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आयुष मंत्रालय के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष् में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के प्रचार-प्रसार हेतु देश के प्रतिष्ठित संगठन इंटरनेशल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (INO) एवं सूर्या फाउण्डेशन द्वारा 21 जून को 25 राज्यों व 2 केन्द्र शासित प्रदेश के 389 जिलों में  25,35,577 लोगों ने योगाभ्यास में भाग लिया। महाराष्ट्र सांगली जिले के योग दिवस समन्वयक मोहन जगताप ने 2560 स्थानों पर योग शिक्षकों के सहोग से 10 लाख से अधिक लोगों को योग कराया। देश के दूरवर्ती क्षेत्र जैसे जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, अरूणाचल, त्रिपुरा, आसाम, केरल व अन्य राज्यों में सभी वर्ग एवं आयु के लोगों ने भाग लिया। इस योग अभियान को माननीय प्रधानमंत्री श्री. नरेन्द्र मोदी जी, आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक एवं कई राज्यों के मु‘यमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों ने प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दीं।

सूर्या फाउण्डेशन द्वारा योग दिवस कार्यक‘म के प्रमुख गौतम नायक ने बताया कि योग दिवस की तैयारी मार्च से प्रारंभ की गई थी और देश के 28 राज्यों, 500 जिलों से 670 जिला समन्वयक नियुक्त कर सभी को आयुष्य मंत्रालय द्वारा बनाए गए, योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया गया था। समन्वयकों के प्रयत्न से ग्राम स्तर तक 8936 प्रशिक्षित योग शिक्षक नियुक्त किए थे, जिनको टी-शर्ट, बैनर, योग प्रोटोकॉल पुस्तिका, प्रमाण पत्र दिया गया था।

योग दिवस में अधिक से अधिक लोग जुडे इसलिए अनेक स्तर पर प्रयास हुये। एक ओर जहां साइकिल बाइक रैलियों के माध्याम से योग के संदेश को पहुंचाया गया। वहीं गांव-गांव गली- मोहल्ले में प्रभात फेरी एवं घरों में संपर्क किया गया। पोस्टर, चित्रकला एवं स्लोगन के प्रतियोगिता के द्वारा भी उत्साह पूर्ण वातावरण बना।

दिन प्रतिदिन डॉयबिटीज, उच्च रक्तदाब, ह्यद्यरोग, डिप्रेशन आदि तेजी से बढ़ रहे है। इसकी रोकधाम के लिए अनेक वर्षो से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) व अन्य संस्थानों द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इन सबके बावजूद न तो रोग कम हो रहे हैं और ना ही चिकित्सालय। इसको ध्यान में रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने योग के वैज्ञानिक महत्व व लाभ को विश्व पटल पर ”अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के रुप में मान्यता दिलाने का सफल प्रयास किया, जिसके फलस्वरुप दुनिया भर के लोग योग को अपना रहे हैं। योग मानवता की प्राचीन धरोहर है जो मन-शरीर-आत्मा को भी स्वस्थ रखता है। इन तीनों का संतुलन ही योग है। योगाभ्यास से अनेक असाध्य रोगों का उपचार संभव है।

INO व सूर्या फाउण्डेशन प्रथम योग दिवस से योग अभियान में अपना सहोग देता आ रहा है। सूर्या फाउण्डेशन व INO के चेयरमैन श्री जयप्रकाश जी प्राकृतिक चिकित्सा के समर्थक एवं योग साधक हैं। उनका मानना है कि आम जनता को स्वास्थ्य सुविधा उपल्बध कराने के लिए ”योग-प्राकृतिक चिकित्सा” को व्यापक पैमाने पर फिर से प्रतिष्ठित करना होगा। इस दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वतंत्र आयुष मंत्रालय बनाकर योग-प्राकृतिक चिकित्सा का ज्ञान, घर-घर तक पहुंचाने का श्रेष्ठ कार्य किया है। प्राकृतिक चिकित्सा-योग के प्रचार-प्रसार कको राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने हेतु इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इस अभियान के संचालक डॉ. अनंत बिरादर ने इस कार्यक‘म को सफल बनाने में तन-मन-धन से सहोग करने वाली कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

 

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  1. आनंद देने वाला समाचार है। सफलता के लिए शुभकामनाएं।

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