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फ़िल्म इंडस्ट्री में महिला फ़िल्म निर्देशकों के नाम अंगुली पर गिने जा सकते हैं। फराह ख़ान, ज़ोया अख़्तर, तनूजा चंद्रा जैसे नामों के बीच एक और नाम है जो अपने काम से लोगों को सोचने पर विवश करता आया है। यह नाम है रीमा कागती। फ़िल्म निर्देशक और पटकथा लेखक रीमा कागती लंबे समय से फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने कई फिल्मों की पटकथा पर काम किया है। सहायक निर्देशक के तौर पर उन्होंने लगान, दिल चाहता है और अरमान जैसी फ़िल्म में भी सराहनीय प्रदर्शन किया है। एक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत फ़िल्म हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड (2007) से हुई थी। इस फ़िल्म को काफ़ी सराहा गया था। इसके बाद रीमा ने आमिर ख़ान को मुख्य भूमिका में लेकर फ़िल्म बनाई “तलाश”। इस फ़िल्म में रानी मुखर्जी, करीना कपूर ने भी अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि फ़िल्म को दर्शकों ने ज़्यादा पसंद नहीं किया। रीमा अब एक बार फिर बड़ी फ़िल्म के साथ मैदान में उतरी हैं। अक्षय कुमार स्टारर फ़िल्म “गोल्ड” 1948 में लंदन में हुए 14वें ओलंपिक पर बेस्ड है। उस वक़्त भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में ओलंपिक में हिस्सा लिया था। गोल्ड में अक्षय कुमार के अलावा मोनी रॉय, विनीत कुमार सिंह, अमित साध, कुणाल कपूर जैसे कलाकार भी स्क्रीन शेयर करते नज़र आएँगे। फ़िल्म का ट्रेलर काफ़ी पसंद किया गया है और गीत “नैनों ने बांधी कैसी डोर” भी ख़ूब सुना जा रहा है। खेल को आधार बनाकर बनाई गई इस फ़िल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार है। रीमा कागती फ़िल्म इंडस्ट्री के जुनूनी लोगों में गिनी जाती हैं। वे अपने काम को पूरी शिद्दत से पूरा करती हैं। लेखन के साथ-साथ उन्हें निर्देशन का भी अच्छा खासा अनुभव है, क्योंकि सहायक निर्देशक के रूप में भी उन्होंने बड़ी फिल्मों में हाथ बंटाया है। ऐसे में गोल्ड से दर्शकों की उम्मीद लाज़मी है। हालांकि तलाश में की गईं गलतियां भी रीमा भूली नहीं होंगी। ऐसे में गोल्ड उनके कॅरिअर की महत्वपूर्ण फ़िल्म साबित हो सकती है। इससे अच्छा या शायद आख़री मौका उनके लिए नहीं हो सकता है। क्योंकि आज का दर्शक निर्देशकों के नाम से भी सिनेमा हॉल में जाने लगा है। उम्मीद है रीमा ने “गोल्ड” के रूप में अच्छा मनोरंजन और संदेश दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की होगी।

 

This Post Has One Comment

  1. बहुत ख़ूब।
    सचमुच महत्वपूर्ण कार्य, मगर रीमा कागती के लिए अभी और चुनौतियाँ शेष हैं।

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