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विशाल भारद्वाज ऐसे फ़िल्मकार हैं जो एक अलग तरह के सिनेमा के लिए जाने जाते हैं। स्वभाव से गंभीर, शांत और सरल विशाल की फिल्मों के किरदार उनके व्यक्तित्व से हमेशा जुदा ही रहे हैं। उनके द्वारा रचे गए किरदारों में आक्रोश, रंजिश, षड्यंत्र, लालच, फ़रेब और बदले के भाव ज़्यादा नज़र आए हैं। मुख्य किरदार के साथ-साथ विशाल ने सहायक किरदारों पर भी बख़ूबी काम किया है। चाहे वह “ओंकारा” का लंगड़ा त्यागी हो या फिर “मक़बूल” का “जहांगीर खान”।

अब विशाल एक नई फ़िल्म लेकर आ रहे हैं जिसका नाम है “पटाखा”। फ़िल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने खासा पसंद किया है। फ़िल्म राजस्थान के एक गाँव में दो बहनों की कहानी कहती है, जो एक दूसरे को फूटी आँख नहीं सुहाती। अब तक जिस किस्म की मारपीट, गाली-गलौच और कीचड़ युद्ध लड़के करते आए हैं, ठीक उसी तरह के झगड़े ये बहनें आपस में करती हैं। इनके मुंह से गालियां गोलियों की तरह निकलती हैं। इनके दिमाग के स्टॉक में एक दूजे के लिए बद्दुआओं का भी खज़ाना है। ये बीड़ी भी फूंकती हैं। दोनों एक दूसरे से हद दर्जे की नफरत करती हैं, लेकिन बदकिस्मती से दोनों की शादी भी एक ही परिवार के दो भाइयों से होती है। यहाँ से उनकी एक नई यात्रा शुरू होती है।

फ़िल्म में दोनों बहनों बड़की और छुटकी का किरदार राधिका मदान और सान्या मल्होत्रा ने निभाया है। सुनील ग्रोवर फ़िल्म में अलग ही रंग में नज़र आ रहे है। फ़िल्म में इनका किरदार भी महत्वपूर्ण है। खलनायक के रूप में सानंद वर्मा को लिया गया है जो “भाभी जी घर पर हैं” धारवाहिक में दर्शकों को ख़ूब हँसा चुके हैं। अभिनेता विजय राज दोनों बहनों के पिता का किरदार निभाते नज़र आएंगे। इनके अलावा फ़िल्म में नमित दास हैं, जिन्हें छोटे परदे के साथ बड़े परदे पर भी खूब देखा गया है। ख़ास बात यह कि फ़िल्म में अभिषेक दुहांन को भी कास्ट किया गया है जो इससे पहले फ़िल्म “सुल्तान” में छोटे से रोल में बेहतरीन अभिनय कर चुके हैं। विशाल भारद्वाज की यही ख़ासियत रही है कि वे अपनी फ़िल्म में कास्टिंग पर भी ख़ूब ध्यान देते हैं और एक अलग ही फ्लेवर का पैकेज दर्शकों के लिए लेकर आते हैं। गुलज़ार साहब के लिखे गीतों का टीवी पर प्रसारण शुरू हो चुका है। गीत “बलमा” और “हैलो-हैलो” सुनने लायक हैं। आइटम नम्बर पर इस बार मलाइका अरोड़ा ने नृत्य किया है, यह गीत “ओंकारा” के “बीड़ी जलई ले” की याद दिलाता है। क्योंकि आवाज़ रेखा भारद्वाज की है, बोल गुलज़ार साहब के और संगीत विशाल भारद्वाज का है। उस फ़िल्म में भी यही तिकड़ी थी, सिर्फ नृत्य बिपाशा बसु ने किया था। कथाकार चरणसिंह पथिक की लघु कथा “दो बहनें” पर आधारित फ़िल्म “पटाखा” सितम्बर के अंत में सिनेमाघरों में आएगी। देखना यह है की इस अनोखी कहानी के साथ नए कलाकारों ने कितना न्याय किया है।

 

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