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दुर्लभ समाजसेवी परिवार

सेवा का मार्ग बहुत कठिन है, उसमें भी कुष्ठ रोगियों की सेवा तो अत्यधिक कठिन है। ऐसे लोगों को स्वयं भी रोगी हो जाने का भय रहता है; पर मुरलीधर देवीदास (बाबा) आम्टे ने इस कठिन क्षेत्र को ही अपनाया। इससे उनके परिजन इतने प्रभावित हुए कि उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू और पौत्र भी इसी कार्य में लगे हैं। ऐसे समाजसेवी परिवार दुर्लभ ही होते हैं।

बाबा का जन्म 26 दिसम्बर, 1914 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के एक जमींदार परिवार में हुआ था। कानून की शिक्षा पाकर उन्होंने 1942 के ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ में बन्दी सत्याग्रहियों के मुकदमे लड़े; लेकिन झूठ पर आधारित इस काम में उनका मन नहीं लगा। कुष्ठ रोगियों की दुर्दशा देखकर उन्हें बहुत कष्ट होता था। अतः उन्होंने इनकी सेवा करने का निर्णय लिया।

इस विचार का उनकी पत्नी साधना ताई ने केवल स्वागत ही नहीं किया, अपितु पूरा सहयोग भी दिया। दोनों ने कोलकाता जाकर कुष्ठ रोग के उपचार का प्रशिक्षण लिया और फिर दो पुत्रों प्रकाश व विकास तथा छह कुष्ठ रोगियों के साथ महाराष्ट्र के चन्द्रपुर में ‘आनन्दवन’ नामक आश्रम स्थापित किया।

इसके नाम से ही स्पष्ट है कि बाबा को इस कार्य में आनंद का अनुभव होता था। यद्यपि उनका विरोध भी बहुत हुआ। उस समय धारणा यह थी कि कुष्ठ रोग पूर्वजन्म के पापों का फल है; पर बाबा ने इसकी चिन्ता नहीं की। धीरे-धीरे इस आश्रम की प्रसिद्धि होने लगी। बाबा के मधुर व्यवहार और समर्पण के कारण दूर-दूर से कुष्ठ रोगी इस आश्रम में आकर रहने लगे।

बाबा ने उन्हें भिक्षावृत्ति से हटाकर छोटे कुटीर उद्योगों में लगाया, जिससे उन्हें आय होने लगी। इससे उन्हें स्वाभिमान एवं सम्मानपूर्वक जीने का नया मार्ग मिला। इस समय वहाँ 3,000 से अधिक कुष्ठ रोगी हैं, जिनकी सेवा में बाबा के दोनों चिकित्सक पुत्र, पुत्रवधुएँ तथा पौत्र भी पूर्ण निष्ठा से लगे हैं।

इसके साथ बाबा सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहते थे। सरदार सरोवर बाँध के निर्माण के समय विस्थापितों द्वारा किये जा रहे आन्दोलन को उन्होंने आन्दोलनकारियों के बीच जाकर सक्रिय समर्थन दिया। जिन दिनों पंजाब में उग्रवाद चरम पर था, बाबा ने वहाँ का प्रवास किया। इसी प्रकार जब महाराष्ट्र में क्षेत्रवादी आन्दोलन ने जोर पकड़ा, तो बाबा ने साइकिल से पूरे भारत का भ्रमण किया। इसे उन्होंने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा नाम दिया।

बाबा सदा अपनी मौलिकता में जीते थे। गांधी जी से प्रभावित होने के कारण वे अपने आश्रम में बनी खादी के वस्त्र पहनते थे। राष्ट्रपति से सम्मान लेते समय भी वे खादी की साधारण बनियान पहन कर ही गये।
रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया) और रीढ़ की बीमारी से ग्रसित होने के कारण जब उन्हें बैठना सम्भव नहीं रहा, तो वे लेटकर ही प्रवास, बातचीत और भाषण देने लगेे। वे कुष्ठ के किसी खतरे से घबराये नहीं। उन्होंने कुछ दवाओं का परीक्षण रोगियों से पहले स्वयं पर करवाया। यह बड़े साहस की बात है।

उन्हें देश-विदेश की सैकड़ों संस्थाओं ने सम्मानित किया। इनमें पद्मश्री, पद्म विभूषण, डा. अम्बेडकर अन्तरराष्ट्रीय सम्मान, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सम्मान, रेमन मैगसेसे सम्मान, टेम्पलटन सम्मान आदि प्रमुख हैं। कुष्ठ रोगियों की सेवा को अपना जीवन सर्वस्व मानने वाले इस अखंड सेवाव्रती का नौ फरवरी, 2008 का अपनी कर्मस्थली आनन्दवन में ही देहान्त हुआ।

