महाराष्ट्र में मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल आमने-सामने!

 

कोरोना महामारी के दौरान बंद पड़े बाजार और दारू की दुकाने अब पूरी तरह से खुल चुकी है लेकिन अभी भी कुछ राज्यों में मंदिर के ताले नहीं खोले गये है। सरकार की तरफ यह बयान दिया गया है कि मंदिर के खुलने से भीड़ होगी और संक्रमण बढ़ सकता है। महाराष्ट्र भी उन्ही राज्यों में से एक है जहां अभी भी मंदिरों पर ताले लगे हुए है। महाराष्ट्र में मंदिरों को लेकर बीजेपी ने धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया है और दादर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर के सामने कुछ लोग इकट्ठा होकर मंदिर खोलने की मांग कर रहे है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब नियमों के साथ बाजारों, होटल और सिनेमा हॉल खोला जा रहा है तो फिर मंदिर को भी नियमों के साथ खोलना चााहिए।

उधर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी मंदिर खोलने को लेकर सरकार को एक चिट्ठी लिखी और कहा कि राज्य में मंदिरों को जल्द से जल्द खोलना चाहिए। राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि यह दुर्भाग्य ही है कि राज्य में बार, रेस्टोरेंट, होटेल, सिनेमा हाल और समुद्री बीच खोले जा रहे है जबकि भगवान का घर अभी भी बंद रखने के आदेश दिया गया है। जिस पर महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जवाब दिया गया कि एक साथ में लॉकडाउन को समाप्त करना ठीक नही है। इसलिए सरकार समय आने पर इस पर भी विचार करेगी।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने अपने पत्र में उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व को लेकर कटाक्ष किया है। राज्यपाल ने लिखा है कि आप ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या जाकर श्रीराम के प्रति अपने समर्पण को सार्वजनिक किया। आप ने शुरु से ही हिंदुत्व का झंडा बुलंद रखा है लेकिन अब ऐसा क्यों लग रहा है कि आप अचानक से सेक्यूलर होते जा रहे है जबकि कभी आप को इस शब्द से नफरत हुआ करती थी। हालांकि उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि उनके हिदुत्व को किसी के सत्यापन की जरुरत नही है। वह पहले भी हिंदुत्व के साथ थे और अभी भी उसी के साथ काम कर रहे है।

देश के बाकी राज्यों की बात करें तो ज्यादातर सरकारों ने धार्मिक स्थलों को खोल दिया है जबकि कुछ जगहों पर बढ़ते संक्रमण की वजह से अभी भी पाबंदी लागू है। महाराष्ट्र में पिछले काफी समय से संक्रमण पर भी लोग लगी है और हर दिन मिलने वाले संक्रमित लोगों की संख्या भी कम हुई है। जिसके बाद सभी लोगों को सरकार से यह उम्मीद है कि धार्मिक स्थलों को जल्द से जल्द खोला जाए। महाराष्ट्र में बीजेपी ने इसको एक मुद्दा बनाकर हड़ताल भी शुरु कर दिया है और पूरे राज्य में अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन भी शुरु कर दिया है। शिर्डी के साई बाबा मंदिर को खोलने को लेकर भी प्रदर्शन तेज कर दिया है।

महाराष्ट्र के मंदिरों की बात करें तो ऐसा शायद ही कोई ऐसा मंदिर होगा जहां भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था नही हो अन्यथा सभी मंदिरों में सुरक्षा गार्ड होते है जिससे सभी लोग कतार में मंदिर में प्रवेश करते है। इस दौरान ना तो कोई भगदड़ होती है और ना ही कोई नियमों का उल्लंघन करता है। शिर्डी के साईं बाबा मंदिर में भी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है और सभी लोग नियमों के साथ दर्शन करते है। फिर ऐसे में सरकार का यह तक्र गलत जान पड़ा है कि मंदिरों के खुलने से राज्य में कोरोना संक्रमण फैल सकता है।

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