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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में दो साल पहले अफजल गुरू की बरसी पर हुए हंगामें के मामले में छात्रों उमर खालिद को युनिवर्सिटी से बाहर करने और कन्हैया कुमार को 10 हजार रूपए के जुर्माने की सजा दी गई थी। यह सजा युनिवर्सिटी की उच्च स्तरीय समिति ने बरकरार रखी है। क्या देशद्रोहियों के लिए  इतनी सजा काफी है? अपनी बेबाक राय दें.

 

 

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