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अफसरशाही में सीधी भर्ती का प्रस्ताव १३ सालों तक लटकने के बाद अंततः सरकार ने मान लिया है. अब निजी कंपनी में १५ सालों से अधिक समय से काम करने वाला ४० वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति नौकरशाही का हिस्सा बन सकता है. इस फैसले का देश की प्रशासनिक प्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अपनी बेबाक राय दें.

This Post Has 5 Comments

  1. अच्छा निर्णय है. अनुभवी लोग प्रशासन मे आयेगे .

  2. आने वाले समय में यह फैसला घातक साबित होगा। इस चोर दरवाजे से आगे चलकर शहरी नक्सली और बौद्धिक आतंकवादी भी ब्यूरोक्रेसी का अंग बन सकते हैं

  3. वैसे 15 साल निजि कंपनी मैं काम करनेवाला कोईभी व्यक्ती निर्णयात्मक क्षमता रखता हैं.. और रही बात प्रशासनिक प्रभाव की उसपर उताना असर नही पडेगा.. प्रशासकीय प्रणाली मैं कई सालो सै नोकरी धुंड रहे व्यक्ती के लिय यह बडा मौका होगा।

  4. यह एक सकारात्मक पहल है। कींतु सरकार को यह ग्यात है की सरकारें बदलती रहती है, इसका निजी फायदे केलीये दुरउपयोग न हो यह सुनिश्चित करना होगा। एवं सरकार इस मामलेमे जिन्होने अपनी योग्यता के बुते स्थान बनाया है ऐसे कॕडर नजरअंदाज न हो। निर्णय स्वागताह्र्य है।

    राहुल लोणकर
    नागपूर

  5. सही प्रशंसनीय निर्णय । सरकारी नौकरशाहों पर सकारात्मक प्रतियोगिता का प्रभाव संभावित है ।

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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