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इतिहास को देख कर लगता है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी न होकर राजतंत्र की तरह वंशवादी एवं परिवारवादी पार्टी है।वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाना और उसके बाद अब प्रियंका वाड्रा को महासचिव बनाने से यह स्प्ष्ट होता है कि कांगेस लोकतांत्रिक पार्टी न होकर एक परिवारवादी पार्टी है।21 वीं सदी के दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में आज भी वंशवादी कांग्रेस पार्टी को समर्थन देना कहां तक उचित है ? एक परिवार के एकाधिकार से कांग्रेस को मुक्ति कब मिलेगी ? अपनी बेबाक राय दे.

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  1. आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार ही यह सुनिश्चित करेगी की भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में वंशवाद परिवारवाद को कोई स्थान नहीं, जिसे सत्ता में आना है लोकतांत्रिक पद्धति से आए अन्यथा इस देश को स्वीकार नहीं है।

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