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देश के हर महानगर में बढ़ती आबादी के अनुसार कूड़े के निष्पादन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन रही है. महानगरों का एक तिहाई कचरा यूं ही बिखरा  रहता है जो तमाम बीमारियों के साथ ही साथ भविष्य के लिए भी खतरनाक है. क्या अब समय नहीं आ गया है कि इस दिशा में सार्थक पहल की जाये? अपनी बेबाक राय दें.

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