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किसी के प्रति अपना प्यार जताने के लिए उसे गले लगाना एक छोटी-सी मासूम और निश्चछल शारीरिक पहल है, लेकिन इसका मनोवैज्ञानिक असर कितना बड़ा है, इसे जानकर आप हैरान रह जायेंगे. जब आप किसी को गले लगाते हैं, तो उसका मूड कितना भी ऑफ क्यों न हो, वह उस वक्त खुद को हल्का महसूस करने लगता है और उसके मन में आपके प्रति जो भी गिले-शिकवे होते हैं, वे कम या खत्म हो जाते हैं. कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी में हुए एक शेाध में यह बात सामने आयी है. यह शेाध माइकेल मर्फी और उनके सहयोगियों डेनिस जैंकी और शेल्डन कोहेन द्वारा किया गया था.

       इस शोध परिणाम में यह पाया गया कि जिन लोगों का दूसरों के साथ अंतर्वैयक्तिक संपर्क अधिक होता है, वे शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ होते हैं और उनके संबंध भी दूसरों की तुलना में बेहतर होते हैं. शोधकर्ताओं की परिकल्पना थी कि अंतर्वैयक्तिक स्पर्श दो लोगों के बीच मानसिक तनाव की स्थिति में एक बफर स्पेस बनाते हैं, जिसके प्रभावस्वरूप सामने वाला व्यक्ति (जिसे गले लगाया जाता है) अपनी कड़वाहट को भूलाने या मिटाने के लिए प्रेरित होता है.

किसी को गले लगाने से व्यक्ति को जो सुकून और खुशी महसूस होती है, उसके  फलस्वरूप शरीर में ऑक्सीटोसीन और सैर टॉक्सिन नामक हार्मोन का स्तर  बढ़ता है, जो तनाव को कम करने में सहायक होता है. इससे उच्च रक्तचाप में  कमी आती है, तनाव और बेचैनी कम होती है और इससे आपकी स्मरण शक्ति भी  बेहतर होती है. गौरतलब है कि ऑक्सीटोसिन को माता-पिता, बच्चे और दम्पतियों  के बीच आपसी प्यार बढ़ाने के लिए प्रमुख कारक माना जाता है. सक्रिय संबंध में  रह रहे साथियों के बीच ऑक्सीटोसिन का स्तर अधिक पाया जाता है. महिलाओं  में बच्चे को जन्म देते वक्त और स्तनपान कराते वक्त इस हार्मोन का स्राव होता है, जिससे माता और बच्चे के बीच लगाव बढ़ता है. शोधार्थियों के मुताबिक अपने प्रियजनों को गले लगाने वाले व्यक्ति के स्वभाव का रूखापन भी समाप्त होता है और उसमें समय के साथ मधुरता का विकास होता है.हालांकि पूर्व में वियेना यूनिवर्सिटी में किये गये एक अध्ययन में यह पाया गया था कि गले लगाने का फायदा तभी मिलता है, जब गले लगने वाले दोनों व्यक्ति एक दूसरे को जानते हों और एक-दूसरे पर भरोसा करते हों. इसी वजह से किसी को गले लगाते वक्त व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए. यदि किसी अंजान व्यक्ति को गले लगाता है, तो कई बार इसका उल्टा प्रभाव भी हो सकता है. यह शोध पूरी तरह से रोमांटिक रिलेशनशिप पर फोकस्ड था.

इसके विपरीत मर्फी और उनके सहयोगियों द्वारा किये गये अध्ययन में वैसे सभी लोग शामिल किये गये थे, जो कि एक सामाजिक दायरे में रहते हैं. उन्होंने गले लगाने के व्यवहार को सापेक्षिक रूप से एक सामान्य सामाजिक व्यवहार मानते हुए यह परिकल्पना की कि इससे अंतर्वैयक्तिक संबंधों में मजबूती आती है. उन्होंने लगातार कुल 14 दिनों तक 404 पुरुषों और महिलाओं ये उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक संघर्षों, उन्हें किसी के द्वारा झप्पी देने की संख्या और इस वजह से उनके मूड में होनेवाले सकारात्मक और नकारात्मक बदलाव से  संबंधित कुछ प्रश्न पूछे गए थे.

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