हिंदी विवेक : we work for better world...

     सुदर्शन केमिकल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड अपने व्यवसाय के साथ ही सामाजिक कार्यों में आगे बढ़रही है। समाजोपयोगी कई कार्य इन्होंने किये हैं। सन १९७६ में इन्होंने जे एम. राठी इंग्लिश स्कूल की स्थापना की। स्थापना के समय इसमें ४० विद्यार्थी थे, जिनकी संख्या अब १७०० तक पहुंच गयी है। इनके द्वारा १०,००० से अधिक वृक्षों को लगाया व सहेजा गया है। स्थानीय लोगों के लिए सात एस.टी.पिकअप शेड बनाये गए। सितम्बर २०११ में ‘सुधा’ नामक प्रकल्प शुरू किया गया। सुदर्शन का मानना है कि समाज के सभी घटक एक-दूसरे पर निर्भर हैं। उनके कारखानों में काम करने वाले घटकों के रहन-सहन का स्तर सुधारना और उन्हें प्रगति पथ पर बढ़ाने के लिए सुदर्शन कटिबद्ध है। समाज से जुड़े हुए विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से सुदर्शन विभिन्न बातों पर ध्यान दे रहा है। हमारे आसपास के पर्यावरण का संरक्षण करने और उसके द्वारा पृथ्वी को उत्तम जगह के रूप में भावी पीढ़ी को देने का प्रयत्न करना, विद्यालयों का स्तर शिक्षा के माध्यम सें ऊंचा उठाना। कारखाने की प्रगति के साथ-साथ समाज की प्रगति के लिए प्रयत्न करना। इन सारे उद्देश्यों को इन्होंने तीन वर्गों में बांटा है। पर्यावरण, शिक्षा, सामाजिक विकास।
समाज की आवश्यकताओं की जानकारी-
समाज के प्रतिनिधियों से वार्तालाप करके उनकी आवश्यकताओं को जाना जाता है। रोहा कारखाने के पास के बारसोली नामक गांव में भी सुदर्शन ने वहां की आवश्यकताओं को जानकर ग्रामसभा गृह, वृक्षारोपण, शिशु वर्ग शाला, ग्राम शाला के लिए पीने का स्वच्छ पानी, स्वयं रोजगार के लिए विविध प्रशिक्षण केन्द्र आदि का प्रबन्ध किया गया। यहां बस स्टॉप, पीने का पानी, कम्पोस्ट खाद हेतु गड्ढों का भी निर्माण किया गया।
सुधा प्रकल्प के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण के लिए ‘जागृति’, पर्यावरण सन्तुलन के लिए ‘फुलोरा’, बाल विकास प्रकल्प के लिए ‘उड़ान’, आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं के लिए ‘जीविका’ इत्यादि कार्यक्रमों की शुरुआत की गयी है। इन विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से सुदर्शन केमिकल इण्डस्ट्रीज समाज में पर्यावरण संरक्षण और मिलजुल कर कार्य को आगे बढ़ाने की भावना विकसित कर रहा है।
‘जागृति’ का उद्देश्य अविकसित क्षेत्र की महिलाओं में जागृति निर्माण कर उन्हें अपने रहन-सहन को व्यवस्थित करने और सामाजिक कार्यों में सन्तुलन रखने के लिए प्रेरित करना है।
‘फुलोरा’ में कचरे का उचित व्यवस्थापन, कम्पोस्ट खाद का निर्माण, खेती की संतुलित कार्य पद्धति का विकास किया जाता है ‘उड़ान’ प्रकल्प में बच्चों को राष्ट्र के भविष्य के रूप में देखते हुए उनका विकास किया जाता है। उनके शारीरिक व बौद्धिक विकास की ओर विशेष ध्यान देकर उनका बचपन ऊर्जा सम्पन्न और सक्षम बनाया जाता है।
‘जीविका’ में समाज के कमजोर घटकों को आनन्द प्रदान करके उनके चेहरों पर स्मित हास्य लाने का प्रयत्न किया जाता है। महिलाओं ं को स्वयं रोजगार के लिए प्रेरित किया जाता है।

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu