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 तन-मन-धन से पूर्णत: समाज समर्पित

संघ के निष्ठावान कार्यकर्ता डा. ओमप्रकाश मैंगी का जन्म 16 जनवरी 1918 को जम्मू में एक समाजसेवी श्री ईश्वरदास जी के घर में हुआ था।   सामाजिक कार्यों में सक्रिय पिताजी के विचारों का प्रभाव ओमप्रकाश जी पर पड़ा। प्रारम्भिक शिक्षा जम्मू, भद्रवाह और श्रीनगर में पूर्णकर उन्होंने मैडिकल कॉलिज अमृतसर से ‘जनरल फिजीशियन एंड सर्जन’ की उपाधि ली।

इसके बाद वे जम्मू-कश्मीर सरकार में चिकित्सा अधिकारी तथा सतवारी कैंट चिकित्सालय में सेवारत रहे। फिर उन्होंने लाहौर से दंत चिकित्सा की उपाधि बी.डी.एस. लेकर इसे ही अपने जीवनयापन का आधार बनाया।

1940 में दीवान मंदिर, जम्मू में शाखा प्रारम्भ होने पर ओमप्रकाश जी स्वयंसेवक बने। श्री गुरुजी ने 1960 में उन्हें प्रांत संघचालक का दायित्व दिया, जिसे उन्होंने लगभग 40 साल तक निभाया। वे चिकित्सा कार्य के बाद का सारा समय सामाजिक गतिविधियों में लगाते थे।

1952-53 में जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाये रखने के लिए प्रजा परिषद द्वारा किये गये आंदोलन में उन्होंने पंडित प्रेमनाथ डोगरा के साथ सत्याग्रह कर जेल के कष्ट भोगे। 1966-67 के गोरक्षा आंदोलन में भी उन्होंने एक जत्थे के साथ दिल्ली में गिरफ्तारी दी। वे कहने की बजाय करने में अधिक विश्वास रखते थे।

1975 के आपातकाल में सत्याग्रह कर वे एक वर्ष तक ‘मीसा’ में बंदी रहे। 91 वर्ष की अवस्था में अमरनाथ आंदोलन के समय एक बार फिर उन्होंने गिरफ्तारी दी। वे संघ कार्य के साथ ही अन्य सामाजिक कार्याें में भी सदा आगे रहते थे। जम्मू की गोशाला, वृद्धाश्रम, बाल निकेतन, विवेकानंद अस्पताल, सेवा भारती आदि में उनका सक्रिय सहयोग रहता था।

डा. मैंगी की पत्नी सुशीला जी भी अनेक सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। प्रजा परिषद के आंदोलन में वे भी महिलाओं का जत्था लेकर दिल्ली गयी थीं। 2002 में उनका देहांत हुआ। इससे पूर्व 1974 में उनके युवा पुत्र विक्रम मैंगी की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गयी। ऐसे सब आघातों को ‘प्रभु की इच्छा’ मानकर वे सक्रिय बने रहे। संघ क्षेत्र में श्री गुरुजी तथा अध्यात्म क्षेत्र में वे हिमालय के महान संत श्री चंद्रास्वामी को अपना आदर्श मानते थे। आंतरिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए वे वर्ष में एक-दो बार मौनव्रत करते थे।

1975 में डा. मैंगी रोहतक में लगे संघ शिक्षा वर्ग में सर्वाधिकारी थे। वर्ग समाप्त होने से पूर्व ही देश में आपातकाल लग गया। पुलिस ने वर्ग स्थान को घेर लिया। यह देखकर डा. मैंगी ने स्वयं पुलिस थाने जाकर अधिकारियों से बात की। उनकी बातों से प्रभावित होकर पुलिस ने वर्ग में आये सब शिक्षक और शिक्षार्थियों को घर जाने की अनुमति दे दी। इस प्रकार उनकी सूझबूझ और निर्णय शक्ति से एक संकट टल गया। स्वभाव से अत्यधिक विनम्र होते हुए भी वे संगठन तथा देशहित में कठोर निर्णय लेने से नहीं चूकते थे।

