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चैंपियंस ट्राफी के दूसरे मैच में एक ही महाद्वीप की दो टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी,लेकिन उस उम्मीद को बारिश ने तीन बार खलल डालकर तोड़ दिया और मैच को अंत मे रद्द करना पड़ा।इस मुकाबले को देखने पहुचे दर्शकों को मायूसी हाथ लगी और तीन बार बारिश के खलल पर वह येही कह रहे थे कि तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा।मैच बारिश के चलते भले ही रद्द कर दिया गया,लेकिन इसमें दोनों टीमों के एक-एक खिलाड़ी ने अपनी छाप छोड़ी।पहले थे न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन जिन्होंने शानदार शतक लगाया और दूसरे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जोश हेज़लवुड जिन्होंने 6 विकेट चटका कर न्यूजीलैंड का स्कोर 300 के पार जाने से रोका।

 

बता दें कि दूसरे मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बारिश के खलल के बाद मैच रद्द कर दिया गया। कीवी टीम ने कप्तान केन विलियमसन ने शानदार तरीके से 97 गेंदों में 8 चौकों और 3 छक्कों की मददे से 100 रन, ल्यूक रॉन्की ने 3 छक्कों और 9 चौकों की सहायता से 43 गेंदों में 65 रन और रॉस टेलर ने भी 46 रनों का मदद} से 291 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए जोश हेजलवुड ने 52 रन देकर 6 विके अपने नाम किया। उन्होंने 45वें ओवर में 3 विकेट लिए कीवियों को 291 पर ही ऑलआउट कर दिया। जॉन हेस्टिंग्स ने 69 रन देकर 2 विकेट चटकाए। इसके अलावा पैट कमिंस के का खाते में भी 1 विकेट आया। बारिश के चलते D/L नियम का आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 33 ओवर में 235 रन का लक्ष्य दिया गया।लेकिन फिर से बारिश आने तक ऑस्ट्रेलिया ने 9 ओवर में 3 विकेट गंवाकर 53 रन बना लिए थे। क्रीज पर स्टीव स्मिथ 8 रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड के लिए एडम मिल्न ने 2 और ट्रेंट बोल्ट ने 1 विकेट लिया। वॉर्नर और ऑनरीकेज ने 18 तथा फिंच ने 8 रन बनाए। मैच रद्द होने के चलते दोनों टीमों को 1-1 अंक मिले।

मैच : साउथ अफ्रीका वर्सेज श्रीलंका
तारीख : ३ जून
मिनी विश्व कप यानि चैंपियंस ट्रॉफी २०१७ का आगाज १ जून से हो चुका है। ३ जून को होने वाले मुकाबले में जो दो टीम एक दूसरे से भिड़ेंगी,वो हैं चोकर्स का धब्बा पाने वाली साऊथ अफ्रीका और वर्तमान में बदलाव के दौर से गुज़र रही अंडरडॉग टीम श्रीलंका। इन दोनों टीमों पर अपने-अपने ऊपर लगे टैग को हटाने का दबाव होगा और इस दबाव के चलते दोनों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों टीमों के खिलाडियों की बता करे तो साउथ अफ्रीका का पलड़ा श्रीलंकाई शेरो के सामने भारी नज़र आ रहा है।

आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान पर विराजमान साउथ अफ्रीका की बात करे तो इस टीम में बल्लेबाजों की ऐसी फौज है जो कि अपने दिन पर विरोधी के मुंह से जीत छीनकर ला सकते हैं। इस टीम के कप्तान एबी डीविलियर्स हैं जिन्हें मौजूदा दौर का सबसे खतरनाक बल्लेबाज माना जाता है और वह इस समय वनडे रैंकिंग के नंबर एक बल्लेबाज भी हैं। साथ ही विकेटकीपर डिकॉक, हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिस जैसे बड़े बल्लेबाज भी हैं जो कि किसी भी गेंदबाजी अटैक का दम निकाल सकते हैं।पिछले एक साल में फाफ डु प्लेसिस 11 मैच में 72.88 के औसत से 656 रन बना चुके हैं जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक भी शामिल है। कप्तान एबी डिविलियर्स ने भी 11 मैच में 68.28 के औसत से 478 रन बनाए हैं,वहीं हाशिम अमला 434 और क्विटंन डी कॉक 428 रन बना चुके हैं। साउथ अफ्रीका की गेंदबाज़ी की बात करे तो रबाडा,क्रिस मॉरिस,वेल पार्नेल जैसे तेज गेंदबाज अपनी रफ्तार से श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। इस टीम में दुनिया के नंबर वन गेंदबाज इमरान ताहिर भी हैं जो कि विकेट हासिल करने में माहिर हैं और जिनका जलवा आईपीएल में भी देखने को मिला है।इस लेग स्पिनर ने पिछले एक साल में 11 मुकाबलों में 16 विकेट अपने नाम किए हैं. वेन पार्नेल,रबाडा,क्रिस मॉरिस ने 15-15 विकेट अपने नाम किए हैं।

