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दिन ब दिन सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ ही साथ अफवाहों को भी काफी बल मिल रहा है. ऐसे कई अवसर आये जब सोशल मीडिया की वजह से किसी छोटी सी घटना ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया. क्या अब समय आ गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इन पर समय रहते रोक लगाई जा सके. अपनी बेबाक राय दें.

This Post Has 5 Comments

  1. Social media is becoming “ anti social “media

    Also few genuine ones are getting tarnished too because of these antisocial elements

  2. जी हां अ फवाओ कादोर काफी बड गया है. बल्कि सोसल मिडिया पर सकारात्मक विचार धारा का अदान प्रदान होना चाहिए

  3. जी हाँ, अफवाह फैलाने वालों को रोकना अत्यंत आवश्यक है।
    नहीं तो, आये दिन व्यर्थ ही लड़ाइयाँ होती रहेंगी। हत्या, लूटमार, आगजनी , पथराव की खबरें प्रायः सुनने में आ रही हैं।ऐसी ख़बरें देश और समाज के लिये घातक हैं। अभी पिछले दिनों मेघालय में अफवाह के कारण ही दो समुदायों के बीच दंगे हुए थे। सोशल नेटवर्क सकारत्मक विचारों के प्रचार प्रसार के लिए ही होना चाहिए। अपने स्वार्थ या मज़ाक के लिए अफवाह फैलाने वालों को कड़ा से कड़ा दंड देना चाहिए।

  4. जी हाँ मैं आपसे सहमत हूँ। सोशल मीडिया सकारात्मक विचारों के आदान प्रदान का साधन होना चाहिए न कि अफवाहों के माध्यम से समाज को प्रदूषित करना।

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