का परामर्श दिया।

शक्ति दा उनकी बात मानकर निर्देशक फणि मजूमदार के सहायक बन गये। बहुत परिश्रम से उन्होंने इस विधा की बारीकियां सीखीं। 1955 में उन्होंने फिल्म ‘बहू’ निर्देशित की; पर वह चल नहीं सकी। इसके बाद उन्होंने इंस्पेक्टर, हिल स्टेशन, शेरु और फिल्म डिकेक्टिव का निर्देशन किया।

इनकी सफलता  से उनका उत्साह बढ़ा और वे अपने बैनर ‘शक्ति फिल्म्स’ की स्थापना कर निर्देशक के साथ ही निर्माता भी बन गये। यद्यपि यह उस समय एक साहसी निर्णय था; पर उन्हें यहां भी सफलता मिली।

इस बैनर पर उनकी पहली फिल्म ‘हावड़ा ब्रिज’ ने खूब सफलता पाई। इसमें अशोक कुमार और मधुबाला की जोड़ी बहुत हिट रही। अगले 20 साल में शक्ति दा ने अनेक अविस्मरणीय प्रेम फिल्मंे बनाईं। उनकी फिल्मों की एक विशेषता यह थी कि वे उसमें संगीत का भरपूर उपयोग करते थे। इससे न केवल संगीत अपितु गायक और संगीतकार को भी महत्व मिला।

हिन्दी फिल्म जगत में एक समय राजेश खन्ना की तूती बोलती थी।  उनका उत्थान शक्ति दा द्वारा निर्मित फिल्म आराधना, कटी पतंग और अमर प्रेम से हुआ। इन्हीं फिल्मों में गाकर किशोर कुमार भी प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचे।

शक्ति दा ने शम्मी कपूर, सुनील दत्त, मनोज कुमार, संजीव कुमार, उत्तम कुमार, अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, शर्मिला टैगोर, मौसमी चटर्जी आदि को भी लेकर फिल्में बनायीं। उन्होंने अनेक प्रतिभाओं को उभारा; पर किसी से बंधे नहीं रहे। उन्होंने बंगला में भी अमानुष, आनंद आश्रम, बरसात की इक रात, देवदास आदि फिल्में बनाईं; पर उनकी हिन्दी फिल्में अविस्मरणीय हैं।

शक्ति दा फिल्म जगत में विमल राय और ऋषिकेश मुखर्जी की श्रेणी के फिल्मकार थे, जिन्होंने बंगलाभाषी होते हुए भी हिन्दी को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। आज तो सब ओर मारधाड़ और नंगेपन वाली फिल्मों का दौर है; पर उन दिनों संगीतमय फिल्मों का दौर था और उसे प्रचलित करने में शक्ति दा की मुख्य भूमिका थी। उनके द्वारा प्रदर्शित प्रेम वासना के बदले भावनाप्रधान होता था। उनकी फिल्म परिवार के सब लोग एक साथ देख सकते थे।

वे निर्माता व निर्देशक के रूप में पूर्णतावादी थे। उनकी प्रतिभा बहुमुखी थी; पर दूसरों के काम में वे हस्तक्षेप नहीं करते थे। वे भारतीय फिल्म निर्माता संघ, सेंसर बोर्ड तथा सत्यजित राय फिल्म और टेलिविजन संस्थान के अध्यक्ष रहे। उनकी फिल्में अनेक विदेशी समारोहों में प्रदर्शित की गयीं। उन्हें अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया गया।

हिन्दी जगत में लोकप्रिय सिनेमा की अवधारणा को जन्म देने वाले इस कलाकार का देहावसान 9 अपै्रल, 2009 को हुआ।

