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साउथ अफ्रीका पर “चोकर्स” का जो धब्बा लगा था,वह अब भी जारी रहा।अफ्रीका पर यह धब्बा इसलिए लगा था कि जब कोई महत्वपूर्ण मैच होता है और उसमें करो या मरो का मुकाबला होता है तो वह उस दबाव को झेल नही पाती।कुछ ऐसा ही चैंपियंस ट्रॉफी के भारत के खिलाफ हुए मुकाबले में हुआ।इस मैच में दोनों टीमों पर पर यह दबाव था कि जो जीतेगा सेमीफाइनल में जायेगा और जो हारेगा वो बाहर।इस दबाव को अफ्रीकी टीम झेल नही पाई और शानदार भारतीय गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के सामने घुटने टेक दी और भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज करते हुए शान से सेमीफाइनल में प्रवेश किया।इस महत्वपूर्ण मैच में अफ्रीका पर दबाव होने का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके बेहतरीन खिलाड़ी रन आउट हुए।इस मुकाबले ने साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुवात की,लेकिन 76 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद जो सिलसिला विकेट गिरने का शुरू हुआ,वह अंत तक नही रुका और पूरी टीम 44.3 ओवरों में 191 रन बनाकर आउट हो गई।डि कॉक ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाये, जबकि अमला ने 33 रन की पारी खेली।भारतीय गेंदबाजों ने शुरुवात से ही अफ्रीकी बल्लेबाजों पर जो दबाव बनाया,उसमें वह बिखरते चले गए।191 रनों के पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहला झटका हालांकि 23 रन के योग पर ही लग गया,लेकिन उसके बाद कप्तान विराट कोहली और शिखर धवन ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली और टीम को जीत के द्वार तक ले गए।मैच का समापन युवराज सिंह ने शानदार छक्के के साथ किया।सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होगा।

आज का मुकाबला : श्रीलंका वर्सेज पाकिस्तान

जीतने वाली टीम को मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी रोमांचक मोड़ पर है।इन दिनों खेले जा रहे लीग मैच भी “नॉकआउट” की तरह हो गए हैं। इसे देखते हुए टीमें अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने में लगी हैं।इसी क्रम में आज एक महत्वपूर्ण मुकाबला बदलाव के दौर से गुज़र रही श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच करो या मरो वाला अंतिम लीग मैच खेला जाना है।इस मुकाबले में दोनों टीमों में से जो टीम जीत दर्ज करने में कामयाब होगी,उसे सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा।दोनों टीमों की बात करें तो इनका प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में मिला-जुला रहा है।दोनों अपना पहला मुकाबला तो हार गई थी,लेकिन पिछले मैच में दोनों ने अपने विपक्षियों पर जीत दर्ज की।पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका को तो श्रीलंका ने भारत को हराया।श्रीलंकाई टीम की अगर बात करे तो इस टीम को टूर्नामेंट की शुरुवात से ही खिताब के दावेदारों में नही गिना जा रहा था, क्योंकि इसमें नए खिलाड़ी ज्यादा हैं और पुराने और अनुभवी गिने- चुने।श्रीलंका ने भारत के खिलाफ मैच में जिस तरह से 321 में लक्ष्य को हासिल किया है,उससे लोगों का ध्यान उस पर जरूर गया है।खासकर नए बल्लेबाजों कुशल परेरा,गुणारत्ने और धनुषा ने।कप्तान एंजिलों मैथेउज ने भी पिछले मैच में अच्छी बल्लेबाजी की।ऐसे में कप्तान मैथेउज अपने बल्लेबाजों से पिछले मैच की तरह ही प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे,हालांकि मैच से चोट के चलते कुशल परेरा के बाहर होने से श्रीलंका को जरूर एक बड़ा झटका लगा है।श्रीलंका की मुख्य समस्या उसकी गेंदबाजी रही है।मलिंगा,लकमल अनुभवी तो हैं,लेकिन अभी तक उसके अनुरूप प्रदर्शन नही कर पाए हैं और खूब रन लुटाए हैं।हालांकि नुवान प्रदीप ने जरूर अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया है।स्पिन विभाग में श्रीलंका के पास अनुभवी स्पिनरों की कमी है।वही पाकिस्तानी टीम की बात करे तो उसे भी खिताब की दौड़ में नही गिना जा रहा था,लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उससे अगर वह श्रीलंका को हरा दे तो ताज़्ज़ुब की बात नही होनी चाहिए।पाकिस्तान का सबसे मजबूत पक्ष उसकी गेंदबाजी है और आमिर,वहाव रियाज,हसन अली और जुनैद की शानदार गेंदबाजी के दम पर ही अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान को जीत मिली थी।कप्तान सरफराज अहमद इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद अपने गेंदबाजों से कर रहे होंगे।पाकिस्तान के लिए उसकी बल्लेबाजी अभी तक मुख्य समस्या रही है।टीम में अहमद सहजाद,अज़हर अली,मोहम्मद हाफिज और शोएब मलिक जैसे कई अनुभवी खिलाड़ी है,लेकिन सभी अभी तक लय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।अगर पाकिस्तान को इस महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज करनी है तो इन बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा।साथ ही साथ नए खिलाड़ियों में जोश भरना होगा,क्योंकि उनमें अनुभव की कमी है।संक्षेप में कहे तो जो टीम इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करेगी,वही सेमीफाइनल के टिकट की बाजी मारेगी।

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