पिछले एक साल के रिकॉर्ड की बात करें तो अफ्रीका ने 23 में से 16 वनडे मैच जीते हैं और सिर्फ 6 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। चैंपियंस ट्रॉफी में टीम ने अबतक 21 मुकाबले खेले हैं जिसमें से उसे 11 में जीत 9 में हार मिली है जबकि एक मैच बेनतीजा रहा है।देखने में यह टीम बेहद संतुलित दिखती है,लेकिन इसकी एकमात्र कमजोरी दबाव में बिखर जाना है,जिसका फायदा श्रीलंकाई टीम शुरुवात में कुछ विकेट निकालकर उठाने की कोशिश जरूर करेगी। अफ़्रीकी टीम का इतिहास रहा है कि वो हर बड़े टूर्नामेंट के लीग मुकाबलों में गजब का प्रदर्शन करती है लेकिन निर्णायक मैचों में उसका प्रदर्शन अकसर गिर जाता है जिससे उसे हार का सामना करना पड़ता है। 2015 वर्ल्ड कप में इस टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया लेकिन सेमीफाइनल में उसे न्यूजीलैंड से 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी। 2016 में हुए वर्ल्ड टी20 में तो ये टीम सेमीफाइनल में ही जगह नहीं बना सकी।

वही एशियाई टीम श्रीलंका की बात करे तो संगाकारा,जयवर्धने और दिलशान जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही श्रीलंकाई टीम मैच में कुछ नए-पुराने नामों के साथ आगाज करेगी।इसी के चलते इस बार के टूर्नामेंट में श्रीलंका को अंडरडॉग के तौर पर देखा जा रहा है। आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-7 तक लुढक चुकी इस टीम के पास बड़े नाम भले ही न हों, मगर मौका मिलने पर उलटफेर करने वाले चपल-चतुर खिलाड़ी अवश्य हैं।एंजेलो मैथ्यूज की सेना ट्रॉफी जितने का माद्दा भले ही न रखे, मगर दूसरों का स्वाद किरकिरा जरूर कर सकती है।इस मैच में श्रीलंका को अपने कप्तान एंजेलो मैथ्यूज के अलावा बल्लेबाज दिनेश चांदीमल,ऑलराउंडर थिसारा परेरा और तेज गेंदबाज नुवान कुलासेकरा और लसिथ मलिंगा से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी। श्रीलंका के पास लसिथ मलिंगा नामक एक ऐसा ब्रम्हास्त्र है जो साउथ अफ़्रीकी टीम के मुश्किलें पैदा कर सकता है। मलिंगा पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह शुरुवाती ओवरों में कुछ विकेट निकाल कर अफ़्रीकी टीम को दबाव में लाएं।चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका के रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने अब २३ मैच खेलें हैं। इसमें 13 मैचों में जीत मिली है, जबकि 9 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है और 1 मैच बेनतीजा रहा, जो कि 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल था।श्रीलंकाई टीम को 3 जून को दक्षिण अफ्रीका, 8 जून को टीम इंडिया और 12 जून को पाकिस्तान से भिड़ना है।

पन्नो पर साउथ अफ्रीका के मुकाबले श्रीलंका भले ही थोड़ी कमजोर नज़र आ रही हो,लेकिन कहते हैं न क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें जबतक आखिरी गेंद न फेंक दी जाए,तब तक परिणाम का अंदाज़ा लगाना बेमानी होता है।

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