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मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी के रांची के ब्रांच से पिछले तीन सालों में लगभग २८० बच्चे लापता हैं. इतना तो साफ़ हो गया है कि संस्था द्वारा बड़े पैमाने पर मानव तस्करी की गयी है. क्या इसी तरह अन्य ईसाई संस्थाओं की भी जांच की जानी चाहिए या नहीं ? अपनी बेबाक राय दें.

This Post Has 2 Comments

  1. ‘गरीबों का मसीहा’ कही जानेवाी मदर टेरेसा द्वारा स्थापित वात्सल्य गृह ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी” के बारे में ऐसी शर्मनाक खबर कर हर कोई अचंभित है और निश्चित तौर से हर किसी के आस्था को ठेस पहुंची है. लेकिन सोचने वाली बीत यह है कि सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे आये दिन इस तरह की घटनाएं घटित हो जाती हैं और कमाल की बात है कि उसे पता भी नहीं चलता. बिना सरकारी तंत्र के समर्थन के ऐसे घोटाले हों.. इस बाच पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल लगता है. निश्चित रूप से ऐसी घटनाओं और ऐसी सभी संस्थाओं क्रियाकलापों की कङाई की जानी चाहिए. साथ ही उनके संचालन के लिए और भी सख्त मानदंड और नियम बनाये जाने चाहिए.

  2. ये न केवल धर्मान्तरण में शामिल हैं वरन मानव तस्करी भी कर रहे हैं । इनका पर्दाफाश होना चाहिए ।

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