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पर्यटन मानचित्र पर राजस्थान अग्रणी स्थान रखता है। त्याग,तपस्या, बलिदान और वीरों की अनूठी गाथाओं को अपने आंचल में समेटे शौर्य और साहस की यह धरती विदेशी सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है। सैलानी यहां आकार सुखद अनुभव करते हैं। यहां के रीति-रिवाज, मेले, त्यौहार, खान- पान, रहन- सहन सबकुछ अनूठा है। राजनीतिक दृष्टी भी राजस्थान का यें बड़ा महत्व है।

राज्य की सत्ता परिवर्तनशील रहती है। जनता ने किसी भी एक दल को लंबे समय तक शासन करने का मौका नहीं दिया है। लिहाजा सरकार के जाते ही कई जनकल्याणकारी योजनाएं राजनीति की भेंट चढ़ जाती हैं, जो योजनाएं भेंट नहीं चढ़तीं उनकी रफ्तार बहुत धीमी हो जाती है।

वर्ष २०१३ में हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत मिला। पार्टी ने २०० में १६३ सीटों पर अपना परचम फहराया। इसके एक साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को शतप्रतिशत सफलता मिली। राज्य के इतिहास में पहली बार भाजपा के २५ सांसदों ने सांसद की दहलीज पार की। भाजपा का यह विजय अभियान पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में भी जारी रहा। निकाय, राज्य और केन्द्र तक एक ही पार्टी की सरकार बनने से कड़ी से कड़ी जुड़ी। राज्य के विकास की दृष्टि से यह अच्छे संकेत थे। ऐतिहासिक जीत के साथ सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नया राजस्थान बनाने के लिए आगे बढ़ रही है।
केन्द्र और राज्य सरकारों ने राजस्थान के विकास को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। प्रदेश में कई छोट़ी- बड़ी सैंकड़ो योजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कहती हैं ग्रामोदय से भारत उदय और उज्ज्वला जैसी योजनाएं गांव विकास और गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाने का अभिनव प्रयास है। केन्द्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है, इसी का नतीजा है कि पिछले दो साल में जनता को जवाबदेह सुशासन प्राप्त हो रहा है। केन्द्र सरकार अपने वादों, इरादों और जनता की आशाओं पर खरी उतर रही है। उदय योजना के माध्यम से कुशल ऊर्जा युक्त एलईडी बल्बों के उपयोग को बढ़ावा, कृषि पम्पों, पंखों और विद्युत किफायती एयर-कंडीशनरों के साथ-साथ पी.ए.टी. (प्रदर्शन, प्राप्ति, व्यापार) के माध्यम से औद्योगिक उपकरणों के कुशल उपयोग से विद्युत की अत्याधिक मांग को घटाने, विद्युत भार को बांटने जैसे नवीकरणीय उपाय किए जाएंगे। इससे राजस्थान में ऊर्जा खपत को कम करने में मदद मिलेगी और वित्तीय वर्ष २०१९ तक तक करीब दो हजार करोड़ रूपये का लाभ होगा।
राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकारण के माध्यम से प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों एवं धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास का कार्य किया जा रहा है। उदयपुर संभाग के कमेरी राजसमंद में महाराणा राजसिंह और पन्नाधाय का पेनोरमा, डूंगरपुर के माण्डवा में कालीबाई का पेनोरमा, चित्तौड़गढ़ में संत रैदास और बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में राष्ट्रीय आदिवासी संग्रहालय बनाया जाएगा।
राजस्थान में ग्रामीण गौरव पथ, भामाशाह योजना, आरोग्य राजस्थान, स्किल डेवलपमेंट, आदर्श विद्यालय, सरकार आपके द्वार, न्याय आपके द्वार, अन्नपूर्णा भंडार, अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने सहित कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। पंचायत और नगरीय चुनावों में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तथा शौचालय की अनिवार्यता लागू की, इसकी देशभर में सहराना हुई।