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अपंग कल्याणकारी शिक्षण संस्था व संशोधन केंद्र वानवडी, पुणे का ६०वां स्थापना दिवस हाल ही में मनाया गया। संस्था ने नवम्बर २०१६ से दिसम्बर २०१७ यह वर्ष हीरक महोत्सव वर्ष के रूप में मनाने का निश्चय किया है। इस स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था से आत्मविश्वास, स्वावलंबन का पाठ तथा शिक्षा लेकर जीवन निर्वाह कर रहे भूतपूर्व विद्यार्थियों का स्नेह संमेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के लिए भारत सरकार के अपंग कल्याण विभाग के मुख्य आयुक्त मा. नितिन पाटील तथा सक्षम संस्था के संगठन मंत्री डॉ. के.सुकुमार को निमंत्रित किया गया था।

    संस्था के एक कार्यक्रम का फाईल फोटो

  इस अवसर पर संस्था के कुछ पूर्व विद्यार्थियों ने अपना मनोगत व्यक्त किया। आराधना सोनी-कुलकर्णी, जो स्टेट बैंक में नौकरी करती हैं, ने कहा कि यह संस्था उसका मायका है। आराधना ने १२ वर्ष इस संस्था में रह कर बारहवीं कॉमर्स की परीक्षा ७५% अंकों के साथ उत्तीर्ण की एवं बाद में एम.कॉम. तक शिक्षा ली। उसने कहा, ‘‘मैं इस संस्था में घुटनों के बल चल कर आई थी। मेरे ऑपरेशन व भौतिक उपचार के बाद मुझे बैसाखी व कॅलिपर के सहारे चलना सिखाया गया। उसी क्षण आत्मविश्वास दुगुना हो गया। मुझे संस्था में स्वावलंबन व आत्मविश्वास के पाठ मिले जिससे आज मैं समाज में स्वाभिमान से जी रही हूं। संस्था ने मेरे विवाह हेतु भी आवश्यक मदद की और आज मेरा सुखी संसार है।’’ स्वप्नाली तांबे एम.कॉम की पढ़ाई कर रही है। उसने संस्था में रहते हुए तैरना सीखा तथा संस्था के माध्यम से तीन बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया व स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ष फ्रांस में आयोजित दिव्यांगों की अंतरराष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता हेतु उसका चयन हुआ। वह इसका सारा श्रेय संस्था को देती है।

       राष्ट्रीय अपंग कल्याण विभाग के मुख्य आयुक्त श्री नितिन पाटील ने दिव्यांगों के लिए कुछ नई योजनाएं प्रारंभ की जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ आगामी एक दो वर्षों में सभी दिव्यांगों को प्राप्त होगा। इसी प्रकार दो वर्षों में दिव्यांगों को आवश्यक उपकरण वितरित करने हेतु चार कैम्प देश भर में आयोजित किए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ति भी दी जाती है। सक्षम के संगठन मंत्री डॉ. के सुकुमार ने भी अपनी बात रखते हुए कहा, ‘‘दिव्यांगों को यदि उचित समय पर सहायता मिल जाए तो वे सामान्य व्यक्ति की तरह जीवनयापन कर सकते हैं एवं उन्नति कर सकते है। इसलिए जिन्हें हम विकलांग कहते हैं वह विकलांगता उनमें न होकर देखने वालों की आंखों में हैं।’’

      कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के कार्याध्यक्ष एडवोकेट मुरलीधर कचरे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। संस्था के अध्यक्ष प्रदीप रावत, उपाध्यक्ष दिलीपभाई मेहता, उपकार्याध्यक्ष डॉ सतीश जैन, मानद सचिव लता बनकर, सहसचिव पोपट लोणकरी, चंद्रकांत खांदवे, कोषाध्यक्ष प्रकाश टिलेकर, उपकोषाध्यक्ष बापू जगदाले, अपंग कल्याण उपायुक्त नितिन ढगे, समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कोरगटीवार, एड.दादासाहेब बेंद्रे, एड किशोर बळीगार, एड मिलिंद महाजन, एड. विद्याधर कुलकर्णी, एड. सूर्यकांत खुर्पे, सदस्य प्रकाश शिंदे, मारुति राउत, जनसेवा बैंक के संस्थापक नाना कचरे, उपाध्यक्ष बाबासाहेब कचरे, भविष्य निर्वाह निधि आयुक्त कृष्ण थोरवे के साथ ही आमंत्रित सज्जन व संस्था के भूतपूर्व विद्यार्थी बड़ी संस्था में उपस्थित थे। सभी आमंत्रित मेहमानों एवं दिव्यांग विद्यार्थियों ने दीपोत्सव मनाया। लताताई बनकर के आभार प्रदर्शन किया।

 

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