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वैसे तो हर कोई चाहता है कि, उसका घर सुंदर लगे, और आने जाने वालों के लिए मिसाल बने। लेकिन घर को सुंदर सजा संवार कर रखना कोई आसान बात तो नहीं। आजकल कोई फेंगशुई के सामान से घर को सजाता है, तो कोई चायनीज सजावटी सामान से। कोई मिट्टी के बर्तनों से तो कोई विविध कांच के झूमर और शो पीस से। लेकिन मेरी दादी हमेशा कहा करती थी घर तो वही सुंदर होता है, जो हराभरा हो। मतलब घर की सुंदरता उसमें लगे पेड़ पौधों से होती है। पुराने जमाने में घर बड़े हुआ करते थे। हर घर पर एक सुंदर सा बागीचा होना एक साधारण सी बात थी। समय बदला और समय के साथ लोगों का रहन सहन और जीने का ढंग भी बदला। पहले के बंगलों ने अब लंबी लंबी इमारतों की, और घरों ने फ्लैट की जगह ले ली। दादी की आंखों के सामने वाली घर की सुंदरता तो अब न रही, लेकिन फिर भी आज भी पेड़ पौधों के माध्यम से घर को निश्चित ही सुंदर रखा जा सकता है। पर्यावरण पूरक और मन को शीतलता देने वाले साथ ही विविध औषधि गुणों से युक्त ये पौधे घरों कों सुंदर भी बनाते हैं, और पर्यावरण की रक्षा भी करते हैं।
तुलसी वृंदावन: घर की सुंदरता और समृद्धि का परिचायक है यह तुलसी वृंदावन। जमाना कितना भी मॉडर्न क्यों ना हो गया हो, दादी मां के संस्कार होना आज भी जरूरी है। और यह तुलसी वृंदावन उन्हीं संस्कारों की देन है। ऐसा कहते हैं, जिस घर में तुलसी वृंदावन होता है वहां परेशानियां और बीमारियां कभी नहीं आतीं। यह सत्य भी है। तुलसी भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करती है, जिससे वायु स्वच्छ रहती है। इसके अलावा विविध रोगों जैसे सर्दी, दस्त, सांस की तकलीफ, चोट लगने पर, व त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए तुलसी किसी वरदान से कम नहीं। विविध औषधि गुण होने के कारण और पर्यावरण में भरपूर मात्रा में प्राणवायु उपलब्ध करने के कारण तुलसी का घर में होना आवश्यक है। साथ ही, मिट्टी के सुंदर सजे हुए वृंदावन (बिरवा) बाल्कनी में, बरामदे में या बेडरूम की खिड़की के पास भी बहुत सुंदर लगते हैं। इससे घर संपन्न लगता है।
छोटा सा किचन गार्डन: घर का किचन, विविध पौधों से सजा हुआ हो तो और भी सुंदर लगता है। और पौधों के कारण किचन में ताजगी भी बनी रहती है। लेकिन ये पौधे केवल शो के लिए ना रख कर यदि छोटा सा किचन गार्डन बना लिया जाय तो फिर क्या कहने। इसमें रोज की जरूरी सब्जियां जैसे टमाटर, मिर्च, नींबू आदि के पौधे लगाए जा सकते हैं, एक समय के बाद ये पौधे बहुत अच्छा फल देते हैं। साथ ही अपने बच्चों की तरह इन पौधों को बढ़ता हुआ देखना भी बहुत सुखदायी होता है। साथ की गिल्की, परवल आदि की बेलें लगा कर घर में ही सब्जियां उगाई भी जा सकती हैं। ये बेल सुंदरता तो प्रदान करती ही हैं, साथ ही लाभदायक सब्जियां भी देती हैं। इसके अलावा कई तरह की सब्जियों के छोटे बड़े पौधों का समावेश इस किचन गार्डन में किया जा सकता है।
