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केंद्र सरकार में पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का देहांत हो गया है। वह बुधवार रात तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनिल माधव की मौत पर दुख जताया। अनिल माधव दवे 60 साल के थे। वह काफी समय से बीमार थे, और एम्स में भर्ती थे। दवे 5 जुलाई 2016 में केंद्रीय मंत्री बने थे, वह मध्यप्रदेश बीजेपी का बड़ा चेहरा थे।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने श्री अनिल दवे के निधन पर दुख जताया। कहा- दोस्त और एक आदर्श साथी के तौर पर अनिल माधव दवे जी की मौत से दुखी हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। लोक हित के काम के लिए दवे जी को याद रखा जाएगा। कल शाम ही वे मेरे साथ थे। हमने कुछ पॉलिसी इश्यू पर चर्चा भी की थी। उनका जाना मेरे लिए निजी क्षति है।

दवे का जन्म छह जुलाई 1956 को उज्जैन के भदनगर में हुआ था। इंदौरा के गुजराती कॉलेज से एम कॉम करने वाले अनिल शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे और नर्मदा नदी बचाओ अभियान में काम कर रहे थे।
संघ के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन शुरू करने वाले अनिल माधव दवे एक आम भाजपा कार्यकर्ता से राजनीतिक सफर शुरू कर केंद्रीय मंत्री पद तक पहुंचे थे। मध्यप्रदेश भाजपा के मुख्य चुनावी रणनीतिकार के रूप में उनकी पहचान थीं।
अनिल दवे को एक प्रखर प्रवक्ता के तौर पर जाना जाता था। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा पर अच्छी पकड़ थी। प्रश्नकाल में सवालों का जो जवाब देते थे उसके लिए विपक्ष भी उनकी तारीफ करते थे।

श्री दवे जी का निधन देश के लिए एक अपूर्णीय क्षति हैं जिसे पूरा कर पाना संभव नही हैं।
हम शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि पूण्य आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें।

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