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सुप्रीम कोर्ट के द्वारा राम मंदिर पर फैसला टाले जाने के बाद क्या अब सरकार को अध्यादेश लाकर राम मंदिर का निर्माण करना चाहिए? अपनी बेबाक राय दें.

This Post Has 8 Comments

  1. Yes anyhow.. …must must. ….

  2. सर्वोच्च न्यायालय राम मंदिर प्रकरण में जल्द सुनवाई इसलिए नही कर रहा क्योंकि कांग्रेस यह चाहती है कि प्रकरण में 2019 के चुनाव तक फैसला न आए। BJP राम मंदिर के मार्ग की बाधाए हटाने का आश्वासन दे कर सत्ता में आई है। अतः उसे 2019 के चुनाव में राम भक्तो को जवाब देना पड़ेगा। विरोधी उसकी छबि बिगाड़ने के लिए बार बार मंदिर कब बनेगा यह पूछ रहे है। ऐसी स्थिति में इसके पास अध्यादेश जारी कर मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त करने के बगैर ओर कोई चारा नही है। यदि बिल राज्यसभा में पास नही हो सका तो भी खलनायक UPA बनेगा और BJP फिर सत्ता में आएगी। यदि बिल पास हो गया तो चुनाव पूर्व ही मंदिर बन जायेगा और उसका श्रेय BJP को मिलेगा। दोनो ही परिस्थितियों में सर्वोच्च न्यायालय को माध्यम बनाकर राम मंदिर के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने वाले कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसलिए सरकार को राम मंदिर के लिए तत्काल अध्यादेश जारी करना चाहिये।

  3. अध्यादेश जरुरी है

  4. सोमनाथ मन्दिर के जीर्णोद्धार सहित आजतक किये गये अनेकानेक सत्कार्यों हेतु, क्या कभी सर्वोच्च न्यायालय का मूँह देखा गया था? जो अब देख रहे हैं? आज जब, जनमानस की श्रद्धा न्याय व्यवस्था के प्रति समाप्त होती जा रही है,तो न्यायालयों को भी जनभावनाओं को पहचानकर उसी के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए।

  5. बिलकुल लाना चाहिए ।

  6. First of all Decision by Hon’ble supreme court is very unfortunate to extend the date of decision, when it was almost acceptable by the parties of both sides and sentiments of people was developed infavour of Ram Temple. In my view .. It may be persue as weaknees of our judicial system or it may be a motivated move. Because this decision came after the swearing ceremony of new CJI. If so and even if, considering sentiments of mejority of people in India Central Government must move to enact the law and grant permission to start most awaited Shri Ram Temple.

    Rahul Lonkar

  7. हा आवश्यक है …अध्यादेश हो सकता है पारित न भी हो
    लेकिन अध्यादेश लाना चाहिए ..जन मानस को ये विश्वास हो कि भाजपा राम मंदिर के लिए कटिबद्ध है

  8. अध्यादेश बोहोत पहले आना चाहिए था अभी भी अगर देर हो रही है तो ये हिन्दुत्व के साथ बायमानी है ।

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