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का दावा है कि हमारी सरकार ने ढाई साल में हर क्षेत्र में जो विकास किया कांग्रेस पांच साल में भी नहीं कर पाई। राजस्थान कई क्षेत्रों में देश में प्रथम रहा है। चुनावी घोषणा पत्र की ७२ फीसदी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष २८ फीसदी पर भी जल्द पूरी होगी। सरकार ने अभिनव प्रयास करते हुए आम लोगों को राहत के लिए ‘सरकार आपके द्वार‘ कार्यक्रम चलाया। इसमें कुल ३,१४,४८८ आवेदन प्राप्त, ३,१४,०२० का निस्तारण किया जा चुका है। इसके बाद ‘आपका जिला- आपकी सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी जा रही है, कार्यकर्ताओं से फीडबैक और सरकारी अमले की कार्यशैली जांची जा रही है। फिलहाल यह कार्यक्रम सवाई माधोपुर, बाड़मेर, नागौर, झालावाड़ और भीलवाड़ा में हो चुका है। शेष जिलों में भी इसे जल्द पूरा किया जाएगा। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल के जरिए भी लखों शिकायतों का निस्तारण हो चुका है।
भामाशाह योजना- यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके जरिए बिना किसी मध्यस्थ के सरकार का शत-प्रतिशत पैसा जनता तक पहुंच रहा है। अब तक १ करोड़ २३ लाख परिवारों तथा ४ करोड़ ३२ लाख से अधिक व्यक्तियों का नामांकन हुआ है। करीब ६ करोड़ ११ लाख हस्तांरण के जरिए २७२२ करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में गए हैं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से १ करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं। आरोग्य राजस्थान योजना के जरिए घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच और गंभीर बीमारी होने पर उसका इलाज सरकार करा रही है। न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए वर्ष २०१५ में २१ लाख २० हजार ६१३ और २०१६ में ३७ लाख ५० हजार ५१५ राजस्व प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। राज्य को पेयजल संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान जैसी अनूठी पहल हुई है। ११०५ करोड़ रुपये खर्च कर ९० हजार कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। स्वयं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी इस अभियान की सराहना कर चुके हैं। बेटियां को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए ’मुख्यमंत्री राजश्री योजना’ शुरू की।
ग्रामीण गौरव पथ- गांवों को कीचड़ रहित करने के ग्रामीण गौरव पथ योजना के प्रथम चरण में १९२५ ग्राम पंचायतों में १६७० किमी सड़कें बनाई गई हैं। सरकार १७ किमी सड़कें रोज बना रही है। जबकि कांग्रेस सिर्फ ७ किमी सड़कें रोज बना पाई। ढाई साल में १० हजार ६०० करोड़ खर्च किए जबकि इस अवधि में कांग्रेस सरकार ५ हजार ३३५ करोड़ ही खर्च कर पाई। ग्रामीण गौरव पथ, मिसिंग लिंक्स, प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना सहित राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में पूरे देश में राजस्थान प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रति दिन पांच गांव सड़कों से जुड़ रहे हैं।
इनमें राजस्थान देश में प्रथम- स्वच्छ भारत मिशन शौचालय निर्माण, सौर ऊर्जा उत्पादन, स्ट्रीट लाइट लगवाने में, ई-मित्र के जरिए सेवाओं की ई-डिलीवरी प्रारम्भ करने में, ६१ मुख्य अधिनियम एवं १८७ संशोधन अधिनियमों को खत्म करने में, रोजगार सृजन के लिए श्रम कानूनों में संशोधन करने में, स्किल डेवलपमेंट में देश में दूसरी बार राजस्थान प्रथम, भामाशाह योजना में भी राजस्थान को गोल्ड मैडल, खानों की ई-नीलामी में, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में, राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा भण्डार के रूप में। इतना ही नहीं राष्ट्रीय सैम्पल संगठन के सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान देश का सबसे स्वस्थ राज्य है।

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