9 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – 

  • स्‍वतंत्र देश बनने के लिए जमैका ने 1962 में दस्‍तावेजों पर हस्‍ताक्षर किए।
  • पोलैंड और रूस के बीच 1667 में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।
  • आस्ट्रिया ने 1788 में रूस के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।
  • आस्ट्रिया औरफ्रांस ने 1801 में लुनेविल्लै शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये।
  • उन्नीसवीं सदी के प्रसिद्ध बंगाली कवि और नाटककार माइकल मधुसूदन दत्ता ने 1824 में ईसाई धर्म अपनाया।
  • भारत में 1931 में पहली बार किसी व्यक्ति के सम्मान में चित्र समेत डाक टिकट जारी किया गया।
  • लीबिया के तटीय शहर अल अघीला पर ब्रिटिश सेना ने 1941 में कब्जा किया।
  • 1951 में स्वतंत्र भारत में पहली जनगणना करने के लिये सूची बनाने का कार्य शुरु किया गया।
  • “अपोलो 14 मिशन” 1971 में चांद से पृथ्‍वी पर लौटा।
  • बीजू पटनायक 1973 में उड़ीसा की राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए।
  • रूसी अंतरिक्ष यान “सोयुज 17” अंतरिक्ष से 29 दिन बाद 1975 में धरती पर लौटा।
  • अफ्रीकी देश नाइजीरिया में 1979 में संविधान बदला गया।
  • लिथुआनिया में मतदाताओं ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए 1991 में मतदान किया।
  • भारतीय निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म ‘एलिजाबेथ’ 9 फरवरी, 1999 को ऑस्कर के लिए नॉमिनेट की गई।
  • पाकिस्तान की विपक्ष पार्टी जमायती उलेमा इस्लामी ने 9 फरवरी, 2007 को जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी की लिस्ट से हटा दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी, 2009 को ताज और उसके आसपास के अवैध निर्माण पर यूपी सरकार को नोटिस दिया।
  • भारत सरकार ने बीटी बैंगन की व्यावसायिक खेती पर 9 फरवरी, 2010 को अनिश्चित काल के लिए रोक लगाई।
  • जर्मनी के बवारिया प्रांत में 9 फरवरी, 2016 के दिन दो ट्रेनों की जोरदार टक्कर हो गई , जिसमें करीब 12 लोगों की मौत हो गई , जबकि लगभग 85 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे।

9 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति –

इस दिन  सीप कृष्णन नायर समेत तमाम दिग्गज व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने देश-दुनिया में आकर बड़ा नाम किया। उनके बार में नीचे लिखा है –

  • भारतीय ग्रैंड मास्टर खिलाड़ी परिमार्जन नेगी का 1993 में जन्म हुआ।
  • भारतीय फ़िल्म अभिनेता राहुल रॉय का 1968 में जन्म हुआ।
  • भारत के प्रसिद्ध होटल उद्योगपति तथा ‘होटल लीला समूह’ के संस्थापक सी. पी. कृष्णन नायर का 1922 में जन्म हुआ।
  • भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ श्याम चरण गुप्ता का 1945 में जन्म हुआ।
  • भारतीय अभिनेत्री अमृता सिंह का 9 फरवरी, 1958 में जन्म हुआ।
  • भारतीय अभिनेत्री उदिता गोस्वामी का 9 फरवरी, 1984 में जन्म हुआ।
  • भारत के मशहूर लेखक विष्णु खरे का 9 फरवरी, 1940 को जन्म हुआ।
  • भारतीय राजनीतिज्ञ अब्दुल रहमान अंतुले का 9 फरवरी, 1929 में जन्म हुआ।

9 फ़रवरी को हुए निधन –

9 फरवरी के दिन कई मशहूर व्यक्ति हमेशा के लिए दुनिया छोड़कर चले गए।

  • 1760 में मराठा सेनापति दत्ताजी शिन्दे का निधन।
  • 1984 में ‘भरतनाट्यम’ की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना टी. बालासरस्वती का निधन।
  • 1899 मेंस्वतंत्रता सेनानी बालकृष्ण चापेकर का निधन।
  • 2006 में भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री नादिरा का निधन।
  • 2008 में कुष्‍ठरोगियों के देवता तथा महान सामाजिक कार्यकर्ताबाबा आमटे का निधन।
  • 2012 में भारतीय निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक ओ. पी. दत्ता का निधन।
  • 2016 में नेपाल के 37वें प्रधानमंत्री सुशील कोइराला का निधन।

9 फरवरी के महत्वपूर्ण दिवस – 

9 फरवरी को उत्सव के रूप में भी बनाया जाता है ,जिनके बारे में नीचे लिखा गया है –

  • चॉकलेट डे
  • वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह)

 

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