छोटा सा पॉंड: घर में बाल्कनी में या आते ही साथ बरामदे के बाजू में छोटा सा पानी से भरा हुआ पॉंड हो, तो घर की सुंदरता बढ़ जाती है। ऐसे पॉंड में तैरने वाले पौधे, कमल आदि लगाए जा सकते हैं। दीवाली के दिनों में इन पॉंड्स में तैरने वाले दिये छोड़े जाए तो इनकी सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। इसके अलावा बेडरूम की बाल्कनी में भी इस तरह के पॉंड रखे जा सकते हैं। बेडरूम में प्रसन्नता लाने के लिए इन्हें सजाया जा सकता हैं, सुगंधित दिये और छोटे छोटे तैरने वाले पौधे इसमें डाल कर माहौल भी बदला जा सकता है। बस इसका पानी बार बार बदलते रहें और इसकी सफाई का विशेष ध्यान रखें अन्यथा इसमें छोटे कीड़े और मच्छर पैदा हो सकते हैं, जो आपके घर की सुंदरता को खराब तो करेंगे ही, साथ ही बीमारियां भी फैलाते हैं। यदि काफी दिन तक पानी ना बदला जाए तो पानी में से एक प्रकार की गंध आने लगती है। इसलिए इसकी सफाई रखना बहुत आवश्यक है। यदि पूरी सावधानी बरती जाए और सफाई रखी जाए, तो जरूर ही यह आपके घर की सुंदरता को बढ़ाएगा।
बोनसाई पौधे: वैसे तो बोनसाई पौधे यानी बड़े पौधों का ही छोटा रूप। लेकिन ऐसा कहा जाता है, इससे पौधों की ग्रोथ पर असर होता है, और उनकी बढ़त रुक जाती है। फिर भी आज के फ्लैट के जमाने में जिन घरों में बड़े बड़े पेड़ लगाना संभव नहीं होता, उन घरों में बोनसाई पौधों का एक विकल्प उपलब्ध है। बोनसाई कई प्रकार के होते हैं, और इनकी विशेष देखभाल करनी पड़ती है। जापानी भाषा में बोनसाई याने की बौने पौधे। बड़े पौधों की छोटी आकृति याने बोनसाई। इन्हें गमलों में भी लगाया जा सकता है। इसमें सदाबहार वृक्ष जैसे अनार, आम, अमलताश, नींबू, गुलमोहर, पीपल, बरगद, लीची, चीड, नीम आदि पेड़ शामिल हैं। बोनसाई आकर्षण का केंद्र होने के कारण सुंदर भी लगते हैं।
विविध फूलों वाले गमले: फूलों को देखते ही मन प्रसन्नता से भर जाता है। सोचिए, अगर आपके घर में सुंदर सुंदर फूलों के कई गमलें हों तो? आज फ्लैट और ड्यूप्लेक्स के जमाने में वैसे तो ढेर सारे गमले रखना संभव नहीं होता। लेकिन बाल्कनी में सुंदर फूलों की सजावट की जाए, बेल पर लवेंडर के फूल हों, सुंदर गुलाबी, लाल, पीले रंग के गुलाब हों, सफेद, नारंगी, गुलाबी रंग के जासौंध के फूल हों तो घर की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे। साथ ही भगवान की पूजा के लिए, माला के लिए घर के ही फूल मिला करेंगे। घर में फूलों के गमले होना अपने आप में ही सुंदरता को बयां करता है।
विविध फलों के पेड: हालांकि यह तभी संभव है जब घर थोड़ा बड़ा हो, या घर सबसे नीचे की मंजिल पर हो। चीकू, अमरूद, आम के पेड़ घर की संपन्नता को बयां करते हैं। पेड़ पौधे लगे होने से घर में चिड़िया, कौए, गिलहरी की आवाजाही भी बनी रहती है। प्रकृति घर के बच्चों की दोस्त होती है, और बड़ों की साथी। कुछ सालों में घर के ताजा फल मिलते हैं, और हर तरह पौधों से घर परिपूर्ण लगने लगता है। घर की सुंदरता केवल सुंदर रंग और फर्नीचर से नहीं होती। जब तक घर में प्रकृति का वास ना हो, तब तक वह घर सुंदर नहीं कहलाता। यह फलों से लदे पेड़ घर में खुशी, संपन्नता के परिचायक हैं।
यूं तो हर घर में एक ना एक पौधा होता ही है। लेकिन इन पौधों में औषधि पौधों का समावेश कर लिया जाए, विविध रंगों के सुंदर फूलों का और पर्यावरण के लिए आवश्यक पौधों का समावेश कर लिया जाए तो घर इको फ्रेंडली भी रहेगा और सुंदर भी। इस सीमेंट के जंगल में आंखों को शीतलता, कानों को पक्षियों का कलरव और मन को शांति देने के लिए घरों में पेड़ पौधों की सजावट बहुत आवश्यक है।

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