डा. मैंगी तन, मन और धन से पूर्णतः समाज को समर्पित थे। उन्होंने अपने पिताजी व माताजी के नाम से ‘प्रभादेवी ईश्वरदास न्यास’ बनाकर सब पूंजी समाजसेवा के लिए अर्पित कर दी। इससे वे निर्धन परिवारों की सहायता करते थे। जम्मू के लोकप्रिय नेता पंडित प्रेमनाथ डोगरा जब कैंसर के इलाज के लिए मुंबई गये, तो डा. मैंगी ने वहां रहकर उनकी भरपूर सेवा की।

डा. मैंगी ने व्यक्तिगत सुख के बदले त्याग और समर्पण का मार्ग चुना और आजीवन उस पर चलते रहे। ऐसे अखंड कर्मयोगी का 92 वर्ष की आयु में 14 नवम्बर, 2009 को देहांत हुआ। उनकी परम्परा को निभाते हुए उनके सब परिवारजन संघ तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।

 

16 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ –

  • फ़िलिप द्वितीय 1556 में स्पेन के सम्राट बने।
  • ब्रिटिश संसद ने 1581 में रोमन कैथोलिक मत को ग़ैर क़ानूनी घोषित किया।
  • अंग्रेज़ों ने पांडेचेरी पर से फ़्राँसीसियों का अधिकार 1761 में हटा दिया।
  • कलकत्ता में 1769 को पहली बार सुनियोजित घुड़दौड़ का आयोजन किया गया।
  • 1943 में इंडोनेशिया के अंबोन द्वीप पर अमेरिकी वायुसेना का पहला हवाई हमला।
  • विंसेंट ऑरियल 1947 में फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गये।
  • पेरिस में ‘लीग ऑफ़ नेशंस’ ने 1920 में अपनी पहली काउंसिल मीटिंग की।
  • 1955 में खड्गवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का पुणे में औपचारिक रूप से उद्घाटन।
  • सोवियत अंतरिक्ष यानों ‘सोयुज 4’ और ‘सोयुज 5’ के बीच 1969 में पहली बार अंतरिक्ष में सदस्यों का आदान-प्रदान हुआ।
  • अमेरिका का इराक के ख़िलाफ़ ‘पहला खाड़ी युद्ध’ 1991 में शुरू।
  • ब्रिटेन एवं भारत के बीच 1992 में प्रत्यर्पण संधि।
  • सोवियत संघ ने मंगल ग्रह के लिए दो साल के मानव अभियान की अपनी योजना की 1989 में घोषणा की।
  • चीन सरकार ने दो वर्षीय तिब्बती बालक को सन 2000 में ‘साकार बुद्ध’ के पुरावतार के रूप में मान्यता प्रदान की।
  • 2003 में दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर भारतीय मूल कीकल्पना चावला रवाना।
  • क्रिकेट में उत्तर प्रदेश को 2009 में हराकर मुम्बई ने रिकार्ड 38वीं बार रणजी चैम्पियनशिप जीती।
  • सीरिया के इदलिब में 2013 में हुए बम धमाकों में लगभग 30 लोगों की मौत।

16 जनवरी को जन्मे व्यक्ति –

  • 1946 को अभिनेता कबीर बेदी का जन्म।
  • 1927 को हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री तथा टीवी कलाकार कामिनी कौशल का जन्म।
  • 1926 को प्रसिद्ध संगीतकार ओ. पी. नैय्यर का जन्म।
  • 1630 को सिक्खों के सातवें गुरु गुरु हरराय का जन्म।

16 जनवरी को हुए मृत्यु –

  • भारत के प्रसिद्ध समाज सुधारक, राष्ट्रवादीमहादेव गोविन्द रानाडे की 1901 में मृत्यु।
  • सुप्रसिद्ध उपन्यासकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की 1938 में मृत्यु।
  • प्राक्छायावादी युग के महत्त्वपूर्ण कवि रामनरेश त्रिपाठी की 1962 में मृत्यु।
  • भारतीय संस्कृति के प्रचारक, शिक्षाविद और प्रसिद्ध लेखक टी. एल. वासवानी की 1966 में मृत्यु।
  • मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक – प्रेम नजीर (अब्दुल खादिर) की 1989 में मृत्यु।

 

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