13 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 

  • एलिजाबेथ (प्रथम) इंग्लैंड की साम्राज्ञी 1559 में बनी।
  • स्पेन में राष्ट्रीय दिवालिएपन की घोषणा के बाद 1607 में ‘बैंक ऑफ जेनेवा’ का पतन हुआ।
  • इतालवी खगोलविद, भौतिकविद एवं गणितज्ञ गैलीली गैलिलियो ने 1610 में बृहस्पति के चौथे उपग्रह कैलिस्टो की खोज की।
  • मुगल बादशाहबहादुर शाह ज़फर ने 1709 में अपने तीसरे भाई काम बख्श को हैदाराबाद में हराया।
  • उदयपुर के राणा ने 1818 में मेवाड़ प्रांत की रक्षा के लिये ब्रिटिश सेना के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी की सेना के अधिकारी डॉ. विलियम ब्राइडन 1842 में ‘आंग्ल अफ़गान युद्ध’ में जिंदा बचे रहने वाले इकलौते ब्रिटिश सदस्य रहे।
  • अंग्रजों और सिखों के बीच 1849 में चिलियनवाला में दूसरा युद्ध हुआ।
  • असम में युवाओं ने 1889 में अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘जोनाकी का प्रकाशन शुरु किया।
  • न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण 1910 से प्रारम्भ हुआ।
  • इटली के एवेज्जानो शहर में 1915 में आये विनाशकारी भूकंप में 30 हजार से अधिक लोग मारे गए।
  • 1930 में पहली बार मिकी माउस कॉमिक स्ट्रिप का प्रकाशन हुआ।
  • राष्ट्रपितामहात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये 1948 में आमरण अनशन शुरू किया।
  • टोगों के राष्ट्रपति सिलवेनस ओलिम्पियो की 1963 में एक सैनिक विद्रोह में हत्या कर दी गयी।
  • भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 1964 में हिंदू और मुसलमानों के बीच भयानक सांप्रदायिक दंगे हुए। जिनमें करीब 200 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए।
  • 1966 में अमेरिका ने नवादा में परमाणु परीक्षण किया।
  • नासा ने 1978 में पहली अमेरिकन महिला अंतरिक्षयात्री का चयन किया।
  • 1988 में चीन के राष्ट्रपति चिंग चियांग कुमो का निधन।
  • अमरीका और उसके सहयोगियों ने 1993 में दक्षिणी इराक़ में नो फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए इराक़ पर हवाई हमले की शुरूआत की।
  • 1995 में बेलारूस नाटो का 24वाँ सदस्य देश बना।
  • परमाणु कार्यक्रम को लेकर 2006 में ईरान पर सैन्य आक्रमण से ब्रिटेन ने इन्कार किया।
  • महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का 37वाँ अधिवेशन 2007 में न्यूयार्क में शुरू।
  • जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला 2009 में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष बनाए गए।

13 जनवरी को जन्मे व्यक्ति 

  • 1450 में जिस के जलमार्ग का प्रयोग करके हीवास्को डी गामा ने भारत के जलमार्ग की खोज की थी उस पुर्तग़ाल के नाविक बारथोलोमियु डेयाज़ का जन्म हुआ।
  • 1896 में भारत के प्रसिद्ध कन्नड़ कवि और साहित्यकार दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे का जन्म हुआ।
  • 1911 में हिन्दी कवि शमशेर बहादुर सिंह का जन्म हुआ।
  • 1938 में प्रसिद्ध भारतीय संतूर वादक शिवकुमार शर्मा का जन्म हुआ।
  • 1949 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय विंग कमांडरराकेश शर्मा का जन्म हुआ।
  • 1978 में भारतीय अभिनेता अश्मित पटेल का जन्म हुआ।
  • 1926 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक शक्ति सामंत का जन्म हुआ।
  • 1919 में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मर्री चेन्ना रेड्डी का जन्म हुआ।

13 जनवरी को हुए निधन –

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके आर.एन. माधोलकर का 1921 में निधन।
  • प्रसिद्ध शायर शौक़ बहराइची का 1964 में निधन।
  • भारत के प्रसिद्ध तबला वादक अहमद जान थिरकवा का 1976 में निधन।

 

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